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RBI: बैंकों के नए लोन की ब्याज दर सितंबर में घटी, जमा पर ब्याज भी मामूली कम

RBI ने 30 अक्टूबर 2026 को सितंबर 2026 के बैंक लोन और जमा ब्याज दरों का डेटा जारी किया। यह आँकड़े उन लोगों के लिए है जो बैंक से लोन लेते हैं या एफडी करते हैं।

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आपके लिए इसका मतलब

अगर आप बैंक से नया लोन लेने की सोच रहे हैं, तो नए लोन की औसत ब्याज दर सितंबर में थोड़ी कम हुई है। जिनका पुराना लोन चल रहा है, उनके लिए औसत दर पिछले महीने जैसी ही रही। एफडी पर मिलने वाला औसत ब्याज भी सितंबर में थोड़ा कम हुआ है। यह सिर्फ़ आँकड़े हैं, इनके आधार पर आपको कुछ करने की ज़रूरत नहीं; अपने बैंक से अपनी दर पूछें।

मुख्य बातें

  • पुराने रुपये लोन पर औसत ब्याज दर (WALR) सितंबर 2026 में 8.96% रही, अगस्त 2026 में भी इतनी ही थी।
  • नए रुपये लोन पर औसत ब्याज दर सितंबर 2026 में घटकर 8.51% हुई, अगस्त 2026 में 8.61% थी।
  • 1-वर्षीय MCLR की औसत दर अक्टूबर 2026 में 8.55% रही, सितंबर 2026 में 8.61% थी।
  • पुरानी रुपये टर्म जमा पर औसत ब्याज दर सितंबर 2026 में 6.55% रही, अगस्त 2026 में 6.56% थी।
  • नई रुपये टर्म जमा पर औसत ब्याज दर सितंबर 2026 में 5.61% रही, अगस्त 2026 में 5.67% थी।
  • यह डेटा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का है, जिसमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक शामिल नहीं हैं।

क्या जारी हुआ

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 30 अक्टूबर 2026 को अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लोन और जमा ब्याज दरों का मासिक डेटा जारी किया। यह डेटा अक्टूबर 2026 के दौरान मिली जानकारी पर आधारित है और इसमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक शामिल नहीं हैं।

लोन की दरों में क्या बदला

RBI के अनुसार, बैंकों के पुराने रुपये लोन पर औसत ब्याज दर (WALR) सितंबर 2026 में 8.96 प्रतिशत रही, जो अगस्त 2026 में भी इतनी ही थी। यानी इस दर में कोई बदलाव नहीं हुआ।

नए रुपये लोन पर औसत ब्याज दर सितंबर 2026 में घटकर 8.51 प्रतिशत हो गई, जो अगस्त 2026 में 8.61 प्रतिशत थी। वहीं 1-वर्षीय MCLR की औसत दर अक्टूबर 2026 में 8.55 प्रतिशत रही, जो सितंबर 2026 में 8.61 प्रतिशत थी। MCLR वह न्यूनतम दर है जिसके आधार पर बैंक लोन की ब्याज दर तय करते हैं।

जमा पर ब्याज

पुरानी रुपये टर्म जमा पर औसत ब्याज दर (WADTDR) सितंबर 2026 में मामूली घटकर 6.55 प्रतिशत रही, जो अगस्त 2026 में 6.56 प्रतिशत थी।

नई रुपये टर्म जमा पर औसत ब्याज दर सितंबर 2026 में 5.61 प्रतिशत रही, जो अगस्त 2026 में 5.67 प्रतिशत थी।

किसे फ़ायदा, किसे नहीं

यह डेटा बताता है कि बैंकों की औसत ब्याज दरें किस दिशा में चल रही हैं। नए लोन की औसत दर कम होने का मतलब है कि नया लोन लेने वालों के लिए औसत ब्याज थोड़ा हल्का हुआ है। जमा पर औसत ब्याज कम होने का मतलब है कि नई एफडी करने वालों को औसतन थोड़ा कम ब्याज मिल रहा है।

ध्यान रहे कि ये आँकड़े सभी बैंकों का औसत हैं। किसी एक बैंक, किसी एक योजना या किसी एक ग्राहक की दर इससे अलग हो सकती है।

आम आदमी को क्या करना है

इस रिपोर्ट से आम लोगों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता और न ही किसी को कुछ करने की ज़रूरत है। अपने लोन या एफडी की असली ब्याज दर जानने के लिए अपने बैंक से संपर्क करें। पूरा डेटा RBI की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

सवाल-जवाब

RBI का यह डेटा किन बैंकों का है?

यह अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) का डेटा है। इसमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक शामिल नहीं हैं।

नए लोन की ब्याज दर कितनी हुई?

नए रुपये लोन पर औसत ब्याज दर सितंबर 2026 में 8.51% रही। अगस्त 2026 में यह 8.61% थी।

पुराने लोन की ब्याज दर में क्या बदला?

पुराने रुपये लोन पर औसत ब्याज दर सितंबर 2026 में 8.96% रही। अगस्त 2026 में भी यही दर थी, यानी कोई बदलाव नहीं हुआ।

FD पर ब्याज दर कितनी है?

पुरानी रुपये टर्म जमा पर औसत ब्याज दर सितंबर 2026 में 6.55% रही। नई रुपये टर्म जमा पर यह 5.61% रही।

MCLR क्या है?

MCLR यानी Marginal Cost of Funds based Lending Rate, वह न्यूनतम ब्याज दर है जिसके आधार पर बैंक लोन की दर तय करते हैं। 1-वर्षीय MCLR की औसत दर अक्टूबर 2026 में 8.55% रही।

स्रोत: RBI, "Lending and Deposit Rates of Scheduled Commercial Banks – October 2026", 30 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें

यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ