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Shilp Samagam Mela 2026: दिल्ली हाट में 1 नवंबर से 15 दिन का शिल्प मेला

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिल्ली हाट, आईएनए में 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक 15 दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ लगा रहा है। इसमें कारीगरों के उत्पाद, शिल्प प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, और लगभग 150 स्टॉल लगेंगे।

आपके लिए इसका मतलब

यह मेला उन लोगों के लिए है जो दिल्ली या आसपास रहते हैं और शिल्प, दीये, सजावट का सामान, कपड़े और खाने-पीने की चीजें देखना-खरीदना चाहते हैं। कारीगरों को अपने उत्पाद दिखाने और बड़े बाजार तक पहुंचाने का मौका मिलेगा। आम लोगों को कोई आवेदन नहीं करना है; जानकारी के लिए मंत्रालय या दिल्ली हाट से संपर्क कर सकते हैं।

मुख्य बातें

  • मेला 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक, कुल 15 दिन चलेगा।
  • जगह: दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली।
  • उद्घाटन 2 नवंबर, सोमवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार करेंगे।
  • थीम: ‘प्रकाश और परंपरा – ज्योति से ज्योति जलाएँ’, कुल सात थीम वाले क्षेत्र।
  • ‘भारत ट्यूलिप’ और ‘पर्पल फेस्ट’ के तहत लगभग 150 स्टॉल लगेंगे।
  • 2022 से अब तक इन मेलों से 1,000 से अधिक कारीगर लाभान्वित हुए हैं।

मेला कब और कहां

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से ‘शिल्प समागम मेला 2026’ लगाया जा रहा है। यह मेला नई दिल्ली के आईएनए स्थित ‘दिल्ली हाट’ में 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक चलेगा, यानी कुल 15 दिन।

मंत्रालय के अनुसार मेले का औपचारिक उद्घाटन सोमवार, 2 नवंबर को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार करेंगे। इस मौके पर दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) की सचिव वी. विद्यावती, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (NSFDC) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक प्रभात त्यागी और राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक आशुतोष जैन भी मौजूद रहेंगे।

इस बार क्या नया है

इस साल पहली बार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (DOSJE) और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) मिलकर ‘शिल्प उत्सव’ का आयोजन कर रहे हैं। इसके तहत ‘भारत ट्यूलिप’ और ‘पर्पल फेस्ट’ के नाम से लगभग 150 स्टॉल लगेंगे।

मंत्रालय के मुताबिक इस जुड़े आयोजन का मकसद पारंपरिक कारीगरों, रचनात्मक प्रतिभाओं और सभी वर्गों की भागीदारी को एक ही मंच पर लाना है।

मेले में क्या देखने को मिलेगा

मेले की थीम ‘प्रकाश और परंपरा – ज्योति से ज्योति जलाएँ’ है। इसमें भारत के पारंपरिक शिल्प, त्योहारी प्रकाश व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को कारीगरों के उत्पादों, जीवंत शिल्प प्रदर्शनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दिखाया जाएगा।

मेला सात अलग-अलग थीम वाले क्षेत्रों में बंटा होगा। ‘कला आँगन’ में शिल्प कला का जीवंत प्रदर्शन होगा, ‘प्रकाश चौक’ में तरह-तरह के दीये और लाइटें मिलेंगी। ‘पूजा पथ’ पर पूजा-पाठ से जुड़ी सामग्री, ‘सजावट बाज़ार’ में घर की सजावट का सामान और ‘घराना’ में कपड़े व फैशन से जुड़ी चीजें उपलब्ध होंगी। ‘स्वाद चौक’ में खाने-पीने की चीजें मिलेंगी, जबकि ‘मंच’ पर सांस्कृतिक गतिविधियां और प्रस्तुतियां होंगी।

भारत ट्यूलिप और पर्पल फेस्ट क्या हैं

मंत्रालय के अनुसार ‘भारत ट्यूलिप’ पारंपरिक कारीगरों के उत्थान और आजीविका से जुड़ा कार्यक्रम है। इसका लक्ष्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए आकांक्षी समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को भारत और विदेशों के उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। इससे पारंपरिक कला और शिल्प को संरक्षित करने में मदद मिलने के साथ आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलता है।

‘पर्पल फेस्ट’ दिव्यांगता, रचनात्मकता, प्रतिभा और समान भागीदारी का उत्सव है। इसमें दिव्यांगजन, संगठन, संस्थान, व्यवसाय, कलाकार, पेशेवर और अन्य हितधारक एक साथ आते हैं, ताकि उपलब्धियों का उत्सव मनाया जा सके और समावेशन की समझ बढ़े।

कारीगरों को क्या फ़ायदा

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह मेला अलग-अलग समूहों और समुदायों को अपनी रचनात्मकता, प्रतिभा और पारंपरिक शिल्प कौशल दिखाने का मंच देता है। साथ ही उनके उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का मौका भी बनता है।

अधिकारी ने बताया कि 2022 से अब तक इन ‘शिल्प समागम मेलों’ से 1,000 से अधिक कारीगर लाभान्वित हुए हैं। मंत्रालय का उद्देश्य इस मेले के जरिए पारंपरिक कारीगरों और उनके उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाना है।

सवाल-जवाब

Shilp Samagam Mela 2026 कब और कहां होगा?

मेला 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 तक दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली में होगा। यह 15 दिन का मेला है।

मेले का उद्घाटन कौन करेगा?

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार सोमवार, 2 नवंबर को उद्घाटन करेंगे। मेला इससे एक दिन पहले यानी 1 नवंबर से शुरू हो जाएगा।

मेले में क्या-क्या मिलेगा?

मेले में सात थीम वाले क्षेत्र होंगे। इनमें शिल्प कला का प्रदर्शन, दीये और लाइटें, पूजा सामग्री, घर की सजावट का सामान, कपड़े और फैशन, खाने-पीने की चीजें और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।

क्या आम लोगों को कुछ करना है या आवेदन करना है?

नहीं, आम लोगों को कोई आवेदन नहीं करना है। यह एक खुला मेला है जहां लोग पहुंचकर कारीगरों के उत्पाद देख और खरीद सकते हैं।

भारत ट्यूलिप और पर्पल फेस्ट क्या हैं?

‘भारत ट्यूलिप’ पारंपरिक कारीगरों के उत्थान और आजीविका से जुड़ा कार्यक्रम है, जो ई-कॉमर्स के जरिए उनके उत्पाद भारत और विदेश में पहुंचाने का लक्ष्य रखता है। ‘पर्पल फेस्ट’ दिव्यांगता, रचनात्मकता और समान भागीदारी का उत्सव है।

स्रोत: PIB, "15-दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ कल से नई दिल्ली के ‘दिल्ली हाट’ में शुरू होगा", 31 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें

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