विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025: गिनीज रिकॉर्ड, 10 राष्ट्रीय विजेता सम्मानित; उल्लास के लिए नए दिशानिर्देश जारी
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में विकसित भारत बिलाथॉन 2025 की 10 राष्ट्रीय विजेता टीमों को सम्मानित किया और इस आयोजन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र मिला। इसका असर स्कूली छात्रों और B.Ed जैसे शिक्षक शिक्षा कोर्स में पढ़ने वाले छात्र-शिक्षकों पर पड़ता है।
आपके लिए इसका मतलब
आम लोगों को किसी आवेदन या तारीख के लिए कुछ करने की जरूरत इस खबर में नहीं बताई गई है। यह खबर उन स्कूली छात्रों के लिए है जो नवाचार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं, और उन छात्र-शिक्षकों के लिए जो B.Ed, B.P.Ed, M.Ed, M.P.Ed जैसे NCTE-मान्यता प्राप्त कोर्स में पढ़ रहे हैं। नए दिशानिर्देशों के मुताबिक ऐसे छात्र-शिक्षकों को स्वयंसेवक शिक्षक के रूप में 5 से 8 निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने में मदद करनी है, और सफल होने पर उन्हें शैक्षणिक क्रेडिट मिलेंगे।
मुख्य बातें
- विकसित भारत बिलाथॉन 2025 में आइडिया और प्रोटोटाइप दोनों श्रेणियों में कुल 2,87,967 परियोजना प्रविष्टियाँ मिलीं।
- इसे 'सबसे बड़ी नवाचार समाधान प्रतियोगिता' के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र मिला।
- 10 राष्ट्रीय, 100 राज्य और 1,000 जिला पुरस्कार विजेताओं का चयन हुआ; कुल पुरस्कार राशि ₹1 करोड़ से अधिक रखी गई थी।
- राष्ट्रीय स्तर की 10 टीमों को कुल ₹17.50 लाख मिले: प्रोटोटाइप श्रेणी की 5 टीमों को ₹2,50,000 प्रत्येक और आइडिया श्रेणी की 5 टीमों को ₹1,00,000 प्रत्येक।
- सम्मानित विजेता असम, दिल्ली, गुजरात, झारखंड, जम्मू और कश्मीर, केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश से थे।
- उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत शिक्षक शिक्षा संस्थानों (TEI) के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए।
क्या हुआ
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में ‘विकसित भारत बिलाथॉन (VBB) 2025’ की राष्ट्रीय स्तर की 10 विजेता टीमों और नवोन्मेषकों को सम्मानित किया। इस मौके पर VBB 2025 को “सबसे बड़ी नवाचार समाधान प्रतियोगिता” के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र भी दिया गया। कार्यक्रम में मंत्री ने ई-कचरे पर आधारित क्विज़ के विजेता छात्रों को पुरस्कार भी बाँटे।
बिलाथॉन क्या है
यह प्रतियोगिता केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (DOSEL) ने अटल इनोवेशन मिशन (AIM), नीति आयोग और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के सहयोग से कराई। इसका मकसद स्कूली छात्रों में रचनात्मक समस्या-समाधान, उद्यमिता और वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाना था। विज्ञप्ति के मुताबिक इसमें छात्रों को बिना किसी पहले से तय समस्या या समाधान के, खुद समस्याएँ पहचानने और उनके हल खोजने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘स्वदेशी’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘समृद्ध भारत’ इन चार स्तंभों पर आधारित थी।
कितनी प्रविष्टियाँ और कितने विजेता
‘आइडिया’ और ‘प्रोटोटाइप’ दोनों श्रेणियों में कुल 2,87,967 परियोजना प्रविष्टियाँ जमा हुईं। इन्हें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में जाँचा गया, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों के पैनल शामिल थे। इसके बाद 10 राष्ट्रीय, 100 राज्य और 1,000 जिला पुरस्कार विजेताओं का चयन किया गया।
किसे कितना पैसा मिला
जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर मिलाकर ₹1 करोड़ से अधिक की पुरस्कार राशि रखी गई थी। राष्ट्रीय स्तर की 10 टीमों को कुल ₹17.50 लाख का नकद पुरस्कार दिया गया। प्रोटोटाइप श्रेणी की शीर्ष 5 टीमों में से हर एक को उसके काम करने वाले मॉडल के लिए ₹2,50,000 मिले। आइडिया श्रेणी की 5 विजेता टीमों में से हर एक को ₹1,00,000 दिए गए, ताकि वे अपने विचारों को आगे बढ़ा सकें। सम्मानित विजेता असम, दिल्ली, गुजरात, झारखंड, जम्मू और कश्मीर, केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश से थे।
उल्लास के लिए नए दिशानिर्देश
कार्यक्रम में ‘उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत ‘शिक्षक शिक्षा संस्थानों (TEI) के लिए दिशानिर्देश’ जारी किए गए। इनमें NCTE-मान्यता प्राप्त शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों (जैसे B.Ed, B.P.Ed, M.Ed, M.P.Ed और अन्य मान्यता प्राप्त कोर्स) में पढ़ने वाले छात्र-शिक्षकों को ‘स्वयंसेवक शिक्षक’ के रूप में जोड़ने की बात कही गई है।
दिशानिर्देशों के मुताबिक हर छात्र-शिक्षक को 5 से 8 ऐसे लोगों को साक्षर बनाने में मदद करनी है जो साक्षर नहीं हैं, और उनका प्रमाणन कराना है। ऐसा सफलतापूर्वक करने पर उन्हें शैक्षणिक क्रेडिट दिए जाएंगे। ये दिशानिर्देश DOSEL ने संबंधित हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद तैयार किए हैं, और इनमें NCTE, NCERT, CNCL, SCERT, DIET, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरणों, जिला प्राधिकरणों, TEI और छात्र-शिक्षकों की भूमिकाएँ भी तय की गई हैं।
ई-कचरे पर जोर
‘विशेष अभियान 6.0’ के तहत मंत्रालय के दोनों विभागों ने ई-कचरे के बारे में जागरूकता और उसके संग्रहण के लिए काम किया। DOSEL के सचिव श्री टी. के. अनिल कुमार ने अभियान में जमा ई-कचरा अधिकृत पुनर्चक्रण-कर्ता को सौंपा। स्कूलों में ई-कचरे पर प्रातःकालीन सभाएँ और क्विज़ भी हुए। मंत्री ने कहा कि ई-कचरे की समस्या से निपटना संस्थानों, समुदायों और नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सवाल-जवाब
विकसित भारत बिलाथॉन 2025 क्या है?
यह स्कूली छात्रों के लिए एक नवाचार प्रतियोगिता है, जिसे स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (DOSEL) ने अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग और AICTE के सहयोग से कराया। इसमें छात्रों को खुद समस्याएँ पहचानकर उनके समाधान सुझाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बिलाथॉन में कितनी प्रविष्टियाँ आईं और कितने विजेता चुने गए?
कुल 2,87,967 परियोजना प्रविष्टियाँ आईं। इनमें से 10 राष्ट्रीय, 100 राज्य और 1,000 जिला स्तर के विजेता चुने गए।
राष्ट्रीय विजेताओं को कितना पैसा मिला?
राष्ट्रीय स्तर की 10 टीमों को कुल ₹17.50 लाख दिए गए। प्रोटोटाइप श्रेणी की 5 टीमों को ₹2,50,000 प्रत्येक और आइडिया श्रेणी की 5 टीमों को ₹1,00,000 प्रत्येक मिले।
उल्लास के नए दिशानिर्देश किस पर लागू होते हैं?
ये दिशानिर्देश NCTE-मान्यता प्राप्त शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों जैसे B.Ed, B.P.Ed, M.Ed, M.P.Ed और अन्य मान्यता प्राप्त कोर्स में पढ़ने वाले छात्र-शिक्षकों पर लागू होते हैं। उन्हें स्वयंसेवक शिक्षक के रूप में 5 से 8 निरक्षर लोगों को साक्षर बनाना और उनका प्रमाणन कराना है।
क्या इस खबर में आवेदन की कोई तारीख दी गई है?
नहीं। इस विज्ञप्ति में किसी आवेदन, पंजीकरण या अंतिम तारीख का जिक्र नहीं है।
स्रोत: PIB, "केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने 'विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025' के विजेताओं को सम्मानित किया", 28 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें
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