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My Bharat ने नशा मुक्त युवा अभियान के छठे सप्ताह में 2.11 लाख लोगों को जोड़ा

युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के तहत My Bharat ने 26 अक्टूबर 2026 को बताया कि 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा' अभियान के छठे सप्ताह में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 694 कार्यक्रमों से 2,11,139 लोग जुड़े। यह जानकारी उन युवाओं और नागरिकों के लिए है जो नशा मुक्ति से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं।

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आपके लिए इसका मतलब

यह खबर आम लोगों के पैसे या दस्तावेज़ों से सीधे जुड़ी नहीं है। यह बताती है कि सरकारी अभियान के तहत देश भर में जागरूकता कार्यक्रम चल रहे हैं। अगर आपके इलाके में ऐसा कार्यक्रम होता है, तो आप उसमें शामिल होकर नशा मुक्ति का संदेश फैला सकते हैं।

मुख्य बातें

  • छठे सप्ताह में 694 कार्यक्रम आयोजित किए गए।
  • 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,11,139 युवा और नागरिक जुड़े।
  • अभियान 100 सप्ताह का है और युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत चल रहा है।
  • मुख्य गतिविधियाँ: नशे के रावण का दहन/नशा रूपी महिषासुर का वध, पारंपरिक खेल और पड़ोस युवा संसद।
  • 2,11,139 प्रतिज्ञाएँ नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर दर्ज की गईं।
  • कार्यक्रम Fit India और ब्रह्माकुमारीज़, हार्टफुलनेस, फिक्की, सीआईपीयू, एसोचैम तथा प्रोजेक्ट पॉइंट जैसे सहयोगी संगठनों के साथ किए गए।

क्या हुआ है

युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत मेरा युवा भारत (My Bharat) ने ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा’ अभियान के छठे सप्ताह में कई गतिविधियाँ कराईं। 26 अक्टूबर 2026 को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, अनंतिम रिपोर्ट में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 694 कार्यक्रमों से 2,11,139 युवाओं और नागरिकों के जुड़ने की बात कही गई है।

अभियान क्या है

यह 100 सप्ताह का अभियान है, जिसका मकसद जागरूकता कार्यक्रमों, सहभागितापूर्ण गतिविधियों और युवाओं के नेतृत्व वाली पहलों के जरिए युवाओं और समुदायों को नशे के खिलाफ जोड़ना है। विज्ञप्ति के मुताबिक इसका लक्ष्य युवाओं को स्वस्थ, नशा मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और दूसरों को भी नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।

छठे सप्ताह में क्या-क्या हुआ

इस सप्ताह की मुख्य गतिविधियाँ ‘नशे के रावण का दहन/नशा रूपी महिषासुर का वध’, पारंपरिक खेल और ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा पर परिचर्चा’ (पड़ोस युवा संसद) रहीं। विज्ञप्ति के अनुसार इन सांस्कृतिक पहलों से व्यसन पर विजय पाने और नशा न करने का संदेश दिया गया। पारंपरिक खेलों ने शारीरिक फिटनेस, स्वस्थ जीवनशैली और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया। पड़ोस युवा संसद सत्रों ने युवाओं और समुदाय के सदस्यों को नशे के हानिकारक प्रभावों, रोकथाम के तरीकों और नशा मुक्त समाज बनाने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा करने का मंच दिया।

किनके साथ मिलकर हुए कार्यक्रम

विज्ञप्ति के अनुसार ये कार्यक्रम Fit India और ब्रह्माकुमारीज़, हार्टफुलनेस, फिक्की, सीआईपीयू, एसोचैम तथा प्रोजेक्ट पॉइंट जैसे सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर आयोजित किए गए। इस सहयोग से युवा नेटवर्क, सामुदायिक संस्थानों और सहयोगी संगठनों को एक साथ लाकर अभियान की पहुँच बढ़ाने और नशे के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने में मदद मिली।

प्रतिज्ञाएँ और संदेश

अभियान के तहत नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर 2,11,139 प्रतिज्ञाएँ दर्ज की गईं। विज्ञप्ति कहती है कि इन गतिविधियों का उद्देश्य जागरूकता को व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और सामुदायिक स्तर पर कार्रवाई में बदलना था।

आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब है

यह विज्ञप्ति किसी नई सरकारी योजना, आवेदन प्रक्रिया या समय-सीमा की जानकारी नहीं देती। इसलिए आम लोगों को इससे सीधे कोई कागज़ी या पैसों से जुड़ा काम नहीं करना है। यह केवल बताती है कि देश भर में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम चल रहे हैं।

सवाल-जवाब

My Bharat का नशा मुक्त युवा अभियान क्या है?

यह युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा' नाम का 100 सप्ताह का अभियान है। इसका मकसद जागरूकता कार्यक्रमों, गतिविधियों और युवाओं के नेतृत्व वाली पहलों से लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।

छठे सप्ताह में कितने लोग जुड़े?

अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार छठे सप्ताह में 2,11,139 युवा और नागरिक अभियान से जुड़े। यह संख्या 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हुए 694 कार्यक्रमों से है।

इन कार्यक्रमों में क्या-क्या हुआ?

मुख्य केंद्र 'नशे के रावण का दहन/नशा रूपी महिषासुर का वध', पारंपरिक खेल और 'विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा पर परिचर्चा' (पड़ोस युवा संपा) रहे। इनसे सांस्कृतिक सहभागिता, शारीरिक गतिविधि और सामुदायिक संवाद के जरिए नशे के दुरुपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

क्या आम नागरिक इस अभियान में हिस्सा ले सकते हैं?

विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया है कि आम नागरिक कैसे जुड़ सकते हैं या कहाँ संपर्क करें। यह केवल छठे सप्ताह के कार्यक्रमों और उनमें हुई भागीदारी की जानकारी देती है।

इस अभियान से जुड़े कौन-कौन से संगठन हैं?

कार्यक्रम Fit India और ब्रह्माकुमारीज़, हार्टफुलनेस, फिक्की, सीआईपीयू, एसोचैम तथा प्रोजेक्ट पॉइंट जैसे सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर आयोजित किए गए।

स्रोत: PIB, "'नशा मुक्त युवा अभियान' के छठे सप्ताह के दौरान, 'माय भारत ' ने 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2.11 लाख से अधिक प्रतिभागियों को एकजुट किया", 26 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें

यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ