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Currency derivatives: अब USD 5 million तक position के लिए underlying exposure ज़रूरी नहीं

SEBI ने 5 नवंबर 2026 के अपने सर्कुलर में currency derivatives में unhedged position की सीमा तय की है। यह नियम domestic clients और Foreign Portfolio Investors (FPIs) पर लागू होता है, आम जमाकर्ताओं या आम निवेशकों पर सीधे नहीं।

सांकेतिक तस्वीर · Pixabay (Buffik)
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आपके लिए इसका मतलब

यह नियम उन लोगों और कंपनियों के लिए है जो stock exchange पर currency derivatives में कारोबार करते हैं, और विदेशी निवेशकों (FPIs) के लिए है। अगर आप आम निवेशक हैं और currency derivatives में कारोबार नहीं करते, तो इसका आप पर सीधा असर नहीं है। जो लोग यह कारोबार करते हैं, उन्हें अपने broker से या exchange की वेबसाइट पर नई सीमा की जानकारी लेनी चाहिए।

मुख्य बातें

  • SEBI का सर्कुलर 5 नवंबर 2026 का है।
  • Domestic clients और FPIs INR वाले currency derivatives में USD 5 million equivalent notional value तक long या short position ले सकते हैं, बिना underlying exposure दिखाए।
  • यह सीमा सभी INR वाले currency pairs पर और सभी मान्यता प्राप्त stock exchanges पर मिलाकर लागू है।
  • FPIs की सभी exchanges पर FCY-INR contracts में short position USD 5 million से ज़्यादा नहीं हो सकती।
  • USD 5 million से ऊपर long position के लिए FPIs को Indian debt या equity securities में underlying exposure दिखाना होगा।
  • यह RBI के 10 अक्टूबर 2026 के A.P. (DIR Series) Circular No. 25 के बाद जारी हुआ है।

क्या बदला है

SEBI ने 5 नवंबर 2026 के सर्कुलर में currency derivatives से जुड़ी एक शर्त बदली है। अब domestic clients और Foreign Portfolio Investors (FPIs) INR वाले currency derivatives contracts में long या short position ले सकते हैं, बिना यह दिखाए कि उनके पास underlying exposure है। यह छूट USD 5 million equivalent notional value तक है।

यह सीमा सभी INR वाले currency pairs पर और सभी मान्यता प्राप्त stock exchanges पर मिलाकर लागू होगी। यानी एक ही निवेशक की सभी exchanges पर position जोड़कर यह सीमा देखी जाएगी।

FPIs के लिए अलग शर्तें

FPIs को यह भी सुनिश्चित करना है कि सभी stock exchanges पर FCY-INR pairs के सभी contracts में उनकी short position USD 5 million से ज़्यादा न हो।

अगर कोई FPI USD 5 million से ऊपर long position लेना चाहता है, तो उसे Indian debt या equity securities में underlying exposure दिखाना होगा। इसमें equity या debt mutual funds की units भी शामिल हैं।

Domestic clients के लिए क्या है

Domestic clients USD 5 million से ऊपर position ले सकते हैं, लेकिन इसके लिए RBI के Master Direction - Risk Management and Inter-Bank Dealings (5 जुलाई 2016) और RBI के 10 अक्टूबर 2026 के सर्कुलर की शर्तें माननी होंगी।

यह बदलाव क्यों हुआ

RBI ने 10 अक्टूबर 2026 के अपने A.P. (DIR Series) Circular No. 25 में INR वाले foreign exchange derivatives में बिना underlying exposure position लेने की सीमा बदली थी। RBI ने derivative contracts को cancel और rebook करने और hedging वाली contracted exposures के दस्तावेज़ों से जुड़ी कुछ अतिरिक्त शर्तें भी तय की थीं।

SEBI ने अपने Master Circular for Stock Exchanges and Clearing Corporations (30 दिसंबर 2024) की उस शर्त को इसी के हिसाब से बदला है। बाकी सभी शर्तें पहले जैसी ही रहेंगी।

आगे क्या होगा

SEBI ने stock exchanges और clearing corporations से कहा है कि वे इस सर्कुलर को लागू करने के लिए ज़रूरी व्यवस्था करें और अपने bye-laws, rules और regulations में ज़रूरी बदलाव करें। उन्हें stock brokers और clearing members को इसकी जानकारी देनी है और अपनी वेबसाइट पर भी इसका प्रचार करना है। साथ ही SEBI को बताना है कि लागू करने की क्या स्थिति है।

आम लोगों पर असर

यह नियम उन लोगों और कंपनियों के लिए है जो stock exchange पर currency derivatives में कारोबार करते हैं, और विदेशी निवेशकों के लिए है। अगर आप आम निवेशक हैं और currency derivatives में कारोबार नहीं करते, तो इसका आप पर सीधा असर नहीं है। जो लोग यह कारोबार करते हैं, वे अपने broker या exchange की वेबसाइट से नई सीमा की जानकारी ले सकते हैं।

सवाल-जवाब

Currency derivatives में underlying exposure की नई सीमा क्या है?

Domestic clients और FPIs INR वाले currency derivatives में USD 5 million equivalent notional value तक long या short position ले सकते हैं, बिना underlying exposure दिखाए। यह सीमा सभी INR वाले currency pairs पर और सभी exchanges पर मिलाकर है।

क्या यह नियम आम निवेशकों पर लागू होता है?

नहीं, यह नियम domestic clients और FPIs के currency derivatives कारोबार के लिए है। जो लोग currency derivatives में कारोबार नहीं करते, उन पर इसका सीधा असर नहीं है।

FPIs को short position में क्या ध्यान रखना है?

FPIs को यह सुनिश्चित करना है कि सभी stock exchanges पर FCY-INR pairs के सभी contracts में उनकी short position USD 5 million से ज़्यादा न हो।

USD 5 million से ऊपर position कौन ले सकता है?

FPIs USD 5 million से ऊपर long position तभी ले सकते हैं जब उनके पास Indian debt या equity securities में underlying exposure हो। Domestic clients RBI के Master Direction और 10 अक्टूबर 2026 के सर्कुलर की शर्तों के तहत ऐसा कर सकते हैं।

यह बदलाव किस वजह से हुआ?

RBI ने 10 अक्टूबर 2026 के अपने सर्कुलर में INR वाले foreign exchange derivatives में बिना underlying exposure position लेने की सीमा बदली थी। उसी के आधार पर SEBI ने अपने Master Circular की शर्तें बदलीं।

स्रोत: SEBI, "Revision of limits relating to requirement of underlying exposure for currency derivatives contracts", 5 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें

यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ