ESIC अस्पताल कर्नाटक में 37 अनुबंध कर्मचारी फिर काम पर, 7.40 लाख रुपये बकाया वेतन मिला
श्रम और रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) तंत्र के हस्तक्षेप से कर्नाटक के ESIC मॉडल अस्पताल का विवाद सुलझा, जिसके बाद 37 अनुबंध कर्मचारियों को 23.10.2026 से दोबारा काम पर रखा गया और उनका लगभग 7.40 लाख रुपये बकाया वेतन दिया गया। इसका असर सीधे उन कर्मचारियों पर है जिन्हें अनुबंध खत्म होने से पहले ही हटा दिया गया था।
आपके लिए इसका मतलब
यह फ़ैसला उस कर्नाटक अस्पताल के 37 अनुबंध कर्मचारियों के लिए है, जिन्हें समय से पहले काम से हटा दिया गया था। उन्हें नौकरी वापस मिली और सितंबर 2026 का बकाया वेतन भी मिल गया। दूसरे राज्यों के आम पाठकों पर इसका सीधा असर नहीं है, लेकिन यह दिखाता है कि अनुबंध कर्मचारी अपनी शिकायत श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) के दफ़्तर तक ले जा सकते हैं।
मुख्य बातें
- 37 अनुबंध कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखा गया
- 23.10.2026 से काम पर वापसी हुई
- सितंबर 2026 का लगभग 7.40 लाख रुपये बकाया वेतन चुकाया गया
- विवाद अनुबंध खत्म होने से पहले नर्सिंग अर्दली और सहायक कर्मचारियों को हटाए जाने को लेकर था
- मामला कर्नाटक स्थित ESIC मॉडल अस्पताल का है
- सुलह में ESIC मुख्य नियोक्ता के तौर पर और ठेकेदार दोनों शामिल हुए
क्या हुआ है
श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत काम करने वाले मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) के तंत्र ने एक औद्योगिक विवाद में हस्तक्षेप किया। इसके बाद कर्नाटक स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) मॉडल अस्पताल के 37 अनुबंध कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखा गया। मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार इन कर्मचारियों का लगभग 7.40 लाख रुपये बकाया वेतन भी दिया गया।
विवाद क्या था
यह मामला कर्नाटक राज्य ESIC मॉडल अस्पताल के अनुबंध कर्मचारियों के संघ ने उठाया था। शिकायत यह थी कि अनुबंध की अवधि पूरी होने से पहले ही नर्सिंग अर्दली और सहायक कर्मचारियों को काम से हटा दिया गया। यानी जिन कर्मचारियों का अनुबंध अभी चल रहा था, उन्हें बीच में ही हटाने की बात सामने आई।
सुलह कैसे हुई
विज्ञप्ति के मुताबिक मामले को तुरंत सुलह-वार्ता के लिए लिया गया। मुख्य नियोक्ता के तौर पर ESIC और ठेकेदार, दोनों को इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए बुलाया गया। बेंगलुरु स्थित उप मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) के मार्गदर्शन में बेंगलुरु के सहायक श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद यह समझौता हुआ।
कर्मचारियों को क्या मिला
सभी 37 प्रभावित अनुबंध श्रमिकों को 23.10.2026 से काम पर वापस रखा गया। साथ ही सितंबर 2026 महीने का उनका बकाया वेतन, जो लगभग 7.40 लाख रुपये था, चुकाया गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि समय पर समाधान होने से इन श्रमिकों की नौकरी बची और उनका बकाया वेतन भी मिला।
किसे फ़ायदा होगा
इसका सीधा फ़ायदा उन 37 अनुबंध कर्मचारियों को हुआ है जो इस अस्पताल में काम करते थे। दूसरे राज्यों के आम पाठकों पर इसका कोई सीधा असर नहीं है। मंत्रालय ने इसे श्रमिक हितों की रक्षा और औद्योगिक विवादों को बातचीत से सुलझाने की अपनी कोशिश बताया है।
आगे क्या करें
विज्ञप्ति में आम लोगों के लिए कोई आवेदन, फॉर्म या तारीख नहीं दी गई है। जिन कर्मचारियों के साथ ऐसी समस्या हो, वे अपने इलाके के श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) के दफ़्तर से संपर्क कर सकते हैं, जहां औद्योगिक विवादों की सुलह-वार्ता होती है।
सवाल-जवाब
ESIC अस्पताल कर्नाटक में कितने कर्मचारियों को वापस नौकरी मिली?
37 अनुबंध कर्मचारियों को दोबारा काम पर रखा गया। ये वे कर्मचारी थे जिन्हें अनुबंध की अवधि खत्म होने से पहले ही हटा दिया गया था।
कर्मचारियों को कब से काम पर वापस बुलाया गया?
23.10.2026 से सभी 37 अनुबंध श्रमिकों को फिर से काम पर रखा गया। यह जानकारी श्रम और रोजगार मंत्रालय की विज्ञप्ति में दी गई है।
बकाया वेतन कितना और किस महीने का दिया गया?
सितंबर 2026 महीने का लगभग 7.40 लाख रुपये बकाया वेतन दिया गया। यह रकम सभी प्रभावित कर्मचारियों का कुल बकाया बताया गया है।
यह मामला किसने उठाया था?
कर्नाटक राज्य ESIC मॉडल अस्पताल के अनुबंध कर्मचारियों के संघ ने यह मामला उठाया था। इसके बाद मामला सुलह-वार्ता में लिया गया।
सुलह में कौन-कौन शामिल हुए?
मुख्य नियोक्ता के तौर पर ESIC और ठेकेदार, दोनों को सुलह प्रक्रिया में शामिल होने के लिए बुलाया गया। वार्ता बेंगलुरु के श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) दफ़्तर के मार्गदर्शन में हुई।
स्रोत: PIB, "कर्नाटक के ईएसआईसी अस्पताल में सफल सुलह प्रक्रिया के परिणामस्वरूप 37 अनुबंध कर्मचारियों को पुनः काम पर रखा गया और उनके 7.40 लाख रुपये के बकाए वेतन का भुगतान भी सुनिश्चित किया गया", 26 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें
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