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CBSE अनुभव केंद्र का उद्घाटन: द्वारका में बना 6,000 वर्ग फुट का केंद्र, 12 ज़ोन और 21 प्रदर्शनियां

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के द्वारका स्थित सीबीएसई इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स में सीबीएसई अनुभव केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र उन छात्रों और आगंतुकों के लिए है जो किताबों से आगे जाकर शिक्षा, तकनीक और करियर के विकल्पों को समझना चाहते हैं।

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आपके लिए इसका मतलब

यह केंद्र दिल्ली के द्वारका में सीबीएसई मुख्यालय में बना है, इसलिए वहां जाने वाले छात्र और अभिभावक इसे देख सकते हैं। खबर में यह नहीं बताया गया है कि आम लोगों को इसमें जाने के लिए पहले से बुकिंग करनी होगी या क्या कोई शुल्क है। जो छात्र करियर के विकल्प, नई तकनीक और पढ़ाई के नए तरीके जानना चाहते हैं, उनके लिए यह एक जगह है जहां प्रदर्शनियां और गतिविधियां हैं।

मुख्य बातें

  • उद्घाटन 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के द्वारका स्थित सीबीएसई इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स में हुआ।
  • केंद्र 6,000 वर्ग फुट में फैला है, जिसमें 12 बड़े ज़ोन और 21 प्रदर्शनियां हैं।
  • आगंतुक RFID युक्त स्मार्ट कार्ड से प्रदर्शनियों से जुड़ सकते हैं और गेम-आधारित लीडरबोर्ड का लाभ ले सकते हैं।
  • केंद्र में सीबीएसई के विकास से जुड़े 1935 के रिकॉर्ड भी प्रदर्शित किए गए हैं।
  • देश में पहले से 10,000 अटल टिंकरिंग लैब्स काम कर रही हैं और 50,000 और लैब्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

क्या हुआ

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के द्वारका स्थित सीबीएसई इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स में सीबीएसई अनुभव केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र सीबीएसई मुख्यालय में बनाया गया है। मंत्री ने कहा कि यहां छात्रों को किताबों से आगे जाकर सीखने का मौका मिलेगा।

केंद्र में क्या-क्या है

केंद्र 6,000 वर्ग फुट में फैला है। इसमें 12 बड़े ज़ोन और 21 प्रदर्शनियां हैं। आने वाले लोग RFID युक्त स्मार्ट कार्ड की मदद से प्रदर्शनियों से जुड़ सकते हैं, गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं और गेम-आधारित लीडरबोर्ड का लाभ उठा सकते हैं।

अनुभव की शुरुआत ‘शिक्षा की कहानी’ नाम की फिल्म से होती है, जिसमें सरस्वती नदी की आवाज के जरिए कहानी सुनाई गई है। यह फिल्म गुरुकुल और नालंदा जैसे पुराने शिक्षा केंद्रों से लेकर आज के स्कूलों और डिजिटल क्लासरूम तक का सफर दिखाती है।

एक अलग हिस्से में ऐतिहासिक तस्वीरों और अभिलेखीय सामग्री से सीबीएसई का विकास दिखाया गया है, जिसमें 1935 के रिकॉर्ड भी शामिल हैं। केंद्र में पृथ्वी के इतिहास को दिखाने वाली एक विजुअल और इंटरैक्टिव जियोलॉजिकल टाइमलाइन भी है।

करियर और परीक्षा से जुड़ी चीज़ें

केंद्र में ‘करियर एक्सप्लोरर’, ‘फ्यूचर ऑफ प्रोफेशन्स’ और ‘मैजिक मिरर: फ्यूचर यू’ जैसी इंटरैक्टिव प्रदर्शनियां हैं। ये आगंतुकों को करियर के विकल्प जानने और यह समझने का मौका देंगी कि आने वाले सालों में काम का स्वरूप कैसे बदल सकता है। यहां डॉ. बी. आर. अंबेडकर और डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जैसी हस्तियों के साथ होलोग्राफिक बातचीत भी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पर आधारित एक कियोस्क छात्रों को परीक्षाओं के प्रति स्वस्थ दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह आत्मविश्वास, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच पर ज़ोर देता है।

केंद्र का आखिरी अनुभव ‘एडूवर्स’ है, जो मोशन-आधारित वार्ता और कई इंद्रियों को सक्रिय करने वाले तत्वों को साथ लाता है। यह दर्शकों को जंगलों, महासागरों और हिमालय से लेकर चंद्रमा और अन्य ग्रहों तक की सैर कराता है।

मंत्री ने क्या कहा

मंत्री ने कहा कि हमें रटने की आदत और सिर्फ परीक्षा के अंकों पर ज़्यादा ध्यान देने से आगे बढ़ना चाहिए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो छात्रों की रुचियों और क्षमताओं को पहचान सके और उन्हें व्यावहारिक जीवन में काम आए।

उन्होंने कहा कि यह केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों को दर्शाता है, जो अनुभवात्मक और समग्र शिक्षा पर ज़ोर देती है। उन्होंने अटल टिंकरिंग लैब्स का जिक्र करते हुए बताया कि देश में पहले से 10,000 ऐसी लैब्स काम कर रही हैं और 50,000 और लैब्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है

यह केंद्र दिल्ली के द्वारका में है, इसलिए वहां रहने या जाने वाले छात्र और अभिभावक इसे देख सकते हैं। खबर में यह नहीं बताया गया है कि इसमें जाने के लिए पहले से बुकिंग करनी होगी या कोई शुल्क देना होगा। जो छात्र करियर के विकल्प और पढ़ाई के नए तरीके जानना चाहते हैं, वे इस केंद्र के बारे में सीबीएसई से और जानकारी ले सकते हैं।

सवाल-जवाब

CBSE अनुभव केंद्र कहां है?

यह नई दिल्ली के द्वारका स्थित सीबीएसई इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स में, सीबीएसई मुख्यालय में बना है। इसका उद्घाटन 27 अक्टूबर 2026 को हुआ।

CBSE अनुभव केंद्र में क्या देखने को मिलेगा?

यहां 12 बड़े ज़ोन और 21 प्रदर्शनियां हैं। इनमें शिक्षा के इतिहास पर फिल्म, सीबीएसई के पुराने रिकॉर्ड, पृथ्वी के इतिहास की टाइमलाइन, करियर से जुड़ी प्रदर्शनियां और एडूवर्स नाम का अनुभव शामिल है।

क्या अनुभव केंद्र में जाने के लिए टिकट लगेगा?

खबर में टिकट या शुल्क के बारे में कुछ नहीं बताया गया है। जानकारी के लिए सीबीएसई से संपर्क करना बेहतर होगा।

क्या यह केंद्र परीक्षा की तैयारी में मदद करेगा?

केंद्र में ‘एग्जाम वॉरियर्स’ किताब पर आधारित एक कियोस्क है, जो परीक्षाओं के प्रति स्वस्थ दृष्टिकोण, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच पर ज़ोर देता है। यह पढ़ाई के अलावा करियर के विकल्प जानने में भी मदद करेगा।

अटल टिंकरिंग लैब्स क्या हैं?

ये स्कूलों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने वाली लैब्स हैं। खबर के अनुसार देश में पहले से 10,000 ऐसी लैब्स काम कर रही हैं और 50,000 और लगाने का निर्णय लिया गया है।

स्रोत: PIB, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने नई दिल्ली में सीबीएसई अनुभव केंद्र का उद्घाटन किया", 27 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें

यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ