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औषधि नियमावली 1945 में संशोधन का प्रस्ताव: अब दवा की हर खेप जारी करने वाले कर्मी का होगा रिकॉर्ड

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 3 नवंबर 2026 को औषधि नियमावली, 1945 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसका असर दवा निर्माताओं पर पड़ेगा, जिन्हें अब खेप जारी करने वाले योग्य कर्मी को अधिकृत करना और उसका रिकॉर्ड रखना होगा।

सांकेतिक तस्वीर · Pixabay (jarmoluk)
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आपके लिए इसका मतलब

यह प्रस्ताव सीधे आम लोगों के लिए नहीं है, बल्कि दवा बनाने वाली कंपनियों और उनके कर्मचारियों से जुड़ा है। मकसद यह है कि दवा की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़े और जिम्मेदारी तय हो। अगर आप दवा निर्माता हैं या इस काम से जुड़े हैं, तो प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति या सुझाव मंत्रालय को भेज सकते हैं।

मुख्य बातें

  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि नियमावली, 1945 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है।
  • प्रस्ताव के अनुसार मेनुफेक्चरिंग लाइसेंस लेने वाले आवेदकों को खेप जारी करने के लिए उपयुक्त योग्यता और अनुभव वाले व्यक्ति को नियुक्त करना होगा।
  • निर्मित हर खेप के लिए निर्धारित रिकॉर्ड रखना जरूरी होगा।
  • 'खेप जारी करने के प्रमाणपत्र' के लिए एक निर्धारित प्रारूप लाने का भी प्रस्ताव है।
  • आपत्ति या सुझाव अवर सचिव (औषधि विनियम), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, यु-6, वर्क हॉल, सी विंग, पहली मंजिल, कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली-110001 पर भेजे जा सकते हैं या drugsdiv-mohfw[at]gov[dot]in पर ईमेल किए जा सकते हैं।

क्या हुआ है

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि नियमावली, 1945 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद दवा निर्माताओं के लिए यह अनिवार्य करना है कि दवाओं की खेप जारी करने वाले व्यक्ति को औपचारिक रूप से अधिकृत करें और हर खेप का निर्धारित रिकॉर्ड रखें।

अभी क्या व्यवस्था है

मौजूदा मेनुफेक्चरिंग लाइसेंस के तहत उत्पादकों को मेनुफेक्चरिंग और परीक्षण के लिए जिम्मेदार सक्षम तकनीकी कर्मचारियों का विवरण देना होता है। लेकिन खेप जारी करने के लिए अधिकृत व्यक्ति का उल्लेख करने के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है। प्रस्तावित संशोधन इसी कमी को दूर करने की कोशिश करते हैं।

प्रस्ताव में क्या बदलेगा

प्रस्तावित ढांचे के तहत मेनुफेक्चरिंग लाइसेंस चाहने वाले आवेदकों को खेप जारी करने के लिए उपयुक्त योग्यता और अनुभव वाले व्यक्ति को नियुक्त करना होगा। साथ ही निर्धारित आवश्यकताओं के अनुसार खेप जारी करने का रिकॉर्ड रखना होगा। संशोधनों में ‘खेप जारी करने के प्रमाणपत्र’ के लिए एक निर्धारित प्रारूप लाने का भी प्रस्ताव है।

खेप जारी करना क्यों अहम है

खेप जारी करना दवा उत्पादन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। इसमें किसी भी खेप को वितरण के लिए जारी करने से पहले उससे जुड़े गुणवत्ता मानकों और दस्तावेज़ों की व्यापक समीक्षा की जाती है। मंत्रालय का कहना है कि इन प्रस्तावित जरूरतों से इस काम की स्पष्ट जिम्मेदारी तय होगी, खेप जारी करने से जुड़े फैसलों की ट्रैकिंग हो सकेगी और उत्पाद की गुणवत्ता पर एक अतिरिक्त स्तर की निगरानी रखी जा सकेगी।

इसका असर किस पर पड़ेगा

मंत्रालय को उम्मीद है कि इन संशोधनों से उत्पादकों में लागू ‘उत्पादन के उचित तरीके’ (जीएमपी) के अनुपालन को मजबूत करने और दवाओं के गुणवत्ता आश्वासन वाले नियामक ढांचे को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। यह प्रस्ताव दवा निर्माताओं और लाइसेंस से जुड़े लोगों के लिए है, आम मरीजों को इसके तहत कुछ करने की जरूरत नहीं है।

सुझाव कैसे भेजें

प्रस्तावित संशोधनों पर अगर किसी को आपत्ति या सुझाव देना है, तो वह अवर सचिव (औषधि विनियम), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, यु-6, वर्क हॉल, सी विंग, पहली मंजिल, कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली-110001 के पते पर भेज सकता है या drugsdiv-mohfw[at]gov[dot]in पर ईमेल कर सकता है। आधिकारिक गजट मंत्रालय की विज्ञप्ति में दिए लिंक से देखा जा सकता है।

सवाल-जवाब

औषधि नियमावली 1945 में संशोधन का प्रस्ताव किसने रखा है?

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद दवा निर्माण में जवाबदेही और दस्तावेज़ीकरण मजबूत करना है।

इस प्रस्ताव से किसे बदलाव करना होगा?

मेनुफेक्चरिंग लाइसेंस चाहने वाले आवेदकों को। उन्हें खेप जारी करने के लिए उपयुक्त योग्यता और अनुभव वाले व्यक्ति को नियुक्त करना होगा और निर्धारित रिकॉर्ड रखना होगा।

खेप जारी करने का प्रमाणपत्र क्या है?

प्रस्ताव में 'खेप जारी करने के प्रमाणपत्र' के लिए एक निर्धारित प्रारूप लाने की बात कही गई है। यह प्रमाणपत्र खेप जारी करने से जुड़े निर्णयों को दर्ज करने में मदद करेगा।

अपनी आपत्ति या सुझाव कहां भेजें?

अवर सचिव (औषधि विनियम), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, यु-6, वर्क हॉल, सी विंग, पहली मंजिल, कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली-110001 के पते पर या drugsdiv-mohfw[at]gov[dot]in पर ईमेल करके भेज सकते हैं।

क्या आम मरीज पर इसका कोई सीधा असर होगा?

यह प्रस्ताव दवा निर्माताओं और लाइसेंस से जुड़े नियमों के बारे में है। आम मरीजों को इसके तहत कुछ करने की जरूरत नहीं है।

स्रोत: PIB, "केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा की खेप जारी करने के लिए योग्य कर्मियों को अधिकृत करने को अनिवार्य बनाने के लिए औषधि नियमावली, 1945 में संशोधन का प्रस्ताव रखा", 3 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें

यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ