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PM VIKAS: UP में 900 युवाओं को सोलर पैनल इंस्टॉलर की ट्रेनिंग, MP में 2,400 को मौका

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में PM VIKAS योजना की समीक्षा और हितधारक संवाद का कार्यक्रम किया। इस मौके पर चार संस्थानों के साथ समझौते हुए, जिनसे अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।

सांकेतिक तस्वीर · Pixabay (geralt)
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आपके लिए इसका मतलब

यह खबर उन युवाओं के लिए है जो अल्पसंख्यक समुदाय से हैं और कौशल प्रशिक्षण के ज़रिए नौकरी पाना चाहते हैं। प्रशिक्षण अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कामों के लिए दिया जाएगा। अभी सरकार ने यह नहीं बताया कि किससे कब आवेदन मांगा जाएगा, इसलिए इंतज़ार करें और अपने ज़िले के कौशल केंद्र या मंत्रालय की जानकारी पर नज़र रखें।

मुख्य बातें

  • 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में समीक्षा और हितधारक संवाद कार्यक्रम हुआ
  • कार्यक्रम में 80 से अधिक लोग शामिल हुए
  • मध्य प्रदेश में 2,400 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण, PAC के साथ समझौता
  • कर्नाटक, पुडुचेरी, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और गुजरात में 6,300 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण, CEMS के साथ समझौता
  • उत्तर प्रदेश में 900 उम्मीदवारों को सोलर पीवी इंस्टॉलर (सूर्यमित्र) की ट्रेनिंग, IED के साथ समझौता
  • गांदरबल, जम्मू-कश्मीर में 120 उम्मीदवारों को 390 घंटे की विलो क्राफ्ट कारीगर ट्रेनिंग

क्या हुआ है

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में “समावेश से विकास – क्रियान्वयन समीक्षा एवं हितधारक संवाद” कार्यक्रम किया। इसमें 80 से अधिक लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विरासत का समवर्धन (PM VIKAS) योजना की प्रगति देखी गई और प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा प्लेसमेंट को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई।

PM VIKAS क्या है

PM VIKAS अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की योजना है। इसका मकसद अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें नौकरी के काबिल बनाना है। मंत्रालय चाहता है कि हर प्रशिक्षु ट्रेनिंग पूरी करके प्रमाणपत्र ले और रोजगार पाए।

किन संस्थानों से समझौते हुए

कार्यक्रम में तीन संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए — पिथमपुर ऑटो क्लस्टर (PAC), मैरीटाइम एवं शिपबिल्डिंग के उत्कृष्टता केंद्र (CEMS) और उद्यमिता विकास संस्थान (IED)। इसके अलावा 3 नवंबर 2026 को केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर के साथ भी समझौता हुआ, जो योजना के पारंपरिक कौशल हिस्से से जुड़ा है।

किस राज्य में कितने युवाओं को ट्रेनिंग

PAC के साथ समझौते से मध्य प्रदेश में 2,400 उम्मीदवारों को ट्रेनिंग मिलेगी। इनमें इलेक्ट्रिक वाहन सेवा तकनीशियन, सीएनसी मिलिंग प्रोग्रामर, वेयरहाउस एसोसिएट और सप्लाई चेन एग्जीक्यूटिव (सस्टेनेबिलिटी) जैसे काम सिखाए जाएंगे।

CEMS के साथ समझौते से कर्नाटक, पुडुचेरी, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और गुजरात में 6,300 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें बिजनेस एनालिस्ट, वेयरहाउस सुपरवाइजर, एआई टेक्नोक्रेट और गेस्ट सर्विस एग्जीक्यूटिव (फ्रंट ऑफिस) जैसी भूमिकाएं शामिल हैं।

IED के साथ साझेदारी के तहत उत्तर प्रदेश में 900 उम्मीदवारों को सोलर पीवी इंस्टॉलर (सूर्यमित्र) की भूमिका में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका मकसद युवाओं को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के लिए तैयार करना है।

जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में 120 उम्मीदवारों को 390 घंटे के प्रशिक्षण कार्यक्रम से विलो क्राफ्ट कारीगर बनाया जाएगा। इससे पारंपरिक शिल्प कौशल बचाने में मदद मिलेगी।

निगरानी और सुधार पर ज़ोर

कार्यक्रम में बताया गया कि भारतीय गुणवत्ता परिषद (QCI) और भारतीय प्रबंधन संस्थान, बेंगलुरु स्वतंत्र निगरानी करते हैं। एकस्टेप फाउंडेशन ने प्लेसमेंट सुधारने के लिए ब्लूडॉट और उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया लेने के लिए वॉयस एआई जैसे तकनीकी तरीके पेश किए। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) की भूमिका पर भी चर्चा हुई।

मंत्रालय की निदेशक सुश्री नेहा गिरी ने कहा कि सभी परियोजना क्रियान्वयन एजेंसियों (PIAs) को प्लेसमेंट नतीजों, नियोक्ताओं से संपर्क और सत्यापित प्लेसमेंट डेटा की समय पर रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देनी चाहिए।

आगे क्या करें

विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दाखिले के लिए कब और कैसे आवेदन करना है। जिन युवाओं को इनमें दिलचस्पी है, वे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की जानकारी और अपने इलाके के कौशल केंद्रों पर नज़र रखें।

सवाल-जवाब

PM VIKAS योजना क्या है?

यह अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की योजना है, जिसका पूरा नाम प्रधानमंत्री विरासत का समवर्धन (PM VIKAS) है। इसका मकसद अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के मौके बढ़ाना है।

उत्तर प्रदेश में कितने युवाओं को ट्रेनिंग मिलेगी और किस काम की?

उत्तर प्रदेश में 900 उम्मीदवारों को सोलर पीवी इंस्टॉलर (सूर्यमित्र) की भूमिका के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण उद्यमिता विकास संस्थान (IED) के साथ समझौते के तहत होगा।

मध्य प्रदेश में कौन-कौन से कोर्स कराए जाएंगे?

मध्य प्रदेश में 2,400 उम्मीदवारों को इलेक्ट्रिक वाहन सेवा तकनीशियन, सीएनसी मिलिंग प्रोग्रामर, वेयरहाउस एसोसिएट और सप्लाई चेन एग्जीक्यूटिव (सस्टेनेबिलिटी) जैसे कामों की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह पिथमपुर ऑटो क्लस्टर (PAC) के साथ समझौते से होगा।

इस ट्रेनिंग के लिए आवेदन कब और कैसे करें?

सरकारी विज्ञप्ति में आवेदन की तारीख या तरीका नहीं बताया गया है। जब आवेदन खुलेंगे, उसकी जानकारी अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय या संबंधित प्रशिक्षण संस्थान के ज़रिए मिलेगी।

क्या इस योजना में सभी को ट्रेनिंग मिल सकती है?

विज्ञप्ति के मुताबिक यह प्रशिक्षण अल्पसंख्यक समुदायों के युवाओं के लिए है। किस राज्य में कितने उम्मीदवारों को मौका मिलेगा, यह संस्थान के साथ हुए समझौतों में तय किया गया है।

स्रोत: PIB, "अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने ‘समावेश से विकास’ कार्यक्रम का आयोजन किया। ‘पीएम विकास’ कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा और इसके हितधारकों की भागीदारी को मजबूत किया", 4 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें

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