घटिया दवाओं पर सख़्ती: औषधि नियम 1945 में संशोधन का प्रस्ताव, 30 दिन में भेजें सुझाव
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 में संशोधन का मसौदा जारी किया है, जिससे गुणवत्ता मानकों पर खरी न उतरने वाली दवाओं का विनिर्माण लाइसेंस तुरंत निलंबित हो सके। यह प्रस्ताव दवा बनाने वालों और बेचने वालों पर लागू होगा; आम लोग चाहें तो 30 दिन के भीतर अपनी आपत्ति या सुझाव भेज सकते हैं।

आपके लिए इसका मतलब
यह बदलाव सीधे आम मरीज़ों के इलाज पर असर डालने के लिए है, लेकिन इसमें आम आदमी को कोई फ़ॉर्म या आवेदन नहीं भरना है। अगर आपको दवा की गुणवत्ता को लेकर कोई सुझाव या आपत्ति देनी है, तो मसौदा नियम राजपत्र में आने की तारीख से 30 दिन के भीतर डाक या ई-मेल से भेज सकते हैं। मसौदा अभी प्रस्ताव है, इसलिए नियम बनने से पहले इसमें बदलाव भी हो सकता है।
मुख्य बातें
- औषधि नियम, 1945 में संशोधन का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया है।
- परीक्षण, विघटन, संबंधित पदार्थों, अशुद्धता या रोगाणुरहितता के मानकों पर खरी न उतरने वाली दवा का लाइसेंस तुरंत निलंबित किया जा सकेगा।
- लाइसेंस तभी बहाल होगा जब निर्माता मूल कारण विश्लेषण कर सुधारात्मक और निवारक कार्रवाई (CAPA) लागू करे और अधिकारी उसे सत्यापित करें।
- सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट DCGI, संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के लाइसेंसिंग प्राधिकरण और दवा के निर्माता व विपणनकर्ता को भेजी जाएगी।
- आपत्ति और सुझाव राजपत्र में मसौदा उपलब्ध होने की तारीख से 30 दिन के भीतर भेजे जा सकते हैं।
- प्रस्ताव DCC की 65वीं बैठक (20 दिसंबर 2024) और DTAB की 92वीं बैठक (24 अप्रैल 2025) की सिफारिशों पर आधारित है।
क्या बदला है
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि नियम, 1945 में संशोधन का मसौदा जारी किया है। इसका मक़सद यह है कि जो दवाएं तय गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरतीं, उनका विनिर्माण लाइसेंस तुरंत निलंबित किया जा सके।
मंत्रालय के अनुसार, अभी लाइसेंस निलंबित या रद्द करने से पहले तय प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें ‘कारण बताओ नोटिस’ भी शामिल है। इससे दवा को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं (NSQ) घोषित करने और उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू करने के बीच समय बीत सकता है। इस दौरान दवा बाज़ार में चलती रह सकती है, जिससे जनस्वास्थ्य को जोखिम हो सकता है और दवा वापस मंगाना भी मुश्किल हो जाता है।
किसे फ़ायदा होगा
प्रस्ताव के मुताबिक़, केंद्रीय लाइसेंसिंग अनुमोदन प्राधिकरण या राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण, जो भी मामले में लागू हो, सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट मिलने पर संबंधित दवा का विनिर्माण लाइसेंस तुरंत निलंबित कर सकेगा। रिपोर्ट में दवा को परीक्षण, विघटन, संबंधित पदार्थों, अशुद्धता या रोगाणुरहितता के मामले में NSQ बताया गया हो, तभी ऐसा होगा।
मंत्रालय का कहना है कि इन बदलावों से बाज़ार की दवाओं पर निगरानी मज़बूत होगी, घटिया दवाओं के ख़िलाफ़ समय पर कार्रवाई हो सकेगी और निर्माताओं व विक्रेताओं की जवाबदेही बढ़ेगी।
लाइसेंस बहाली की शर्त
निलंबन तभी हटेगा जब निर्माता गुणवत्ता में विफलता का मूल कारण विश्लेषण करे और लाइसेंसिंग प्राधिकरण की संतुष्टि के अनुसार सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई (CAPA) लागू करे। अधिकारी इन उपायों का सत्यापन करेंगे, उसके बाद ही लाइसेंस बहाल हो सकेगा।
रिपोर्ट कहां जाएगी
सरकारी विश्लेषक की परीक्षण रिपोर्ट से जुड़े ‘फॉर्म 13’ में भी संशोधन प्रस्तावित हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत रिपोर्ट भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI), संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लाइसेंसिंग प्राधिकरण, और संबंधित दवा के निर्माता तथा विपणनकर्ता को भेजी जाएगी।
सुझाव कैसे भेजें
मसौदे को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया है। आपत्तियां और सुझाव राजपत्र में मसौदा नियम जनता के लिए उपलब्ध होने की तारीख से 30 दिन के भीतर भेजे जा सकते हैं। इन्हें अवर सचिव (औषधि), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, यू-6, वर्क हॉल-सी विंग, प्रथम तल, कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली-110001 के पते पर या drugsdiv-mohfw[at]gov[dot]in पर ई-मेल से भेजा जा सकता है। मसौदा राजपत्र अधिसूचना आधिकारिक ई-गजट पोर्टल पर देखी जा सकती है।
मंत्रालय के अनुसार ये प्रस्ताव औषधि परामर्श समिति (DCC) की 20 दिसंबर 2024 की 65वीं बैठक की चर्चाओं और औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड (DTAB) की 24 अप्रैल 2025 की 92वीं बैठक की सिफारिशों पर आधारित हैं।
सवाल-जवाब
घटिया दवाओं पर नया नियम कब लागू होगा?
अभी यह सिर्फ़ प्रस्ताव है, लागू होने की तारीख तय नहीं हुई। मसौदे को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया है और 30 दिन तक सुझाव मांगे गए हैं।
किन दवाओं का लाइसेंस निलंबित हो सकता है?
जो दवाएं परीक्षण, विघटन, संबंधित पदार्थों, अशुद्धता या रोगाणुरहितता के निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरतीं। ऐसी दवा को सरकारी विश्लेषक की रिपोर्ट में NSQ यानी मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं बताया गया हो।
निलंबित लाइसेंस कैसे बहाल होगा?
निर्माता को गुणवत्ता में विफलता का मूल कारण विश्लेषण करना होगा और सुधारात्मक व निवारक कार्रवाई (CAPA) लागू करनी होगी। लाइसेंसिंग प्राधिकरण के सत्यापन के बाद ही लाइसेंस बहाल हो सकेगा।
आम आदमी सुझाव कैसे भेज सकता है?
अपनी आपत्ति या सुझाव अवर सचिव (औषधि), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, यू-6, वर्क हॉल-सी विंग, प्रथम तल, कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली-110001 के पते पर भेज सकते हैं। ई-मेल से drugsdiv-mohfw[at]gov[dot]in पर भी भेजा जा सकता है।
सुझाव भेजने की आख़िरी तारीख क्या है?
मसौदा नियम राजपत्र में जनता के लिए उपलब्ध होने की तारीख से 30 दिन के भीतर सुझाव भेजे जा सकते हैं। मसौदा आधिकारिक ई-गजट पोर्टल पर देखा जा सकता है।
स्रोत: PIB, "केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने उन दवाओं के विनिर्माण लाइसेंस तुरंत निलंबित करने का प्रस्ताव रखा है जो निर्धारित महत्वपूर्ण मानकों पर खड़ा नहीं उतरती हैं", 4 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें
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