GeM ने MSME के लिए ट्रांजैक्शन शुल्क घटाया, ₹10 लाख तक के ऑर्डर पर शुल्क शून्य
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने 28 अक्टूबर 2026 को 'GeM संवाद 2026' कार्यक्रम में सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सरकारी खरीद से जुड़े कई सुधार बताए। इसका सीधा फ़ायदा उन छोटे कारोबारियों को है जो GeM पर सरकार को सामान या सेवा बेचते हैं या बेचना चाहते हैं।
आपके लिए इसका मतलब
अगर आपका छोटा या सूक्ष्म उद्यम है और आप GeM पर सरकारी ऑर्डर लेते हैं, तो अब आपको कम ट्रांजैक्शन शुल्क देना होगा और ₹10 लाख तक के ऑर्डर पर कुछ भी नहीं देना होगा। नए विक्रेता के तौर पर जुड़ते समय कॉशन मनी भी नहीं जमा करनी है। आम नागरिकों पर इसका कोई सीधा असर नहीं है; यह कारोबारियों से जुड़ी जानकारी है।
मुख्य बातें
- ट्रांजैक्शन शुल्क ऑर्डर मूल्य के 0.50% से घटाकर 0.30% किया गया
- ₹10 लाख तक के ऑर्डर पर कोई ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं (पहले यह सीमा ₹5 लाख थी)
- ₹10 करोड़ से अधिक के ऑर्डर पर शुल्क की अधिकतम सीमा ₹3 लाख (पहले ₹72.50 लाख)
- जुलाई 2025 में ऑनबोर्डिंग के समय कॉशन मनी जमा करने की अनिवार्यता खत्म की गई
- जनवरी 2024 से OEM पर लागू वेंडर असेसमेंट शुल्क में 66% से 92% तक कटौती
- GeM और लघु उद्योग भारती की साझेदारी में 108 वर्चुअल सम्मेलन हुए
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) सरकारी खरीद की ऑनलाइन मार्केटप्लेस है, जहां सरकारी विभाग सामान और सेवाएं खरीदते हैं और कारोबारी बेचते हैं। 28 अक्टूबर 2026 को GeM ने ‘लघु उद्योग भारती’ (एलयूबी) के साथ ‘GeM संवाद 2026’ के तहत एक कार्यक्रम किया, जिसमें सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSE) के लिए सरकारी खरीद को आसान और सस्ता बनाने वाले सुधार बताए गए।
क्या बदला है
GeM ने ट्रांजैक्शन शुल्क ऑर्डर मूल्य के 0.50% से घटाकर 0.30% कर दिया है। अब ₹10 लाख तक के ऑर्डर पर कोई ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं लगेगा; पहले यह सीमा ₹5 लाख थी। ₹10 करोड़ से अधिक के ऑर्डर पर शुल्क की अधिकतम सीमा ₹3 लाख तय की गई है, जो पहले ₹72.50 लाख थी। विज्ञप्ति के अनुसार GeM पर दिए जाने वाले लगभग 97% ऑर्डरों पर कोई ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं लगता।
इसके अलावा जुलाई 2025 में ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के हिस्से के तौर पर कॉशन मनी (सुरक्षा राशि) जमा करने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई थी। जनवरी 2024 से ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) पर लागू वेंडर असेसमेंट शुल्क में भी 66% से 92% तक की कमी की गई है।
किसे फ़ायदा होगा
इन सुधारों का फ़ायदा उन सूक्ष्म और लघु उद्यमों को मिलेगा जो GeM पर सरकारी ऑर्डर लेते हैं या लेना चाहते हैं। GeM के CEO श्री मिहिर कुमार ने कार्यक्रम में कहा कि इन सुधारों से भागीदारी की लागत कम हुई है, प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और वित्त तक पहुंच बेहतर हुई है। आम नागरिकों पर इसका सीधा असर नहीं है।
पैसे की सुविधा कैसे मिलेगी
GeM के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अजीत बी. चव्हाण ने बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणा के अनुरूप GeM को सभी पांच TReDS एक्सचेंजों के साथ जोड़ दिया गया है। उनके अनुसार GeM SAHAY के जरिए GeM पर मिले परचेज ऑर्डर के आधार पर बिना किसी कोलेटरल (गिरवी) के ऋण मिलने से MSME की वर्किंग कैपिटल और समय पर भुगतान की समस्या में मदद मिलेगी।
मदद कहां मिलेगी
2024 में हुए एक समझौते से बनी GeM और एलयूबी की साझेदारी ने अब तक देश भर में कई प्रत्यक्ष कार्यक्रमों के अलावा 108 वर्चुअल सम्मेलन किए हैं। एलयूबी के अध्यक्ष श्री मधुसूदन दादू और राष्ट्रीय महासचिव श्री ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि एलयूबी अपने अखिल भारतीय कार्यालय नेटवर्क, हर हफ्ते होने वाली GeM-एलयूबी वर्चुअल कॉन्फ्रेंस और कार्यालयों में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों द्वारा चलाए जाने वाले सहायता केंद्र (फैसिलिटेशन काउंटर) के जरिए MSME तक पहुंच बढ़ाएगा।
सवाल-जवाब
GeM पर ट्रांजैक्शन शुल्क कितना है अब?
अब ट्रांजैक्शन शुल्क ऑर्डर मूल्य का 0.30% है, जो पहले 0.50% था। ₹10 लाख तक के ऑर्डर पर कोई ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं लगता।
GeM पर कितने ऑर्डर पर शुल्क नहीं लगता?
GeM पर दिए जाने वाले लगभग 97% ऑर्डरों पर कोई ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं लगता। यह जानकारी सरकारी विज्ञप्ति में दी गई है।
GeM पर विक्रेता बनने के लिए कॉशन मनी देनी पड़ती है?
नहीं। जुलाई 2025 में ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के हिस्से के तौर पर कॉशन मनी (सुरक्षा राशि) जमा करने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई थी।
GeM SAHAY क्या है?
GeM SAHAY के जरिए GeM पर मिले परचेज ऑर्डर के आधार पर बिना कोलेटरल (गिरवी) के ऋण मिल सकता है। विज्ञप्ति के अनुसार इससे MSME की वर्किंग कैपिटल और समय पर भुगतान की समस्या में मदद मिलेगी।
GeM से जुड़ी मदद कहां मिल सकती है?
लघु उद्योग भारती अपने अखिल भारतीय कार्यालय नेटवर्क, हर हफ्ते होने वाली GeM-लघु उद्योग भारती वर्चुअल कॉन्फ्रेंस और कार्यालयों में सहायता केंद्र (फैसिलिटेशन काउंटर) के जरिए MSME तक पहुंच बढ़ाएगा।
स्रोत: PIB, "'GeM संवाद 2026' में सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सार्वजनिक खरीद को अधिक सुलभ और किफायती बनाने वाले सुधारों की जानकारी दी गई", 28 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें
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