Shilp Samagam Mela 2026: दिल्ली हाट INA में 15 नवंबर तक मेला, 130 से ज़्यादा स्टॉल
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के दिल्ली हाट, आईएनए में शिल्प समागम मेला 2026 का उद्घाटन कराया, जो 15 नवंबर 2026 तक चलेगा। यह मेला उन कारीगरों के लिए है जो अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई कर्मचारी और दिव्यांगजन समुदायों से जुड़े हैं, और आम लोग इसे देखने जा सकते हैं।

आपके लिए इसका मतलब
अगर आप दिल्ली या आसपास रहते हैं और हस्तशिल्प, हथकरघा के कपड़े, सजावट का सामान या खाने-पीने का शौक रखते हैं, तो यह मेला 15 नवंबर 2026 तक आपके लिए खुला है। मेले में जाकर आप सीधे कारीगरों से सामान खरीद सकते हैं और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम देख सकते हैं। जो कारीगर इसमें भाग ले रहे हैं, उन्हें स्टॉल मुफ़्त मिले हैं और यात्रा खर्च, दैनिक भत्ता और सामान ढुलाई की सुविधा भी दी जा रही है।
मुख्य बातें
- मेला 3 नवंबर 2026 से 15 नवंबर 2026 तक, कुल 15 दिन का है।
- जगह: दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली।
- मेले में 130 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं।
- मेले की थीम 'प्रकाश और परंपरा – ज्योति से ज्योति जलाएँ' है।
- मंत्रालय 2022 से अब तक 15 शिल्प समागम मेले करा चुका है, जिनसे 1,000 से अधिक कारीगरों को मौका मिला।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने नई दिल्ली के दिल्ली हाट, आईएनए में शिल्प समागम मेला 2026 का आयोजन किया है। यह 15 दिवसीय मेला 15 नवंबर 2026 तक आगंतुकों के लिए खुला रहेगा। मेले का उद्घाटन केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किया, जिन्होंने स्टॉलों का दौरा भी किया।
मेले की थीम और जगह
मेला ‘प्रकाश और परंपरा – ज्योति से ज्योति जलाएँ’ विषय पर आयोजित है। इसमें भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प, उत्सव की रोशनी और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ दिखाया जा रहा है। मेले में 130 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं।
मेले में क्या-क्या है
मेले को सात अलग-अलग थीम वाले ज़ोन में बाँटा गया है। कला आँगन में शिल्पकार अपनी कला का सजीव प्रदर्शन करते हैं। प्रकाश चौक में दीपों और रोशनी की अलग-अलग छटाएँ हैं। पूजा पथ में पूजा-पाठ से जुड़ी वस्तुएँ रखी गई हैं। सजावट बाज़ार में घर की सजावट का सामान मिलता है। घराना में कपड़ों और फैशन से जुड़े उत्पाद हैं। स्वाद चौक में अलग-अलग व्यंजन चखे जा सकते हैं। मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होती हैं।
शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेले का एक ख़ास आकर्षण शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम हैं। देश के अलग-अलग राज्यों के कलाकार एक मंच पर अपनी कला शैलियाँ और सांस्कृतिक परंपराएँ प्रस्तुत करते हैं। इनमें संगीत, नृत्य और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियाँ शामिल हैं।
किन कारीगरों को मौका मिला है
मेले के स्टॉलों पर अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई कर्मचारी और दिव्यांगजन समुदायों से जुड़े कारीगरों और लाभार्थियों की हस्तशिल्प, हथकरघा और रचनात्मक कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। इन कारीगरों को नेशनल शेड्यूल्ड कास्ट्स फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSFDC), राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC), नेशनल सफाई कर्मचारी फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSKFDC) और नेशनल हैन्डीकैप्ड फाइनैंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NHFDC) का सहयोग मिल रहा है। उन्हें मुफ़्त स्टॉल के साथ यात्रा व्यय, दैनिक भत्ता और सामान के परिवहन जैसी सुविधाएँ भी दी जा रही हैं।
Bharat TULIP और पर्पल फेस्ट
मेले का एक प्रमुख आकर्षण Bharat TULIP है, जिसका उद्देश्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ज़रिए कारीगरों को बड़े बाज़ारों से जोड़ना है। इससे कारीगरों को ज़्यादा ग्राहकों तक पहुँचने में मदद मिलने की बात कही गई है। पर्पल फेस्ट के ज़रिए मेला दिव्यांगजनों की रचनात्मकता और योगदान को भी प्रोत्साहित करता है।
पहले कितने मेले हो चुके हैं
मंत्रालय 2022 से शिल्प समागम मेलों का आयोजन कर रहा है। अब तक हुए 15 ऐसे मेलों से अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सफाई कर्मचारी समुदायों के 1,000 से अधिक कारीगरों को अपने उत्पाद दिखाने और बेचने का मौका मिला है।
सवाल-जवाब
Shilp Samagam Mela 2026 कहाँ लगा है और कब तक चलेगा?
मेला नई दिल्ली के दिल्ली हाट, आईएनए में लगा है और 15 नवंबर 2026 तक आगंतुकों के लिए खुला रहेगा। यह 15 दिवसीय मेला है।
मेले में क्या-क्या देखने को मिलेगा?
मेले में हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद और रचनात्मक कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। इसे सात थीम वाले ज़ोन में बाँटा गया है, जैसे कला आँगन, प्रकाश चौक, पूजा पथ, सजावट बाज़ार, घराना, स्वाद चौक और मंच।
क्या मेले में शाम को कोई कार्यक्रम होता है?
हाँ, मेले में शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला होती है। इनमें देश के विभिन्न राज्यों के कलाकार संगीत, नृत्य और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियाँ देते हैं।
मेले में स्टॉल किन कारीगरों के हैं?
स्टॉल अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई कर्मचारी और दिव्यांगजन समुदायों से जुड़े कारीगरों और लाभार्थियों के हैं। उन्हें NSFDCI, NBCFDC, NSKFDC और NHFDC का सहयोग मिल रहा है।
Bharat TULIP क्या है?
Bharat TULIP मेले का एक प्रमुख आकर्षण है, जिसका उद्देश्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ज़रिए कारीगरों को बड़े बाज़ारों से जोड़ना है। इससे कारीगरों को पहचान और ग्राहकों तक सीधी पहुँच मिलने की बात कही गई है।
स्रोत: PIB, "शिल्प समागम मेला 2026 में पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता का उत्सव", 3 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें
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