Digital Life Certificate अभियान-5: पेंशनभोगी अब स्मार्टफोन से घर बैठे बनाएं जीवन प्रमाणपत्र
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में SBI के साथ मिलकर डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान-5 के तहत एक शिविर लगाया। इस अभियान में दो करोड़ से अधिक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।

आपके लिए इसका मतलब
यह खबर उन लोगों के लिए है जिन्हें सरकारी या बैंक से पेंशन मिलती है। अब पेंशनभोगी बैंक या दफ्तर जाए बिना, अपने स्मार्टफोन से चेहरे की पहचान (face authentication) के जरिए खुद जीवन प्रमाणपत्र बना सकते हैं। SBI 115 शहरों में विशेष शिविर लगा रहा है और अपनी शाखाओं में भी मदद दे रहा है। अगर आपको मदद चाहिए तो अपनी SBI शाखा में पूछ सकते हैं।
मुख्य बातें
- अभियान का नाम: राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) अभियान-5
- 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के एनडीसीसी सम्मेलन केंद्र में शिविर लगा
- अभियान में दो करोड़ से अधिक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जारी करने का लक्ष्य
- SBI 115 शहरों में विशेष DLC शिविर आयोजित कर रहा है
- पिछले साल के अभियान में SBI ने लगभग 25 लाख डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनवाने में मदद की थी
क्या हुआ है
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DOPPW) ने 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के एनडीसीसी सम्मेलन केंद्र में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सहयोग से एक बड़ा शिविर लगाया। यह शिविर राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (DLC) अभियान-5 का हिस्सा है। शिविर में पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया।
विभाग के अनुसार इस अभियान का मकसद जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया को तकनीक के जरिए आसान बनाना है। अभियान के तहत दो करोड़ से अधिक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या बदला है
विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने शिविर में कहा कि face authentication यानी चेहरे से पहचान की प्रक्रिया ने जीवन प्रमाणपत्र जमा करने का तरीका बदल दिया है। अब पेंशनभोगी बैंकों या अन्य कार्यालयों में जाए बिना अपने स्मार्टफोन से खुद अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बना सकते हैं।
SBI क्या मदद कर रहा है
मौजूदा अभियान के तहत SBI 115 शहरों में विशेष DLC शिविर आयोजित कर रहा है। बैंक अपनी शाखाओं और समर्पित सहायता टीमों के जरिए भी लोगों की मदद कर रहा है। जिन शाखाओं में पेंशनभोगियों की संख्या अधिक है, वहां विशेष व्यवस्था की गई है।
विभाग ने बताया कि पिछले साल के अभियान के दौरान बैंक ने लगभग 25 लाख डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनवाने में सहायता की थी।
किसे फ़ायदा होगा
यह सुविधा उन लोगों के लिए है जिन्हें पेंशन मिलती है, खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए। विभाग के संयुक्त सचिव ध्रुवज्योति सेनगुप्ता ने सभी पेंशनभोगियों से इस अभियान की सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अन्य पेंशनभोगियों को भी डिजिटल सेवाएं अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि पेंशन वितरण व्यवस्था और सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बने।
आगे क्या करें
अगर आप पेंशनभोगी हैं और डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनवाना चाहते हैं, तो अपनी SBI शाखा में संपर्क कर सकते हैं या अभियान के तहत लगने वाले शिविरों की जानकारी वहीं से ले सकते हैं। विभाग ने इस बारे में किसी अंतिम तारीख का जिक्र नहीं किया है।
सवाल-जवाब
Digital Life Certificate क्या है?
यह पेंशनभोगी के जीवित होने का डिजिटल प्रमाण है, जिसे अब स्मार्टफोन से बनाया जा सकता है। विभाग के अनुसार इसे बनाने के लिए बैंक या दफ्तर जाना जरूरी नहीं है।
जीवन प्रमाणपत्र घर बैठे कैसे बनेगा?
विभाग के मुताबिक पेंशनभोगी अपने स्मार्टफोन से face authentication यानी चेहरे की पहचान के जरिए खुद डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बना सकते हैं। इसके लिए बैंक या कार्यालय जाना जरूरी नहीं है।
SBI शिविर किन शहरों में लग रहे हैं?
SBI 115 शहरों में विशेष DLC शिविर आयोजित कर रहा है। साथ ही बैंक अपनी शाखाओं और सहायता टीमों के जरिए भी पेंशनभोगियों की मदद कर रहा है।
इस अभियान में कितने प्रमाणपत्र बनाने का लक्ष्य है?
राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान-5 के तहत दो करोड़ से अधिक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
मदद के लिए कहां जाएं?
SBI की शाखाओं में पेंशनभोगियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, खासकर उन शाखाओं में जहां पेंशनभोगियों की संख्या अधिक है। वहां जाकर मदद ली जा सकती है।
स्रोत: PIB, "पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने राष्ट्रव्यापी 'डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान-5' के माध्यम से पेंशनभोगियों का डिजिटल सशक्तिकरण तेज़ किया", 2 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें
यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ