MY Bharat-NSS के साइक्लोथॉन और वॉकथॉन में 96,700 से ज़्यादा युवाओं ने लिया हिस्सा
माय भारत-राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) ने 30-31 अक्टूबर 2026 को देशभर में साइक्लोथॉन, वॉकथॉन और दौड़ कराईं, जिनमें 200 से ज़्यादा संस्थानों के 96,700 से ज़्यादा लोग शामिल हुए। यह आयोजन नशा मुक्त युवा अभियान के सातवें सप्ताह का हिस्सा था और इसका असर सीधे उन छात्रों और स्वयंसेवकों पर पड़ा जो इन संस्थानों से जुड़े हैं।
आपके लिए इसका मतलब
यह एक जागरूकता अभियान है, कोई नई सरकारी स्कीम या भर्ती नहीं। आम लोगों को इसके लिए कोई फॉर्म नहीं भरना है और कोई आखिरी तारीख भी तय नहीं है। अगर आपका बच्चा या आप खुद किसी स्कूल, कॉलेज या NSS इकाई से जुड़े हैं, तो आगे ऐसी गतिविधियों की जानकारी वहीं से मिल सकती है।
मुख्य बातें
- आयोजन 30-31 अक्टूबर 2026 को हुआ
- 200 से ज़्यादा संस्थानों के 96,700 से ज़्यादा लोग शामिल हुए
- वॉकथॉन और दौड़ में 23,300 से ज़्यादा और साइक्लोथॉन में 8,000 से ज़्यादा लोग शामिल हुए
- साइकिल रैली 10-15 किमी और वॉकथॉन व दौड़ 3-5 किमी की रहीं
- प्लॉगिंग अभियान में 11,400 से ज़्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया
- समापन पर लगभग 26,000 लोगों ने 'नशा मुक्त संकल्प' लिया
क्या हुआ
माय भारत-राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) ने 30-31 अक्टूबर 2026 को देशभर में साइक्लोथॉन, वॉकथॉन और दौड़ का आयोजन किया। इन गतिविधियों में 200 से ज़्यादा संस्थानों के 96,700 से ज़्यादा लोग शामिल हुए। यह आयोजन सार्वजनिक जगहों और प्रमुख नागरिक स्थलों पर हुआ, जहां छात्र, NSS स्वयंसेवक और समूह के सदस्य एक साथ जुटे।
किस अभियान के तहत हुआ
यह 100 सप्ताह के ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ के सातवें सप्ताह की गतिविधि थी। दूसरे माह में इसका विषय ‘स्वस्थ युवा, नशामुक्त युवा’ (शक्ति एवं सेवा) रखा गया। मकसद था युवाओं को नशे के नुकसान के बारे में बताना और उन्हें फिटनेस, स्वस्थ जीवनशैली और सामुदायिक सेवा की ओर जोड़ना।
कितने लोग कहां शामिल हुए
NSS इकाइयों ने 10-15 किमी की साइकिल रैलियां और 3-5 किमी की वॉकथॉन व दौड़ कराईं। वॉकथॉन और दौड़ में कुल 23,300 से ज़्यादा लोग शामिल हुए, जबकि साइक्लोथॉन में 8,000 से ज़्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया। इनमें स्कूली समूह, महिला समूह और वरिष्ठ नागरिक भी शामिल थे।
सिर्फ दौड़ ही नहीं, और भी गतिविधियां
स्वयंसेवकों ने नुक्कड़ नाटक, नारा-लेखन और गीत भी आयोजित किए, ताकि लोग नशे, साथियों के दबाव और रिकवरी जैसे विषयों पर खुलकर बात कर सकें। नुक्कड़ नाटकों में 5,600 से ज़्यादा लोग शामिल हुए, जबकि स्लोगन लिखने और संगीत से जुड़ी गतिविधियों में 11,800 से ज़्यादा लोगों ने भाग लिया।
सफाई और पर्यावरण भी
अभियान में ‘प्लॉगिंग’ यानी दौड़ते या चलते हुए रास्ते से कचरा उठाने की गतिविधि भी शामिल रही। इसमें 11,400 से ज़्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया। उन्होंने कचरा इकट्ठा किया और अलग किए गए कचरे को स्थानीय नगर निकायों को सौंप दिया।
अंत में क्या हुआ
इन गतिविधियों का समापन एक सामूहिक ‘नशा मुक्त संकल्प’ के साथ हुआ, जिसमें लगभग 26,000 प्रतिभागियों और समूह के सदस्यों ने नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। युवा एंबेसडरों ने इंस्टाग्राम पर #NashaMuktYuva के साथ इन गतिविधियों की रील्स और तस्वीरें भी साझा कीं।
आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है
यह एक जागरूकता अभियान है, कोई नई सरकारी स्कीम नहीं। इसके लिए आम लोगों को कोई आवेदन नहीं करना है और कोई आखिरी तारीख भी तय नहीं है। जो छात्र और स्वयंसेवक स्कूल, कॉलेज या NSS इकाइयों से जुड़े हैं, उन्हें आगे की ऐसी गतिविधियों की जानकारी अपनी संस्था से मिल सकती है।
सवाल-जवाब
MY Bharat-NSS का साइक्लोथॉन और वॉकथॉन कब हुआ?
30-31 अक्टूबर 2026 को। यह देशभर में 200 से ज़्यादा संस्थानों में आयोजित किया गया।
इस आयोजन में कितने लोग शामिल हुए?
96,700 से ज़्यादा लोग। इनमें वॉकथॉन और दौड़ में 23,300 से ज़्यादा और साइक्लोथॉन में 8,000 से ज़्यादा लोग शामिल थे।
क्या इसमें हिस्सा लेने के लिए कहीं आवेदन करना है?
नहीं। यह एक जागरूकता अभियान था, जिसके लिए आम लोगों के आवेदन या रजिस्ट्रेशन की कोई बात विज्ञप्ति में नहीं कही गई है।
यह अभियान किस सिलसिले में हुआ?
यह 100 सप्ताह के 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान' के सातवें सप्ताह का हिस्सा था। इसका विषय 'स्वस्थ युवा, नशामुक्त युवा' था।
प्लॉगिंग क्या है?
जॉगिंग या दौड़ते हुए रास्ते से कचरा उठाना। इस अभियान में 11,400 से ज़्यादा युवाओं ने कचरा इकट्ठा कर स्थानीय नगर निकायों को सौंपा।
स्रोत: PIB, "एमवाई भारत-एनएसएस ने नशा मुक्त युवा अभियान के तहत राष्ट्रव्यापी साइक्लोथॉन और वॉकथॉन में 96,700 से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की", 31 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें
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