गया में BIMCGL की शुरुआत, 300 एकड़ के लिए 12 MoU और ₹4,200 करोड़ निवेश का प्रस्ताव
नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NICDC) ने 24 अक्टूबर 2026 को बोधगया में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) की औपचारिक शुरुआत की। इससे गया जिले के डोभी ब्लॉक में बन रहे औद्योगिक क्षेत्र में निवेश और रोजगार की उम्मीद जुड़ी है।
आपके लिए इसका मतलब
यह खबर सीधे तौर पर गया और आसपास के लोगों से जुड़ी है, क्योंकि यहाँ औद्योगिक क्षेत्र बन रहा है और रोजगार की संभावना बताई गई है। आम नागरिकों के लिए अभी कोई आवेदन या तारीख नहीं बताई गई है। जो लोग उद्योग लगाना चाहते हैं, वे BIMCGL की वेबसाइट और भूमि आवंटन पोर्टल देख सकते हैं।
मुख्य बातें
- IMC गया में लगभग 300 एकड़ भूमि के लिए 12 समझौता ज्ञापन (MoU) हुए, जिनमें ₹4,200 करोड़ निवेश का प्रस्ताव है।
- इन समझौतों से 16,095 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
- परियोजना गया जिले के डोभी ब्लॉक में 1,670 एकड़ में फैली है और इसे 28 अगस्त 2024 को मंजूरी मिली थी।
- जमीन की लागत सहित परियोजना की कुल लागत ₹1,339 करोड़ है।
- BIMCGL 6 जनवरी 2025 को बनाई गई थी; यह BIAIDA और NICDIT का संयुक्त उद्यम है।
- कार्यक्रम में लगभग 250 प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें जापान, थाईलैंड और लाओस के राजदूत भी थे।
क्या हुआ है
नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NICDC) ने बिहार में औद्योगिक विकास की दिशा में एक कदम बढ़ाया है। 24 अक्टूबर 2026 को बोधगया में बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) की औपचारिक शुरुआत की। इसी कार्यक्रम में बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 के शुरुआती कार्यक्रम का भी उद्घाटन हुआ।
कितना निवेश और कितने रोजगार
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण IMC गया में लगभग 300 एकड़ औद्योगिक भूमि के लिए संभावित निवेशकों के साथ 12 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करना रहा। इन समझौतों के तहत लगभग ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे 16,095 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रस्तावित निवेश खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल पुर्जे, औषधीय उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य विनिर्माण गतिविधियों से जुड़े हैं।
इससे पहले बिहार सरकार ने IMC गया में विभिन्न क्षेत्रों के संभावित निवेशकों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए थे। उसमें लगभग 2,586 एकड़ भूमि शामिल थी, जिसके लिए कुल ₹31,750 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा गया था और 52,050 रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
BIMCGL क्या है
BIMCGL एक स्पेशल पर्पस व्हीकल है, जो गया में IMC को लागू करने के लिए जिम्मेदार है। इसे नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (NICDP) के तहत अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है। 6 जनवरी 2025 को गठित यह कंपनी बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIAIDA) और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) के बीच संयुक्त उद्यम है, जिसमें दोनों की बराबर हिस्सेदारी है।
एक समर्पित कार्यान्वयन एजेंसी के तौर पर BIMCGL समन्वित योजना, बुनियादी ढांचे के विकास, वैधानिक मंजूरियों, यूटिलिटी कनेक्टिविटी और निवेशकों को सुविधा देने के जरिए परियोजना को आगे बढ़ाएगी।
परियोजना कहाँ और कितनी बड़ी है
गया जिले के डोभी ब्लॉक में 1,670 एकड़ में फैली इस परियोजना को भारत सरकार ने 28 अगस्त 2024 को मंजूरी दी थी। जमीन की लागत सहित इसकी कुल लागत ₹1,339 करोड़ है। इससे लगभग ₹16,500 करोड़ का निवेश आने और करीब 1.10 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए क्या खुला
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने BIMCGL के लोगो का अनावरण किया और इसकी आधिकारिक वेबसाइट तथा एकीकृत भूमि आवंटन पोर्टल लॉन्च किया। इसका मकसद निवेशकों के लिए सुविधाएं बेहतर करना, पारदर्शिता लाना और औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।
काम कहाँ तक पहुँचा
IMC गया में बुनियादी ढांचे का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार ने परियोजना की पूरी जमीन अपने कब्जे में ले ली है। 415 एकड़ जमीन के हस्तांतरण के बदले भारत सरकार ने सितंबर 2025 में ₹132 करोड़ की इक्विटी की पहली किस्त जारी की। परियोजना प्रबंधन एवं निर्माण पर्यवेक्षण सलाहकार और मुख्य बुनियादी ढांचा कार्यों के लिए EPC ठेकेदार पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं और भौतिक निर्माण शुरू हो चुका है। एक विशेष हेलीपैड का निर्माण भी काफी आगे बढ़ चुका है।
यहाँ आंतरिक सड़कें, जलापूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट जल उपचार, बिजली वितरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परियोजना NH-22 और NH-19 के पास है और गया हवाई अड्डे से लगभग 39 किलोमीटर दूर है।
किसे फ़ायदा होगा
IMC गया मुख्य रूप से कृषि-आधारित उद्योगों, कपड़ा और रेडीमेड कपड़ों, फर्नीचर, हस्तशिल्प और हथकरघा, तथा इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यहाँ बन रहा बुनियादी ढांचा बड़े निर्माताओं और MSME को सहयोग देगा और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देगा।
सवाल-जवाब
BIMCGL क्या है?
BIMCGL यानी बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड एक स्पेशल पर्पस व्हीकल है, जो गया में IMC को लागू करने के लिए जिम्मेदार है। यह बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIAIDA) और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) का संयुक्त उद्यम है, जिसमें दोनों की बराबर हिस्सेदारी है।
IMC गया में कितना निवेश आएगा?
नई खबर के अनुसार IMC गया में लगभग 300 एकड़ भूमि के लिए 12 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिनमें लगभग ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है। इससे 16,095 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
IMC गया में कितनी जमीन है और कहाँ है?
यह परियोजना गया जिले के डोभी ब्लॉक में 1,670 एकड़ में फैली है। इसे भारत सरकार ने 28 अगस्त 2024 को मंजूरी दी थी।
क्या आम लोग इसके लिए आवेदन कर सकते हैं?
खबर में आम नागरिकों के लिए किसी आवेदन या तारीख का ज़िक्र नहीं है। यहाँ निवेशकों के लिए भूमि आवंटन पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसका मकसद औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है।
IMC गया में किन उद्योगों पर ध्यान दिया जाएगा?
IMC गया मुख्य रूप से कृषि-आधारित उद्योगों, कपड़ा और रेडीमेड कपड़ों, फर्नीचर, हस्तशिल्प और हथकरघा, तथा इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
स्रोत: PIB, "एनआईसीडीसी ने बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड की शुरुआत के साथ बिहार में औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाया", 24 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें
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