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Vayo Samman National Abhiyan शुरू: 18 साल से ऊपर के लोग बन सकते हैं वायो साथी स्वयंसेवक

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 4 नवंबर 2026 को अटल वयो अभ्युदय योजना (अव्यय) के तहत 'वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान' शुरू किया। यह अभियान बुजुर्गों और युवाओं के बीच जुड़ाव बढ़ाने के लिए है और इसमें 18 साल या उससे ज़्यादा उम्र का कोई भी नागरिक वायो साथी स्वयंसेवक बनकर जुड़ सकता है।

सांकेतिक तस्वीर · Pixabay (pasja1000)
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आपके लिए इसका मतलब

अगर आपकी उम्र 18 साल या उससे ज़्यादा है, तो आप वायो साथी स्वयंसेवक के तौर पर पंजीकरण कर सकते हैं और अपने आस-पास के बुजुर्गों की मदद कर सकते हैं। घर या मोहल्ले के अकेले बुजुर्गों के साथ समय बिताना, उन्हें डॉक्टर के पास ले जाना या डिजिटल दुनिया से जोड़ना इस अभियान का हिस्सा है। बुजुर्गों को इससे साथ, जानकारी और सहायता मिल सकती है।

मुख्य बातें

  • अभियान की शुरुआत 4 नवंबर 2026 को हुई, यह अटल वयो अभ्युदय योजना (अव्यय) के तहत है।
  • वायो साथी स्वयंसेवक पहल 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी नागरिकों के लिए खुली है।
  • पंजीकरण SCW समावेश पोर्टल या जीवन ऐप के ज़रिए हो सकता है, इसके बाद वायो साथी प्रमाणपत्र मिलता है।
  • अभियान '5सी' मॉडल पर आधारित है और इसमें बारह विषयगत क्षेत्र शामिल हैं।
  • सरकारी आंकड़े के मुताबिक 60 साल और उससे ज़्यादा उम्र की आबादी 2011 में लगभग 10 करोड़ थी, जो 2036 तक 23 करोड़ होने का अनुमान है।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने बुजुर्गों और युवाओं के बीच रिश्ते मज़बूत करने के लिए एक नया अभियान शुरू किया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 4 नवंबर 2026 को दिल्ली में ‘वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान’ का शुभारंभ किया। यह अभियान अटल वयो अभ्युदय योजना (अव्यय) के तहत चलाया जा रहा है।

अभियान क्यों शुरू किया गया

मंत्रालय के मुताबिक शहरीकरण, प्रवासन और बदलती पारिवारिक संरचनाओं की वजह से पीढ़ियों के बीच बातचीत कम हो गई है। इससे बुजुर्गों में अकेलापन, कल्याण योजनाओं की कम जानकारी और साइबर धोखाधड़ी का खतरा जैसी चुनौतियां सामने आई हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की आबादी 2011 में लगभग 10 करोड़ थी, जो 2036 तक 23 करोड़ होने का अनुमान है।

अभियान में क्या-क्या होगा

अभियान ‘5सी’ मॉडल पर आधारित है, जिसका मतलब है जोड़ना, बातचीत, साथ मिलकर काम, योगदान और निरंतरता। इसमें बारह विषयगत क्षेत्र रखे गए हैं, जैसे ‘30 मिनट्स टुगेदर’, ‘टीच मी - आई विल टीच यू’, ‘माई स्टोरी, माई इंडिया’, ‘डिजिटल दादा-दादी/डिजिटल साथी’, ‘जेनरेशन हेल्थ एंड वेलनेस’ और ‘सिल्वर स्किल्स - सीनियर्स एज मेंटर्स’। इनका मकसद बुजुर्गों के साथ समय बिताना, उनकी बातें सहेजना, डिजिटल साक्षरता बढ़ाना, साइबर धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी देना और सेहत को बढ़ावा देना है। मंत्री ने कहा कि यह अभियान पंचायतों, स्थानीय निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के ज़रिए हर गांव और मोहल्ले तक पहुंचेगा।

वायो साथी स्वयंसेवक क्या है

कार्यक्रम में ‘वायो साथी’ स्वयंसेवक पहल भी शुरू की गई। यह डिजिटल रूप से सक्षम स्वयंसेवी पहल है और 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी नागरिक इससे जुड़ सकते हैं। इसमें छात्र, युवा पेशेवर और संस्थान शामिल हो सकते हैं। स्वयंसेवक बुजुर्गों के मित्र, सुविधाप्रदाता और संयोजक की भूमिका निभाएंगे। इच्छुक नागरिक SCW समावेश पोर्टल या जीवन ऐप के ज़रिए पंजीकरण कर सकते हैं और वायो साथी प्रमाणपत्र पा सकते हैं।

और क्या हुआ

मंत्री ने अभियान पर एक हैंडबुक जारी की, जो राज्यों, जिलों और सामुदायिक संस्थानों के लिए मार्गदर्शक है। इस मौके पर श्री राम चंद्र मिशन और अध्यात्म विज्ञान सत्संग केंद्र, जोधपुर के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। इनका मकसद ध्यान, योग और कल्याण कार्यक्रमों के ज़रिए बुजुर्गों की भलाई बढ़ाना है। मंत्री ने मौजूद लोगों को वायो सम्मान प्रतिज्ञा भी दिलाई और दीपावली पर किसी भी बुजुर्ग को अकेला न छोड़ने की अपील की।

आप क्या कर सकते हैं

मंत्रालय ने नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, युवा संगठनों, गैर सरकारी संगठनों, निवासी कल्याण संघों और सीएसआर भागीदारों से अभियान में जुड़ने की अपील की है। आप भी वायो साथी स्वयंसेवक के तौर पर पंजीकरण कर सकते हैं और अपने आस-पास के बुजुर्गों की मदद कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

वायो साथी स्वयंसेवक कौन बन सकता है?

18 वर्ष और उससे अधिक उम्र का कोई भी नागरिक वायो साथी स्वयंसेवक बन सकता है। इसमें छात्र, युवा पेशेवर और संस्थान शामिल हैं।

वायो साथी के लिए पंजीकरण कैसे करें?

इच्छुक नागरिक SCW समावेश पोर्टल या जीवन ऐप के ज़रिए पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद वायो साथी प्रमाणपत्र मिलता है।

वायो साथी स्वयंसेवक क्या काम करेंगे?

स्वयंसेवक बुजुर्गों के लिए मित्र, सुविधाप्रदाता और संयोजक की भूमिका निभाएंगे। इससे बुजुर्गों का सामाजिक जुड़ाव और कल्याण बढ़ाने में मदद मिलेगी।

वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान किस योजना के तहत चल रहा है?

यह अभियान अटल वयो अभ्युदय योजना (अव्यय) के तहत शुरू किया गया है। इसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय चला रहा है।

अभियान में कौन-कौन सी गतिविधियां होंगी?

अभियान में बारह विषयगत क्षेत्र शामिल हैं, जैसे '30 मिनट्स टुगेदर', 'टीच मी - आई विल टीच यू', 'माई स्टोरी, माई इंडिया', 'डिजिटल दादा-दादी/डिजिटल साथी', 'जेनरेशन हेल्थ एंड वेलनेस' और 'सिल्वर स्किल्स - सीनियर्स एज मेंटर्स'।

स्रोत: PIB, "केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अंतर-पीढ़ीगत संबंधों को मजबूत करने के लिए 'वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान' शुरू किया", 4 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें

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