Digital Life Certificate: अब घर बैठे स्मार्टफोन से बनेगा जीवन प्रमाणपत्र, बैंक जाने की ज़रूरत नहीं
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने 3 नवंबर 2026 को 5वें राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान के तहत नई दिल्ली में पंजाब नेशनल बैंक के साथ एक मेगा शिविर लगाया। इसका फ़ायदा हर पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी को है, जो अब चेहरा प्रमाणीकरण से घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।

आपके लिए इसका मतलब
अगर आप पेंशन या पारिवारिक पेंशन लेते हैं, तो यह ख़बर आपके लिए है। अब आपको जीवन प्रमाणपत्र के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना है और न ही बैंक शाखा जाना है — स्मार्टफोन से चेहरा प्रमाणीकरण करके घर बैठे यह काम हो सकता है। जो लोग खुद यह नहीं कर पाते, उनके लिए बैंक और डाकघर घर तक सेवा देने की व्यवस्था करते हैं।
मुख्य बातें
- 5वां राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान चल रहा है
- 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली की संसद मार्ग शाखा में मेगा शिविर लगा
- पिछले अभियान में 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के 14 लाख से अधिक पेंशनभोगियों ने जीवन प्रमाणपत्र जमा किए
- चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक 2021 में शुरू हुई
- पिछले अभियान में फेस ऑथेंटिकेशन से बने जीवन प्रमाणपत्र 50 लाख से बढ़कर लगभग 1.25 करोड़ हुए
क्या हुआ है
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने 3 नवंबर 2026 को 5वें राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान के तहत पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से नई दिल्ली की संसद मार्ग शाखा में एक मेगा शिविर लगाया। शिविर का मक़सद पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा देना और डिजिटल सेवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
जीवन प्रमाणपत्र क्यों ज़रूरी है
पेंशन जारी रखने के लिए पेंशनभोगी को समय-समय पर यह बताना होता है कि वह जीवित है — इसे जीवन प्रमाणपत्र कहा जाता है। विभाग के अनुसार डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र पेंशनभोगी को दूसरों पर निर्भर हुए बिना सेवाओं का लाभ लेने में सक्षम बनाता है।
क्या बदला है
विभाग के संयुक्त सचिव श्री ध्रुबज्योति सेनगुप्ता ने बताया कि 2014 में शुरुआत के बाद से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र सेवाओं में काफ़ी विकास हुआ है और 2021 में चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक आने से प्रक्रिया आसान हो गई। पिछले अभियान में फेस ऑथेंटिकेशन से बने जीवन प्रमाणपत्रों की संख्या 50 लाख से बढ़कर लगभग 1.25 करोड़ हो गई।
किसे फ़ायदा होगा
यह सुविधा हर पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी के लिए है। विभाग सचिव सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि अभियान की सफलता दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनभोगियों सहित हर पेंशनभोगी तक पहुंचने पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि पिछले अभियान में 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के 14 लाख से अधिक पेंशनभोगियों ने अपने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा किए थे।
आपको क्या करना चाहिए
विभाग के अनुसार पेंशनभोगी स्मार्टफोन से घर बैठे ही अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बना सकते हैं। इसके लिए किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर रहने या बैंक शाखा जाने की ज़रूरत नहीं है। जो लोग शिविर में जाने या खुद प्रक्रिया पूरी करने में असमर्थ हैं, उनके लिए बैंकों और डाकघरों के माध्यम से घर तक सेवा देने की व्यवस्था है।
और क्या हुआ
शिविर में वरिष्ठ पेंशनभोगियों के साथ बातचीत का सत्र भी हुआ और डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र सेवाओं के साथ एक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। विभाग ने पेंशनभोगियों से अपने अनुभव साझा करने और साथी पेंशनभोगियों को चेहरा प्रमाणीकरण अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
सवाल-जवाब
Digital Life Certificate घर बैठे कैसे बनाएं?
स्मार्टफोन से चेहरा प्रमाणीकरण (फेस ऑथेंटिकेशन) करके। विभाग के अनुसार इसके लिए किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर रहने या बैंक शाखा जाने की ज़रूरत नहीं है।
अगर मैं खुद जीवन प्रमाणपत्र नहीं बना पाता तो क्या करूं?
बैंक और डाकघर घर तक सेवा देने की व्यवस्था करते हैं। यह सुविधा उन पेंशनभोगियों के लिए है जो शिविर में जाने या खुद प्रक्रिया पूरी करने में असमर्थ हैं।
क्या पारिवारिक पेंशनभोगी भी यह सुविधा ले सकते हैं?
हां। शिविर का उद्देश्य पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों दोनों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा देना था।
चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक कब शुरू हुई?
विभाग के अनुसार यह तकनीक 2021 में शुरू हुई, जिससे जीवन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया अधिक सुलभ हो गई।
इस अभियान की जानकारी कहां मिलेगी?
यह जानकारी पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की ओर से जारी सूचना में दी गई है। अपने बैंक या डाकघर से भी मदद ली जा सकती है।
स्रोत: PIB, "पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने 5वें राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान के दायरे में सभी पेंशनभोगियों को लाने का आह्वान किया", 3 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें
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