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CAQM का 'पवन-I3C' केंद्र शुरू, 5 से 20 नवंबर तक NCR में निर्माण कार्य बंद

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के नए 'पवन-I3C' कमांड सेंटर का दौरा किया और समीक्षा की। इससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों पर असर पड़ेगा, क्योंकि 5 से 20 नवंबर तक पूरे एनसीआर में निर्माण और विध्वंस की गतिविधियां रोक दी जाएंगी।

आपके लिए इसका मतलब

अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और आपका काम निर्माण या तोड़-फोड़ से जुड़ा है, तो 5 से 20 नवंबर तक यह काम बंद रहेगा। आम लोगों को कोई फॉर्म नहीं भरना है, लेकिन प्रदूषण से जुड़ी शिकायत वे ग्रीन दिल्ली ऐप या समीर ऐप पर दर्ज कर सकते हैं।

मुख्य बातें

  • पवन-I3C केंद्र 30 से अधिक डेटा स्रोतों को एक जगह जोड़ता है
  • यह दिल्ली-एनसीआर के 111 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों का डेटा देखता है
  • 2,300 से अधिक उद्योग और 3,200 से अधिक सक्रिय निर्माण स्थल इससे जुड़े हैं
  • 5 से 20 नवंबर तक पूरे एनसीआर में निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियां बंद रहेंगी
  • शिकायत ग्रीन दिल्ली ऐप और समीर ऐप से दर्ज होती हैं

क्या हुआ

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के नए एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र का दौरा किया। इस केंद्र का नाम ‘पवन’ रखा गया है। इसका पूरा नाम प्लेटफॉर्म फॉर एयर क्वालिटी विजिलेंस एंड एनालिटिक्स फॉर एनसीआर है। मंत्री ने यहां इसकी तकनीकी बनावट और कामकाज की तैयारियों की समीक्षा की।

पवन-I3C क्या करता है

यह केंद्र एक ही जगह से काम करने वाला डिजिटल कंट्रोल सेंटर है। यह अलग-अलग एजेंसियों से आने वाले 30 से अधिक डेटा स्रोतों को जोड़ता है। इनमें वायु गुणवत्ता, उत्सर्जन, मौसम, उपग्रह, कैमरा, आवागमन, शिकायत और अनुपालन से जुड़ा डेटा शामिल है। यह दिल्ली-एनसीआर के 111 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों, 2,300 से अधिक उद्योगों, 3,200 से अधिक सक्रिय निर्माण स्थलों और यातायात जाम वाले प्रमुख स्थानों का डेटा भी एक साथ देखता है।

क्या बदलेगा

मंत्री ने कहा कि अब तक CAQM का काम मैन्युअल और एजेंसियों की दी हुई रिपोर्ट पर टिका था। पवन-I3C के आने से यह सक्रिय, डिजिटल और डेटा-आधारित निगरानी की ओर बढ़ेगा। नियमों से हटने पर अलर्ट जारी होंगे और संबंधित एजेंसी को कार्रवाई के लिए भेजे जाएंगे। इससे राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को एक साझा और सत्यापित जानकारी पर काम करने में मदद मिलेगी और प्रदूषण फैलाने वालों पर कुछ ही मिनटों में कार्रवाई हो सकेगी।

किस पर असर पड़ेगा

मंत्री ने बताया कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पूरे एनसीआर क्षेत्र में 5 से 20 नवंबर तक निर्माण एवं विध्वंस (C&D) गतिविधियां रोक दी जाएंगी। इसका सीधा असर उन लोगों और कंपनियों पर पड़ेगा जो निर्माण या तोड़-फोड़ का काम करते हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि मानकों का पालन न करने वाले उद्योगों, नियम न मानने वाले प्रदूषणकारी स्रोतों और यातायात जाम वाले स्थानों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

किन चीजों की समीक्षा हुई

दौरे में वायु गुणवत्ता और प्रदूषक सांद्रता का डेटा, उद्योगों के उत्सर्जन का डेटा, पराली जलाने का उपग्रह-आधारित डेटा (जिसमें पिछले छह साल की आग की घटनाओं से तुलना भी शामिल है), निर्माण स्थलों के लाइव कैमरा और पीएम सेंसर, तथा मौसम, बारिश, हवा की गति-दिशा और नमी का डेटा देखा गया। इसके अलावा ओखला, भलस्वा, गाजीपुर, ग्रेटर नोएडा और भांडवारी जैसे लैंडफिल की लाइव फीड, वाहन पोर्टल का डेटा, ग्रीन दिल्ली ऐप और समीर ऐप से आई नागरिक शिकायतें, सड़क सफाई मशीनों की निगरानी और हरियाणा व पंजाब के ईंट भट्ठों के ईंधन नियमों का पालन भी देखा गया।

आम लोगों के लिए क्या मतलब है

आम नागरिकों को कोई फॉर्म नहीं भरना है और किसी तारीख तक कुछ जमा नहीं करना है। बदलाव मुख्य रूप से निगरानी और कार्रवाई करने वाली एजेंसियों के काम से जुड़ा है। अगर आपके आसपास प्रदूषण फैल रहा है, तो शिकायत ग्रीन दिल्ली ऐप या समीर ऐप पर दर्ज की जा सकती है।

सवाल-जवाब

NCR में निर्माण कार्य कब तक बंद रहेगा?

5 से 20 नवंबर तक। मंत्री ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए पूरे एनसीआर क्षेत्र में निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियां इस अवधि में रोक दी जाएंगी।

पवन-I3C क्या है?

यह CAQM का नया एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर है। इसका पूरा नाम 'प्लेटफॉर्म फॉर एयर क्वालिटी विजिलेंस एंड एनालिटिक्स फॉर एनसीआर' है और यह अलग-अलग एजेंसियों का डेटा एक स्क्रीन पर लाता है।

पवन-I3C किन चीजों की निगरानी करता है?

यह वायु गुणवत्ता, उद्योगों के उत्सर्जन, मौसम, पराली जलाने के उपग्रह डेटा, निर्माण स्थलों के कैमरा, लैंडफिल, यातायात और नागरिक शिकायतों का डेटा एक साथ देखता है।

प्रदूषण की शिकायत कहां करें?

ग्रीन दिल्ली ऐप या समीर ऐप पर। विज्ञप्ति के अनुसार इन ऐप से आई नागरिक शिकायतें भी पवन-I3C पर देखी जाती हैं।

क्या आम नागरिकों को कुछ करना है?

नहीं, किसी आवेदन या रजिस्ट्रेशन की बात विज्ञप्ति में नहीं है। बदलाव मुख्य रूप से प्रदूषण निगरानी और उसे रोकने वाली एजेंसियों के काम से जुड़ा है।

स्रोत: PIB, "केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने वायु प्रदूषण शमन उपायों की समीक्षा के लिए सीएक्यूएम के ‘पवन-I3C’ एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र का दौरा किया", 30 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें

यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ