NCSC-DA ने दिवाली मेले में दिव्यांग प्रशिक्षुओं के हस्तनिर्मित उत्पाद दिखाए
श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत NCSC-DA ने 29 अक्टूबर 2026 को दिवाली मेले का आयोजन किया, जिसमें दिव्यांग प्रशिक्षुओं और पूर्व-छात्रों के बनाए उत्पाद प्रदर्शित हुए। यह मेला दिव्यांग कारीगरों को अपनी कला दिखाने और बाज़ार से जुड़ने का मंच देता है।
आपके लिए इसका मतलब
यह खबर खास तौर पर उन दिव्यांग लोगों के लिए है जो किसी कौशल या हुनर के साथ काम करना चाहते हैं। आम लोगों को इससे कोई सीधा काम नहीं करना है। अगर आप या आपके परिवार में कोई दिव्यांग सदस्य है और वह कौशल प्रशिक्षण या नौकरी की सहायता चाहता है, तो NCSC-DA केंद्रों की सेवाओं के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
मुख्य बातें
- मेले का आयोजन 29 अक्टूबर 2026 को हुआ।
- मेले में दिल्ली, तिरुवनंतपुरम, देहरादून, भुवनेश्वर, कोलकाता और मुंबई के NCSC-DA केंद्रों के प्रशिक्षु और पूर्व-छात्र शामिल हुए।
- देश भर में अभी 24 NCSC-DA केंद्र हैं।
- केंद्रों में ड्रेस-मेकिंग, सिलाई, बुनाई और कढ़ाई, लकड़ी का काम, कंप्यूटर एप्लीकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सामान्य यांत्रिकी जैसे ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
- मंत्रालय का विचार है कि आगे के मेलों में और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के NCSC-DA केंद्रों के उत्पाद भी शामिल किए जाएं।
क्या हुआ
श्रम और रोजगार मंत्रालय के रोजगार महानिदेशालय (DGE) के तहत काम करने वाले दिव्यांगों के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा केंद्र (NCSC-DA) ने एक दिवाली मेले का आयोजन किया। सूचना 29 अक्टूबर 2026 की है। मेले का मकसद दिव्यांग प्रशिक्षुओं और पूर्व-छात्रों के हस्तनिर्मित उत्पाद, शिल्प कौशल और व्यावसायिक हुनर लोगों के सामने लाना था।
किन-किन केंद्रों के उत्पाद आए
मेले में दिल्ली, तिरुवनंतपुरम, देहरादून, भुवनेश्वर, कोलकाता और मुंबई के NCSC-DA केंद्रों के दिव्यांग प्रशिक्षुओं और पूर्व-छात्रों के बनाए उत्पाद एक साथ रखे गए। इनमें जूट और कपड़े के बैग, मोमबत्तियां, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, पेंटिंग, साबुन, क्रोकेट उत्पाद, ड्रेस बनाने और कपड़ा सामान, बुनाई, कढ़ाई, लकड़ी का काम और सजावटी उत्सव उत्पाद शामिल थे।
स्टॉल से क्या फ़ायदा
सूचना के मुताबिक स्टॉल ने प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता दिखाने, आगंतुकों से सीधे बात करने और उनकी प्रतिक्रिया जानने का मौका दिया। इससे उन्हें बिक्री, स्वरोजगार और बाज़ार से जुड़ने के अवसर तलाशने में मदद मिली। मेले में दिखाए गए उत्पाद NCSC-DA केंद्रों में सिखाए जाने वाले पारंपरिक शिल्प और आधुनिक व्यावसायिक प्रशिक्षण, दोनों को दर्शाते हैं।
मंत्रालय ने क्या कहा
श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने कहा कि यह मेला कौशल विकास, श्रम की गरिमा और आर्थिक आज़ादी के ज़रिए दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता दिखाता है। उन्होंने कहा कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर दिव्यांगजन कुशल कारीगर और उद्यमी बन सकते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकते हैं।
आगे क्या होगा
मंत्रालय की योजना इस दिवाली मेले को धीरे-धीरे एक बड़े राष्ट्रीय स्तर के मंच के रूप में बढ़ाने की है। सूचना के अनुसार आगे के ऐसे आयोजनों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अतिरिक्त NCSC-DA केंद्रों के हस्तनिर्मित उत्पाद और शिल्प कौशल भी दिखाए जाने की उम्मीद है। इससे दिव्यांग प्रशिक्षुओं और कारीगरों को ज़्यादा पहचान और बाज़ार के अवसर मिल सकते हैं।
NCSC-DA क्या करता है
NCSC-DA देश भर में दिव्यांगजनों के व्यावसायिक पुनर्वास के लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय का विशेष विंग है। सूचना के मुताबिक अभी देश भर में 24 NCSC-DA केंद्र करियर परामर्श, व्यावसायिक मार्गदर्शन, अनौपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सहायता और आउटरीच सेवाएं दे रहे हैं। प्रशिक्षण ड्रेस-मेकिंग, सिलाई, बुनाई और कढ़ाई, लकड़ी का काम, कंप्यूटर एप्लीकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, सामान्य यांत्रिकी और दूसरे रोजगार-उन्मुख कौशलों में दिया जाता है।
सवाल-जवाब
NCSC-DA क्या है?
NCSC-DA यानी दिव्यांगों के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा केंद्र, श्रम और रोजगार मंत्रालय के रोजगार महानिदेशालय (DGE) के तहत काम करने वाला विशेष विंग है। यह दिव्यांगजनों के व्यावसायिक पुनर्वास के लिए देश भर में सेवाएं देता है।
NCSC-DA केंद्र कौन-कौन सी सेवाएं देते हैं?
केंद्र करियर परामर्श, व्यावसायिक मार्गदर्शन, अनौपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सहायता और आउटरीच सेवाएं देते हैं। प्रशिक्षण ड्रेस-मेकिंग, सिलाई, बुनाई और कढ़ाई, लकड़ी का काम, कंप्यूटर एप्लीकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सामान्य यांत्रिकी जैसे ट्रेडों में मिलता है।
देश में कितने NCSC-DA केंद्र हैं?
सूचना के मुताबिक देश भर में अभी 24 NCSC-DA केंद्र हैं। ये केंद्र दिव्यांगजनों को प्रशिक्षण और रोजगार सहायता देने का काम करते हैं।
दिवाली मेले में क्या-क्या दिखाया गया?
मेले में जूट और कपड़े के बैग, मोमबत्तियां, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, पेंटिंग, साबुन, क्रोकेट उत्पाद, कपड़ा सामान, बुनाई, कढ़ाई, लकड़ी का काम और सजावटी उत्सव उत्पाद शामिल थे। ये सभी चीज़ें दिव्यांग प्रशिक्षुओं और पूर्व-छात्रों ने बनाई थीं।
क्या आम लोगों को इस मेले से जुड़ने के लिए कुछ करना है?
नहीं, सूचना में आम लोगों के लिए कोई आवेदन, पंजीकरण या तारीख नहीं बताई गई है। यह मेला दिव्यांग प्रशिक्षुओं के हुनर को दिखाने और उन्हें बाज़ार से जोड़ने के लिए था।
स्रोत: PIB, "दिव्यांगों के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा केंद्र (एनसीएससी-डीए) दिवाली मेले में दिव्यांगजनों की शिल्प कौशल और उद्यमशीलता प्रतिभा का प्रदर्शन", 29 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें
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