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Digital Life Certificate: अब स्मार्टफोन से face authentication कर बनाएं जीवन प्रमाणपत्र

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने 4 नवंबर 2026 को प्रयागराज मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में डीएलसी मेगा कैंप-5 में हिस्सा लिया। यह जानकारी उन पेंशनभोगियों के लिए है जो बैंक जाकर जीवन प्रमाणपत्र देने की परेशानी से बचना चाहते हैं।

सांकेतिक तस्वीर · Pixabay (Firmbee)
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आपके लिए इसका मतलब

अगर आप पेंशन पाते हैं, तो अब स्मार्टफोन से face authentication के जरिए अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) बना सकते हैं। इससे बार-बार बैंक या दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। विभाग ने पेंशनभोगियों से इस सुविधा को समझने और दूसरे लोगों को भी बताने को कहा है।

मुख्य बातें

  • डीओपीपीडब्ल्यू ने 4 नवंबर 2026 को प्रयागराज में डीएलसी मेगा कैंप-5 में भाग लिया
  • शिविर का आयोजन उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने एसबीआई के सहयोग से किया
  • फेस ऑथेंटिकेशन से स्मार्टफोन पर जीवन प्रमाणपत्र बनाया जा सकता है
  • यह राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान-5 का हिस्सा है

क्या हुआ

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने 4 नवंबर 2026 को प्रयागराज मंडल के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में लगे राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) मेगा कैंप-5 में हिस्सा लिया। इस शिविर का आयोजन उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के सहयोग से किया।

किसे फ़ायदा होगा

यह सुविधा उन लोगों के लिए है जो पेंशन पाते हैं। विभाग के संयुक्त सचिव श्री ध्रुवज्योति सेनगुप्ता ने शिविर में पेंशनभोगियों से बात की और उन्हें फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक अपनाकर अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इससे पेंशनभोगी स्मार्टफोन के जरिए आसानी से जीवन प्रमाणपत्र बना सकते हैं और उन्हें बार-बार बैंक या दूसरे कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

क्या बदलता है

जीवन प्रमाणपत्र यह बताने का तरीका है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है। अब इसे फेस ऑथेंटिकेशन से स्मार्टफोन पर बनाया जा सकता है, जिससे कागजी काम और चक्कर कम होते हैं। श्री सेनगुप्ता ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का जीवन आसान बनाने में डिजिटल सशक्तीकरण की अहम भूमिका है।

आगे क्या करें

विभाग ने पेंशनभोगियों से अपील की है कि वे इस डिजिटल सुविधा को समझें और खासकर वरिष्ठ नागरिकों को भी इसका लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करें। अधिकारियों से कहा गया है कि वे डिजिटल सेवाओं को अपनाने के प्रयास तेज करें ताकि कोई भी पात्र पेंशनभोगी वंचित न रहे।

कौन-कौन मौजूद रहा

शिविर में प्रयागराज मंडल के डीआरएम श्री रजनीश अग्रवाल, यूआईडीएआई के निदेशक श्री आकाश दीप, उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय के पीसीपीओ श्री मुदित चंद्र और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। विज्ञप्ति में किसी आखिरी तारीख का जिक्र नहीं है।

सवाल-जवाब

Digital Life Certificate क्या है?

यह पेंशनभोगी के जीवित होने का डिजिटल प्रमाण है, जिसे अब फेस ऑथेंटिकेशन से स्मार्टफोन पर बनाया जा सकता है। इससे बैंक या दफ्तर बार-बार जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

जीवन प्रमाणपत्र स्मार्टफोन से कैसे बनाएं?

विभाग के अनुसार पेंशनभोगी फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक अपनाकर स्मार्टफोन के माध्यम से अपना जीवन प्रमाणपत्र बना सकते हैं। इसके लिए बैंक या अन्य कार्यालय जाना जरूरी नहीं है।

डीएलसी अभियान-5 क्या है?

यह राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान है, जिसके तहत पेंशनभोगियों को डिजिटल सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जाता है। प्रयागराज में इसका मेगा कैंप लगाया गया।

क्या इसके लिए कोई तारीख या आवेदन की आखिरी तारीख बताई गई है?

विज्ञप्ति में किसी आखिरी तारीख या आवेदन की तारीख का जिक्र नहीं है। इसमें सिर्फ शिविर और अभियान की जानकारी दी गई है।

स्रोत: PIB, "डीओपीपीडब्ल्यू ने रेलवे के प्रयागराज मंडल में डीएलसी-5 जागरूकता शिविर के जरिए पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया", 4 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें

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