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वयो सम्मान राष्ट्रीय अभियान शुरू: 18 साल से ऊपर के लोग वयो साथी स्वयंसेवक बन सकते हैं

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 4 नवंबर को दिल्ली में ‘वयो सम्मान राष्ट्रीय अभियान’ का शुभारंभ किया, जिसका मकसद बुज़ुर्गों और युवाओं के बीच जुड़ाव बढ़ाना है। इसके तहत 18 साल और उससे ज़्यादा उम्र का कोई भी नागरिक वयो साथी स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण करा सकता है।

सांकेतिक तस्वीर · Pixabay (AlisaDyson)
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आपके लिए इसका मतलब

अगर आप 18 साल या उससे ज़्यादा के हैं, तो आप इस अभियान में स्वयंसेवक बनकर बुज़ुर्गों की मदद कर सकते हैं। इसके लिए वरिष्ठ नागरिक कल्याण (SCW) समावेश पोर्टल या जीवन ऐप पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण कराने वाले स्वयंसेवकों को वयो साथी प्रमाणपत्र मिलेगा। अगर आप बुज़ुर्ग हैं और स्वयंसेवक नहीं बनना चाहते, तो भी आपको इस अभियान से जुड़ी गतिविधियों का फ़ायदा मिल सकता है।

मुख्य बातें

  • अभियान की शुरुआत 4 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में होगी
  • वयो साथी स्वयंसेवक के लिए उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए
  • पंजीकरण SCW समावेश पोर्टल या जीवन ऐप से होगा
  • अभियान 12 विषयगत क्षेत्रों में लागू होगा
  • 60 साल से ऊपर की आबादी 2011 के लगभग 10 करोड़ से 2036 तक 23 करोड़ होने का अनुमान

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय राष्ट्रीय राजधानी में ‘वयो सम्मान राष्ट्रीय अभियान’ शुरू कर रहा है। यह राष्ट्रीय अंतर-पीढ़ीगत जुड़ाव अभियान है, यानी ऐसा अभियान जो बुज़ुर्गों और युवाओं को आपस में जोड़ने पर काम करता है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार इसका औपचारिक शुभारंभ करेंगे। यह अभियान अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के तहत चलाया जा रहा है, जो मंत्रालय की वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, देखभाल, संरक्षण और सशक्तीकरण से जुड़ी योजना है।

अभियान क्यों शुरू किया गया

मंत्रालय के अनुसार देश में बुज़ुर्गों की आबादी लगातार बढ़ रही है। 60 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लोगों की संख्या 2011 में लगभग 10 करोड़ थी, जो 2036 तक 23 करोड़ होने का अनुमान है। कुल आबादी में उनकी हिस्सेदारी 8.4 प्रतिशत से बढ़कर 14.9 प्रतिशत हो सकती है। साथ ही शहरीकरण, प्रवासन और बदलती पारिवारिक संरचना के कारण कई परिवारों में पीढ़ियों के बीच मेलजोल के मौके कम हुए हैं। अभियान का मकसद इन बदलावों से निपटना और बुज़ुर्गों को सक्रिय, सम्मानित और समाज से जुड़ा रखना है।

अभियान कैसे चलेगा

अभियान ‘5सी’ मॉडल पर आधारित है — जुड़ें (Connect), संवाद करें (Converse), सह-सृजन करें (Co-create), योगदान दें (Contribute) और निरंतरता बनाए रखें (Continue)। इसका मतलब है कि पहले बुज़ुर्गों और युवाओं के बीच मेलजोल के मौके बनाए जाएँ, फिर बातचीत और अनुभव साझा करने को बढ़ावा दिया जाए, दोनों मिलकर काम करें और यह सिलसिला लगातार चलता रहे। अभियान 12 विषयगत क्षेत्रों में लागू होगा, जिनमें ‘30 मिनट साथ-साथ’, ‘मुझे सिखाएँ – मैं आपको सिखाऊँ’, ‘मेरी कहानी, मेरा भारत’, ‘डिजिटल दादा-दादी / डिजिटल साथी’, ‘पीढ़ियों का स्वास्थ्य एवं कल्याण’ और ‘सिल्वर स्किल्स – मार्गदर्शक के रूप में वरिष्ठजन’ जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।

वयो साथी स्वयंसेवक क्या है

शुभारंभ के साथ ‘वयो साथी’ नाम की स्वयंसेवी पहल भी शुरू होगी। इसमें 18 साल और उससे ज़्यादा उम्र के नागरिक जुड़ सकते हैं। इसमें छात्र, युवा पेशेवर, सामुदायिक स्वयंसेवक, नागरिक समाज संगठन और संस्थागत भागीदार शामिल हो सकते हैं। स्वयंसेवक बुज़ुर्गों के मित्र, सहायक और संपर्क सूत्र की तरह काम करेंगे और उन्हें जानकारी, कल्याणकारी सेवाओं, सामुदायिक गतिविधियों और डिजिटल सहायता तक पहुँचने में मदद करेंगे। युवाओं को बुज़ुर्गों को डिजिटल सेवाएँ इस्तेमाल करने और साइबर धोखाधड़ी पहचानने में मदद करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

पंजीकरण कैसे करें

इच्छुक नागरिक वरिष्ठ नागरिक कल्याण (SCW) समावेश पोर्टल या जीवन ऐप के ज़रिए वयो साथी स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकृत स्वयंसेवकों को उनकी भागीदारी के सम्मान में वयो साथी प्रमाणपत्र दिया जाएगा। मंत्रालय ने नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, युवा संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, सामुदायिक संस्थानों और CSR से जुड़े भागीदारों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

और क्या होगा

शुभारंभ के मौके पर अभियान पर एक पुस्तिका जारी की जाएगी, जिसमें इसके उद्देश्य, कार्यान्वयन की रूपरेखा, विषयगत गतिविधियाँ और राज्यों, जिलों तथा सामुदायिक संस्थानों की भूमिकाएँ बताई जाएँगी। विभाग श्री रामचंद्र मिशन और अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र, जोधपुर के साथ दो समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी करेगा, जिनका मकसद ध्यान, योग और स्वास्थ्य-कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के ज़रिए बुज़ुर्गों का समग्र कल्याण बढ़ाना है।

सवाल-जवाब

वयो साथी स्वयंसेवक कौन बन सकता है?

18 साल और उससे ज़्यादा उम्र का कोई भी नागरिक वयो साथी स्वयंसेवक बन सकता है। इसमें छात्र, युवा पेशेवर, सामुदायिक स्वयंसेवक, नागरिक समाज संगठन और संस्थागत भागीदार शामिल हैं।

वयो साथी स्वयंसेवक के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

इच्छुक नागरिक वरिष्ठ नागरिक कल्याण (SCW) समावेश पोर्टल या जीवन ऐप के ज़रिए पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकृत स्वयंसेवकों को वयो साथी प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

वयो सम्मान राष्ट्रीय अभियान क्या है?

यह सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का राष्ट्रीय अंतर-पीढ़ीगत जुड़ाव अभियान है, जो अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत चलाया जा रहा है। इसका मकसद बुज़ुर्गों और युवाओं के बीच आपसी सम्मान और सहयोग बढ़ाना है।

स्वयंसेवक क्या काम करेंगे?

स्वयंसेवक बुज़ुर्गों के मित्र, सहायक और संपर्क सूत्र की तरह काम करेंगे। वे उन्हें जानकारी, कल्याणकारी सेवाओं, सामुदायिक गतिविधियों और डिजिटल सहायता तक पहुँचने में मदद करेंगे।

क्या अभियान में जुड़ने की कोई आख़िरी तारीख है?

अधिसूचना में जुड़ने की कोई आख़िरी तारीख नहीं बताई गई है। पंजीकरण SCW समावेश पोर्टल या जीवन ऐप पर किया जा सकता है।

स्रोत: PIB, "केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार कल राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रीय अंतर-पीढ़ीगत जुड़ाव अभियान ‘वयो सम्मान राष्ट्रीय अभियान’ का शुभारंभ करेंगे", 3 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें

यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ