स्तन कैंसर जागरूकता पर डाक विभाग ने जारी किए स्मारक डाक टिकट
डाक विभाग ने 30 अक्टूबर 2026 को स्तन कैंसर जागरूकता पर दो स्मारक डाक टिकट और चित्र पोस्टकार्ड का एक सेट जारी किया। यह अभियान खास तौर पर महिलाओं को जल्दी जांच और खुद से जांच के लिए जागरूक करने के लिए है।
आपके लिए इसका मतलब
आम लोगों को इससे कोई फॉर्म भरने या पैसे देने का काम नहीं है। यह सिर्फ़ जागरूकता का संदेश है। महिलाएं चाहें तो अपने नज़दीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मुंह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की जांच करा सकती हैं और नियमित जांच व खुद से जांच पर ध्यान दे सकती हैं।
मुख्य बातें
- 30 अक्टूबर 2026 को दो स्मारक डाक टिकट और चित्र पोस्टकार्ड का सेट जारी हुआ
- NP-NCD के तहत मुंह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की कुल 86.97 करोड़ जांच हुईं
- इनमें स्तन कैंसर की 22.90 करोड़ जांच शामिल हैं
- 5.50 लाख लोगों का अभी इलाज चल रहा है, जिनमें स्तन कैंसर के 1.43 लाख मरीज हैं
- 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में यह जांच सुविधा शामिल है
- 2024 में भारत में स्तन कैंसर के दो लाख से अधिक नए मामले सामने आए
क्या हुआ
डाक विभाग ने 30 अक्टूबर 2026 को स्तन कैंसर जागरूकता पर दो स्मारक डाक टिकट और चित्र पोस्टकार्ड का एक सेट जारी किया। यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय स्तन कैंसर जागरूकता माह के मौके पर हुआ। टिकट केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्या सलिला श्रीवास्तव और डाक सेवा महानिदेशक श्रीमती मनीषा सिन्हा ने जारी किए।
यह पहल डाक विभाग ने शुरू की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इन टिकटों और पोस्टकार्डों की स्वास्थ्य संबंधी सामग्री तैयार करने में तकनीकी सलाह और जानकारी दी।
क्यों ज़रूरी माना गया
विज्ञप्ति के अनुसार 2024 में भारत में स्तन कैंसर के दो लाख से अधिक नए मामले सामने आए और अनुमान है कि हर 29 में से एक महिला को इस बीमारी का खतरा है। कार्यक्रम में बताया गया कि भारत में महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम कैंसर है, जो महिलाओं में पाए जाने वाले सभी नए कैंसर मामलों में 30% से अधिक है।
अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और जांच सुविधाओं के बावजूद बीमारी का देर से पता चलना अभी भी चिंता की बात है। इसलिए जल्दी पहचान और खुद से जांच पर ज़ोर दिया जा रहा है।
जांच की क्या स्थिति है
गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (NP-NCD) के तहत देश भर में मुंह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की कुल 86.97 करोड़ जांच हुई हैं। इनमें मुंह के कैंसर की 49.02 करोड़, स्तन कैंसर की 22.90 करोड़ और सर्वाइकल कैंसर की 14.05 करोड़ जांच शामिल हैं।
इनमें से 5.50 लाख लोगों का अभी इलाज चल रहा है। इनमें मुंह के कैंसर के 2.70 लाख, स्तन कैंसर के 1.43 लाख और सर्वाइकल कैंसर के 1.37 लाख मरीज हैं।
जांच कहां हो सकती है
विज्ञप्ति के अनुसार 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मुंह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की जांच भी शामिल की गई है। इलाज की पूरी प्रक्रिया में प्राथमिक स्तर पर जांच और रेफरल, जिला अस्पतालों, राज्य कैंसर संस्थानों और तृतीयक कैंसर देखभाल केंद्रों में पुष्टि और इलाज शामिल हैं।
मरीजों के घरों के करीब कीमोथेरेपी के लिए डेकेयर कैंसर केंद्र भी बनाए गए हैं। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत NP-NCD पोर्टल और आभा आईडी स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंच और इलाज की निरंतरता में मदद करते हैं।
आम लोगों को क्या करना चाहिए
स्वास्थ्य सचिव ने महिलाओं से नियमित जांच और स्वयं जांच करके बचाव पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि बीमारी का समय रहते पता लगाने और इलाज के लिए सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करें।
विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि कैंसर से जुड़े डर, तिरस्कार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने की बाधाओं को दूर करना ज़रूरी है।
सवाल-जवाब
स्तन कैंसर की जांच कहां होती है?
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में। विज्ञप्ति के अनुसार 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मुंह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की जांच भी शामिल की गई है।
क्या इन डाक टिकटों से मुझे कोई फायदा मिलेगा?
यह सिर्फ़ जागरूकता फैलाने का ज़रिया है, कोई सुविधा या पैसा नहीं। डाक विभाग का मकसद अपने नेटवर्क से जल्दी पहचान और बचाव के संदेश लोगों तक पहुंचाना है।
स्तन कैंसर का पता जल्दी कैसे चलेगा?
नियमित जांच और खुद से जांच से। स्वास्थ्य सचिव ने महिलाओं से नियमित जांच और स्वयं जांच करके बचाव पर ध्यान देने की अपील की है।
क्या स्तन कैंसर ठीक हो सकता है?
जल्दी पता चलने पर इलाज के नतीजे बेहतर होते हैं। विज्ञप्ति के अनुसार स्तन कैंसर के लगभग एक-तिहाई मामलों को रोका जा सकता है और एक-तिहाई का इलाज संभव है, बशर्ते उनका जल्दी पता चल जाए।
आभा आईडी का इससे क्या लेना-देना है?
आभा आईडी से स्वास्थ्य रिकॉर्ड आसानी से मिलते हैं। विज्ञप्ति के अनुसार आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत NP-NCD पोर्टल और आभा आईडी स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंच और इलाज की निरंतरता में मदद करते हैं।
स्रोत: PIB, "केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से, डाक विभाग ने स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्मारक डाक टिकट जारी किए", 30 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें
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