अपना ज़िला चुनें

सभी ज़िले: उत्तर प्रदेश · बिहार · मध्य प्रदेश · दिल्ली

EN

BharatNet: तमिलनाडु में 5 लाख से अधिक ग्रामीण घरों को फाइबर कनेक्शन देने के लिए समझौता

डिजिटल भारत निधि, दूरसंचार विभाग, तमिलनाडु सरकार और टैनफिनेट ने 30 अक्टूबर 2026 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु में भारतनेट नेटवर्क के उपयोग के लिए समझौता किया। इससे तमिलनाडु के ग्रामीण परिवारों को फाइबर कनेक्शन मिलने की उम्मीद है।

WhatsApp पर भेजें3 मिनट

आपके लिए इसका मतलब

यह समझौता तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों से जुड़ा है, इसलिए यूपी, बिहार, एमपी या दिल्ली के आम पाठकों पर इसका सीधा असर नहीं है। तमिलनाडु के ग्रामीण परिवारों को इससे ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन पढ़ाई, टेलीमेडिसिन और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिल सकती है। विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया है कि कनेक्शन के लिए कहां आवेदन करना है या क्या शर्तें हैं।

मुख्य बातें

  • समझौता 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के संचार भवन में हुआ।
  • तमिलनाडु में 5 लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन मिलने की उम्मीद है।
  • 4,767 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी दी जाएगी।
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 04 अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी।
  • डिजिटल भारत निधि पहले यूएसओएफ कहलाती थी और दूरसंचार विभाग का संबद्ध कार्यालय है।

क्या हुआ है

दूरसंचार विभाग के अंतर्गत डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के संचार भवन में एक ‘उपयोग समझौता’ पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता डिजिटल भारत निधि, दूरसंचार विभाग, तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन (टैनफिनेट) के बीच हुआ है।

इसका मकसद तमिलनाडु में भारतनेट नेटवर्क का उपयोग करना है, ताकि राज्य-संचालित मॉडल के जरिए संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के तहत ग्रामीण परिवारों को जोड़ा जा सके।

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम क्या है

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 04 अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को अपग्रेड करना, मजबूत बनाना और उसका विस्तार करना है।

कार्यक्रम का लक्ष्य है कि सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को मांग के आधार पर मजबूत और भविष्य के लिए तैयार ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिल सके। भारत सरकार ने इस कार्यक्रम के तहत भारतनेट नेटवर्क के उपयोग के लिए वित्तीय सब्सिडी सहायता को मंजूरी दी है।

तमिलनाडु में क्या बदलेगा

विज्ञप्ति के अनुसार इस पहल से तमिलनाडु में भारत सरकार की वित्तीय सहायता से 5 लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे राज्य के ग्रामीण और दूर-दराज इलाकों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सकती है।

इन सेवाओं में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान और नागरिकों से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा अंतिम मील कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए तमिलनाडु में 4,767 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी दी जाएगी।

डिजिटल भारत निधि क्या है

डिजिटल भारत निधि (पहले यूएसओएफ) की स्थापना भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत 01.04.2002 से प्रभावी रूप में की गई थी। दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अनुसार यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) अब डिजिटल भारत निधि बन चुका है।

यह संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग का संबद्ध कार्यालय है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण, दूरदराज और शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की पहुंच और उपलब्धता बढ़ाना है, खासकर वहां जहां ये सेवाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

किसे फ़ायदा होगा

इस समझौते का सीधा फायदा तमिलनाडु के ग्रामीण परिवारों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें फाइबर कनेक्शन और बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। विज्ञप्ति के मुताबिक इससे राज्य में कार्यक्रम के कार्यान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश या दिल्ली के आम पाठकों पर इस समझौते का सीधा असर नहीं है। विज्ञप्ति में यह भी नहीं बताया गया है कि कनेक्शन लेने के लिए कहां संपर्क करना है या क्या शर्तें पूरी करनी हैं। ऐसी जानकारी के लिए दूरसंचार विभाग या तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन से संपर्क किया जा सकता है।

सवाल-जवाब

BharatNet समझौता किस राज्य के लिए है?

यह समझौता तमिलनाडु के लिए है। इसमें तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में भारतनेट नेटवर्क के उपयोग की बात कही गई है।

कितने ग्रामीण घरों को फाइबर कनेक्शन मिलेगा?

विज्ञप्ति के अनुसार तमिलनाडु में 5 लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन मिलने की उम्मीद है। यह कनेक्शन भारत सरकार की वित्तीय सहायता से दिया जाएगा।

कितने गांवों को कनेक्टिविटी मिलेगी?

तमिलनाडु में 4,767 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी दी जाएगी। विज्ञप्ति में इसके लिए कोई तारीख नहीं दी गई है।

डिजिटल भारत निधि क्या है?

डिजिटल भारत निधि दूरसंचार विभाग का संबद्ध कार्यालय है, जो पहले यूएसओएफ कहलाता था। इसका काम ऐसे इलाकों में दूरसंचार सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है जहां ये सेवाएं पर्याप्त नहीं हैं।

क्या यूपी, बिहार या दिल्ली के लोगों को इसका फायदा मिलेगा?

नहीं, यह समझौता तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों के लिए है। विज्ञप्ति में दूसरे राज्यों के लिए कुछ नहीं कहा गया है।

स्रोत: PIB, "एबीपी के तहत तमिलनाडु में भारतनेट नेटवर्क के उपयोग के लिए, डिजिटल भारत निधि, दूरसंचार विभाग, तमिलनाडु सरकार एवं तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन के बीच समझौता", 30 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें

यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ