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Agniveer: अब सभी अग्निवीरों को रक्षा बलों में नियमित सेवा का रास्ता, 75% को 2 साल का extra विकल्प

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 नवंबर 2026 को ऐसी व्यवस्था को मंजूरी दी है जिससे सभी अग्निवीरों को रक्षा बलों में नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का रास्ता खुल गया है। इसका असर अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों पर पड़ेगा, जिनमें 25 प्रतिशत को योग्यता के आधार पर और बाकी 75 प्रतिशत को दो साल की अतिरिक्त सेवा के बाद यह मौका मिलेगा।

सांकेतिक तस्वीर · Pixabay (29458918)
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आपके लिए इसका मतलब

यह खबर उन युवाओं के लिए है जो अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर बने हैं या बनने की सोच रहे हैं। अगर आप अग्निवीर हैं और पहली चार साल की सेवा अवधि पूरी कर रहे हैं, तो आपके पास दो साल की एक और सेवा का विकल्प होगा, जिसके बाद निर्धारित चयन मानदंड पूरे करने पर नियमित सैनिक बनने का मौका मिलेगा। आम नागरिकों पर इसका सीधा असर नहीं है।

मुख्य बातें

  • मंत्रिमंडल ने 4 नवंबर 2026 को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि को मंजूरी दी।
  • योग्यता के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा का मौका मिलेगा।
  • शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को स्वेच्छा से दो साल की एक और सेवा का विकल्प मिलेगा।
  • दो साल की अतिरिक्त सेवा पूरी होने के बाद सभी अग्निवीर निर्धारित चयन मानदंड पूरे करने पर नियमित सैनिक बन सकेंगे।
  • दूसरी सेवा अवधि में अधिक पारिश्रमिक, उन्नत सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता संबंधी लाभ मिलेंगे।
  • अग्निपथ योजना जारी रहेगी।

क्या फैसला हुआ

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 नवंबर 2026 को अग्निवीरों से जुड़ी एक अहम व्यवस्था को मंजूरी दी है। इसके तहत अब सभी अग्निवीरों को रक्षा बलों में नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का रास्ता मिल गया है।

रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, पहले से तय व्यवस्था के अनुसार योग्यता के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को रक्षा बलों में नियमित सेवा का अवसर दिया जाएगा।

बाकी 75 प्रतिशत का क्या होगा

शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए मंत्रिमंडल ने दो साल की एक और सेवा अवधि को स्वीकृति दी है। यह विकल्प स्वेच्छा के आधार पर होगा, यानी जो अग्निवीर चाहेंगे वे इसमें शामिल हो सकेंगे।

दो साल की इस अतिरिक्त सेवा अवधि के पूरा होने के बाद सभी अग्निवीरों को उनकी इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने की शर्त पर नियमित सैनिकों के रूप में भर्ती होने का अवसर दिया जाएगा।

यह फैसला क्यों लिया गया

विज्ञप्ति के मुताबिक, पिछले चार वर्षों के दौरान अग्निवीरों के प्रदर्शन पर रक्षा बलों द्वारा आकलन किया गया। इस आकलन में उनके समग्र कार्य-निष्पादन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।

संगठनात्मक जरूरतों और कार्यकारी/सामरिक दक्षता के लिए किए गए मूल्यांकन में पाया गया कि अग्निवीरों ने कौशल, प्रेरणा के स्तर, शारीरिक स्वास्थ्य/तंदुरुस्ती और तकनीकी दक्षता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मंत्रिमंडल का यह फैसला अग्निवीरों की आकांक्षाओं और संगठनात्मक दक्षता के बीच बेहतर तालमेल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

दूसरी सेवा अवधि में क्या मिलेगा

विज्ञप्ति के अनुसार, दूसरी सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को अधिक पारिश्रमिक, उन्नत सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता संबंधी लाभ प्रदान किए जाएंगे।

अग्निपथ योजना की क्या स्थिति है

योजना के चार वर्ष पूरे होने के बाद इसकी प्रभावशीलता और अग्निवीरों के प्रदर्शन पर विस्तृत फीडबैक लिया गया। विज्ञप्ति में बताई गई कुछ उपलब्धियों में देश के विभिन्न जिलों में भर्ती का दायरा बढ़ना, भर्ती प्रक्रिया का ज्यादा मानकीकृत और पारदर्शी होना, और रक्षा बलों की विभिन्न शाखाओं में महिलाओं के लिए अवसरों के द्वार खुलना शामिल है।

विज्ञप्ति के अनुसार अग्निपथ योजना जारी रहेगी।

सवाल-जवाब

क्या सभी अग्निवीरों को नियमित सेना में जगह मिलेगी?

हाँ, मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद सभी अग्निवीरों के लिए नियमित सैनिक बनने का रास्ता खुला है। लेकिन इसके लिए अग्निवीर की इच्छा और निर्धारित चयन मानदंड पूरे करना जरूरी है।

25 प्रतिशत अग्निवीरों का चयन कैसे होगा?

पहले से तय व्यवस्था के अनुसार 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर रक्षा बलों में नियमित सेवा का मौका दिया जाएगा।

बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए क्या होगा?

शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को स्वेच्छा के आधार पर दो साल की एक और सेवा अवधि का विकल्प मिलेगा। इस अवधि के बाद वे निर्धारित चयन मानदंड पूरे करने पर नियमित सैनिक बन सकेंगे।

दूसरी सेवा अवधि में अग्निवीरों को क्या फायदे मिलेंगे?

दूसरी सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को अधिक पारिश्रमिक, उन्नत सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता संबंधी लाभ दिए जाएंगे।

क्या अग्निपथ योजना बंद हो रही है?

नहीं, विज्ञप्ति के अनुसार अग्निपथ योजना जारी रहेगी।

स्रोत: PIB, "मंत्रिमंडल ने सभी अग्निवीरों को रक्षा बलों में समाहित किए जाने का मार्ग प्रशस्त किया", 4 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें

यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ