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पंचायत भूमि पर लगेंगे EV चार्जिंग स्टेशन, मंत्रालय ने CESL से किया MoU

पंचायती राज मंत्रालय ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई जन योजना अभियान 2026-27 की राष्ट्रीय कार्यशाला में पंचायत भूमि पर EV चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाने के लिए CESL से समझौता किया। इसका असर गांवों की पंचायतों पर पड़ेगा, जिन्हें इससे कमाई का नया ज़रिया मिल सकता है।

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आपके लिए इसका मतलब

यह फ़ैसला सीधे आम नागरिक से नहीं, बल्कि ग्राम, ब्लॉक और जिला पंचायतों से जुड़ा है। पंचायतें अपनी ज़मीन पर EV चार्जिंग स्टेशन लगाकर कमाई का नया स्रोत बना सकती हैं। आम लोगों को अभी कोई फॉर्म भरने या आवेदन करने की ज़रूरत नहीं है।

मुख्य बातें

  • कार्यशाला 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई, जिसमें 400 से अधिक लोग शामिल हुए
  • कार्यशाला में PPC 2026-27 पुस्तिका (हिंदी/अंग्रेज़ी) जारी की गई
  • पंचायत भूमि पर EV चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन के लिए CESL से MoU हुआ
  • CESL, विद्युत मंत्रालय के तहत EESL की पूरी तरह स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है
  • 16वें वित्त आयोग ने 2026-31 के लिए 28 राज्यों की पंचायतों हेतु 4,35,236 करोड़ रुपये के अनुदान की सिफ़ारिश की है
  • जन योजना अभियान 2 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ

क्या हुआ

पंचायती राज मंत्रालय ने 30 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में जन योजना अभियान (PPC) 2026-27 पर राष्ट्रीय कार्यशाला रखी। इसमें देश भर से 400 से अधिक लोग शामिल हुए। कार्यशाला में PPC 2026-27 की पुस्तिका हिंदी और अंग्रेज़ी में जारी की गई।

इसी मौके पर मंत्रालय ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता देश भर में पंचायत की ज़मीन पर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन लगाने के लिए है।

EV स्टेशन का काम किसके साथ हुआ

यह समझौता कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (CESL) के साथ हुआ। CESL, विद्युत मंत्रालय के तहत एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) की पूरी तरह स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।

समझौते के मुताबिक मंत्रालय राज्य पंचायती राज विभागों के साथ मिलकर अच्छी जगहों की पहचान और निगरानी में मदद करेगा। CESL साइट का मूल्यांकन, मांग जुटाना, आपूर्ति, स्थापना, टेस्टिंग, शुरुआत, संचालन और रखरखाव का काम देखेगी।

पंचायतों को क्या मिलेगा

मंत्रालय के मुताबिक इससे ग्राम, ब्लॉक और जिला पंचायतों को अपने स्रोत से राजस्व (OSR) के नए मौके मिलेंगे। पंचायत की ज़मीन कमाई वाली सामुदायिक संपत्ति बन सकेगी। इससे नागरिक सेवाओं, बुनियादी ढांचे और सामुदायिक कल्याण के लिए लगातार आय हो सकेगी।

साथ ही यह कदम शहरों से बाहर भी साफ़ गतिशीलता (clean mobility) का ढांचा पहुंचाने की कोशिश है। इसमें दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया और मध्यम व भारी वाहनों के लिए राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे तथा पंचायत परिसरों में उपयुक्त जगहें शामिल हैं।

पहले से क्या चल रहा है

कार्यशाला में प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) का ज़िक्र हुआ, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इसका मकसद सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना, एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केंद्र और राज्य की योजनाओं को जोड़ना और ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPD) को समय पर तैयार करना है।

मंत्रालय ने हाल में मॉडल पंचायत कर, दरें और शुल्क नियम (मॉडल OSR नियम) भी जारी किए थे। ये पंचायतों को पारदर्शी तरीके से अपना राजस्व जुटाने का ढांचा देते हैं।

आगे क्या होगा

कार्यशाला के बाद वित्त वर्ष 2027-28 के लिए अच्छी, सहभागी और अभिसरण वाली विकास योजनाएं बनाने में पंचायतों की मदद के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर अभिविन्यास कार्यक्रम होंगे।

आम लोगों के लिए इसका मतलब

यह फ़ैसला सीधे आम नागरिक के रोज़मर्रा के काम से नहीं जुड़ा है। इसका सीधा असर पंचायतों पर पड़ेगा, जो अपनी ज़मीन पर EV चार्जिंग स्टेशन लगाकर कमाई बढ़ा सकती हैं। अभी आम लोगों के लिए कोई आवेदन, फॉर्म या तारीख नहीं बताई गई है।

सवाल-जवाब

पंचायत भूमि पर EV चार्जिंग स्टेशन कौन लगाएगा?

CESL लगाएगी। समझौते के मुताबिक CESL साइट का मूल्यांकन, मांग जुटाना, आपूर्ति, स्थापना, टेस्टिंग, शुरुआत, संचालन और रखरखाव करेगी।

इससे पंचायत को क्या मिलेगा?

पंचायतों को कमाई का नया स्रोत मिल सकता है। मंत्रालय के मुताबिक पंचायत भूमि से नागरिक सेवाओं, बुनियादी ढांचे और सामुदायिक कल्याण के लिए लगातार आय हो सकेगी।

जन योजना अभियान क्या है?

यह मंत्रालय का अभियान है जो 2 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ। इसका मकसद नागरिकों को योजना बनाने की प्रक्रिया के केंद्र में रखना है।

PM वीजीएसवाई क्या है?

यह प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना है, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इसका मकसद गांव की योजनाओं को एक साथ जोड़कर पंचायत स्तर पर बेहतर योजना बनाना है।

क्या आम आदमी को कुछ करना है?

नहीं, अभी आम नागरिक के लिए कोई आवेदन या तारीख नहीं बताई गई है। यह काम पंचायतों और मंत्रालय के स्तर पर है।

स्रोत: PIB, "केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह ने नई दिल्ली में जन योजना अभियान पर राष्ट्रीय कार्यशाला में 'आत्मनिर्भर पंचायतों' के निर्माण के लिए मज़बूत प्रयास करने का आग्रह किया", 31 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें

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