DPPIT ने स्टार्टअप इंडिया, सिंगल विंडो मंजूरी और नियमों में ढील पर रिपोर्ट जारी की
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPPIT) ने 27 अक्टूबर 2026 को एक विज्ञप्ति जारी कर स्टार्टअप सहायता, नियामकीय सुधारों और डिजिटल सिंगल-विंडो मंजूरियों की प्रगति बताई। इसका सीधा असर उन लोगों पर है जो कारोबार शुरू करना चाहते हैं या स्टार्टअप चलाते हैं।
आपके लिए इसका मतलब
अगर आप स्टार्टअप चलाते हैं या नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके काम की है। सरकार का कहना है कि लाइसेंस और मंजूरी के लिए अब कई जगहों पर नहीं जाना पड़ता, एक ही पोर्टल पर आवेदन हो सकता है। आम नौकरीपेशा या किसान पर इसका कोई सीधा असर नहीं है।
मुख्य बातें
- 2,50,046 स्टार्टअप को मान्यता, 770 से अधिक जिलों में 25.42 लाख से अधिक रोजगार
- स्टार्टअप इंडिया सीड फंड से 4,194 स्टार्टअप के लिए 775.67 करोड़ रुपये स्वीकृत
- ऋण गारंटी योजना में 1,662.71 करोड़ रुपये के 532 ऋण गारंटी किए गए
- 47,957 अनुपालन आवश्यकताओं में कमी, 900 कानूनी प्रावधान अपराध की श्रेणी से बाहर
- राष्ट्रीय सिंगल विंडो पर 3,779 सेवाएं, 22 भाषाओं में उपलब्ध
- 12 वर्षों में 843 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
क्या हुआ है
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPPIT) ने 27 अक्टूबर 2026 को एक विज्ञप्ति जारी की। इसमें बताया गया है कि सरकार अनुमति लेने वाली व्यवस्था से आगे बढ़कर भरोसे पर आधारित नियमों की ओर जा रही है। विज्ञप्ति के अनुसार स्टार्टअप, कारोबार के नियमों में ढील, विदेशी निवेश और सिंगल विंडो मंजूरी से जुड़े सुधारों से कारोबार पर नियामकीय बोझ कम हुआ है।
स्टार्टअप को क्या मिला
विज्ञप्ति के मुताबिक DPPIT ने अब तक 2,50,046 स्टार्टअप को मान्यता दी है। इनसे 770 से अधिक जिलों और 56 उद्योग क्षेत्रों में 25.42 लाख से अधिक रोजगार पैदा हुए हैं। इनमें 52 प्रतिशत स्टार्टअप महानगरों से बाहर के शहरों में हैं और 48 प्रतिशत में कम-से-कम एक महिला निदेशक है।
स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के तहत 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 244 इनक्यूबेटरों के जरिए 4,194 स्टार्टअप के लिए 775.67 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 2,147 महिला-नेतृत्व वाले और टियर-2 व टियर-3 शहरों के 2,356 स्टार्टअप शामिल हैं।
ऋण और निवेश में क्या बदला
स्टार्टअप के लिए ऋण गारंटी योजना के तहत 1,662.71 करोड़ रुपये के 532 ऋणों को गारंटी दी गई है। इन स्टार्टअप में 41,637 लोग काम करते हैं। प्रति ऋणकर्ता गारंटी कवर की सीमा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये की गई है और 27 चैंपियन सेक्टरों के लिए वार्षिक शुल्क घटाकर 1 प्रतिशत किया गया है।
निधियों की निधि योजना में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) ने 166 वैकल्पिक निवेश कोषों के लिए 12,623 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जताई है। इन कोषों ने 1,475 स्टार्टअप में 28,254 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
कारोबार के नियम कैसे आसान हुए
विज्ञप्ति के अनुसार केंद्र और राज्यों में कुल 47,957 अनुपालन आवश्यकताओं को कम किया गया है। इनमें 22,290 का डिजिटलीकरण, 16,141 को सरल बनाया गया, 5,255 को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया और 4,271 को समाप्त किया गया। जन विश्वास अधिनियमों के जरिए केंद्रीय कानूनों के 900 प्रावधान अपराध की श्रेणी से बाहर किए गए हैं।
श्रम कानूनों के 29 कानूनों को समेटकर चार श्रम संहिताओं में लाया गया है। छंटनी या प्रतिष्ठान बंद करने के लिए पूर्व अनुमति की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 श्रमिक की गई है। संविदा श्रमिकों के लिए लाइसेंस की सीमा 20 से बढ़ाकर 50 श्रमिक की गई है और कानूनी कार्रवाई से पहले 30 दिन का नोटिस देना अनिवार्य किया गया है।
सिंगल विंडो से मंजूरी कैसे मिलती है
राष्ट्रीय सिंगल विंडो प्रणाली पर अब तक 15,49,850 आवेदन आए, 5,76,778 कारोबार पंजीकृत हुए और 8.5 लाख से अधिक मंजूरियां दी गईं। प्लेटफॉर्म पर 3,779 सेवाएं हैं, जिनमें केंद्र की 327 और राज्यों की 3,452 सेवाएं शामिल हैं। यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।
‘अपनी मंजूरियां जानें’ मॉड्यूल से कारोबारी शुरू में ही जान सकते हैं कि उन्हें किन मंजूरियों की जरूरत होगी। इसमें 8,000 से अधिक मंजूरियों की जानकारी है, जिनमें से 2,825 मंजूरियां eKYC से जोड़ी गई हैं।
किसे फायदा होगा
इन सुधारों का सीधा लाभ उन लोगों को है जो स्टार्टअप चलाते हैं, कारखाना या कारोबार शुरू करना चाहते हैं या विदेशी निवेश लाना चाहते हैं। विज्ञप्ति में आम नागरिकों, किसानों या नौकरीपेशा के लिए कोई अलग प्रावधान नहीं बताया गया है।
सवाल-जवाब
स्टार्टअप इंडिया में अब तक कितने स्टार्टअप को मान्यता मिली है?
2,50,046 स्टार्टअप को मान्यता मिली है। ये 770 से अधिक जिलों और 56 उद्योग क्षेत्रों में फैले हैं।
स्टार्टअप इंडिया सीड फंड से कितना पैसा दिया गया है?
4,194 स्टार्टअप के लिए 775.67 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 244 इनक्यूबेटरों के जरिए दी गई है।
स्टार्टअप के लिए ऋण गारंटी योजना में क्या बदला है?
प्रति ऋणकर्ता गारंटी कवर की सीमा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये कर दी गई है। 27 चैंपियन सेक्टरों के लिए वार्षिक शुल्क घटाकर 1 प्रतिशत किया गया है।
राष्ट्रीय सिंगल विंडो क्या है?
यह एक ऑनलाइन पोर्टल है जहां कारोबारी एक ही जगह से कई मंजूरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस पर 3,779 सेवाएं उपलब्ध हैं और यह 22 भारतीय भाषाओं में है।
GeM पर स्टार्टअप के लिए क्या छूट मिली है?
पूर्व अनुभव, पूर्व कारोबार और अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) की शर्तों में छूट दी गई है। इससे GeM पर पंजीकृत स्टार्टअप जनवरी 2021 के 7,929 से बढ़कर 43,260 हो गए हैं।
शब्दकोश
- eKYC
- आधार से ऑनलाइन पहचान की पुष्टि, जो कई सरकारी योजनाओं का पैसा पाने के लिए ज़रूरी है।
स्रोत: PIB, "उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग ने स्टार्टअप सहायता, नियामकीय सुधारों और डिजिटल सिंगल-विंडो मंजूरियों के माध्यम से विश्वास-आधारित शासन को बढ़ावा दिया", 27 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें
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