अपना ज़िला चुनें

सभी ज़िले: उत्तर प्रदेश · बिहार · मध्य प्रदेश · दिल्ली

EN

चक्रवात 'अर्नब' पर NCMC की बैठक: पूर्वी UP और बिहार में भारी बारिश की चेतावनी

कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने 26 अक्टूबर 2026 को बंगाल की खाड़ी के चक्रवात 'अर्नब' की तैयारियों की समीक्षा के लिए NCMC की बैठक की अध्यक्षता की। इसका असर आंध्र प्रदेश के तट पर पड़ेगा, और बाद में पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार में भारी बारिश हो सकती है।

WhatsApp पर भेजें3 मिनट

आपके लिए इसका मतलब

यह चक्रवात मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के तट पर टकराएगा, इसलिए पूर्वी UP और बिहार के लोगों पर सीधा असर कम है। लेकिन इन इलाकों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है, इसलिए लोग मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान दें। मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर के बीच समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

मुख्य बातें

  • चक्रवात 'अर्नब' 26 अक्टूबर 2026 की सुबह 05:30 बजे बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था।
  • 28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट पार करने की संभावना है।
  • हवा की गति 115-125 किमी प्रति घंटा रह सकती है, झोंकों के साथ 140 किमी प्रति घंटा तक।
  • मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर के बीच समुद्र में न जाने की सलाह।
  • भारतीय तटरक्षक बल ने अब तक 900 से अधिक जहाजों को सुरक्षित तट या बंदरगाह तक पहुँचाया।

क्या हुआ

कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में बंगाल की खाड़ी में आ रहे चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। NCMC आपदा से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करने वाली शीर्ष समिति है।

चक्रवात अर्नब कहाँ है

बैठक में भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव अब चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ में बदल गया है। 26 अक्टूबर की सुबह 05:30 बजे यह पूर्वी-मध्य और उससे सटे पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर था। यह विशाखापत्तनम से 650 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और बापटला से 910 किमी पूर्व में बताया गया।

आगे क्या हो सकता है

अनुमान है कि चक्रवात 27 अक्टूबर तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और फिर आंध्र प्रदेश के तट की ओर मुड़ेगा। 28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक यह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तट को पार कर सकता है। उस समय हवा की गति 115-125 किमी प्रति घंटा रह सकती है और झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकते हैं।

किसे फ़ायदा या असर होगा

चक्रवात का सीधा असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर पड़ेगा। इसके बाद तेलंगाना, दक्षिणी ओडिशा, दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी असर हो सकता है। कैबिनेट सचिव ने कहा कि पूर्वी UP और बिहार में भारी बारिश की संभावना है, इसलिए गृह मंत्रालय और IMD को इन क्षेत्रों को भी सतर्क करना चाहिए।

तैयारियाँ क्या हैं

बैठक में बताया गया कि लोगों के लिए पर्याप्त आश्रय स्थल बनाए गए हैं और सुरक्षित निकालने के इंतजाम किए गए हैं। NDRF और SDRF की टीमें तैयार रखी गई हैं और जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं। सेना, नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षक बल की बचाव टीमें जहाजों और विमानों के साथ तैयार हैं। तटरक्षक बल ने अब तक 900 से अधिक जहाजों को सुरक्षित तट या बंदरगाह तक पहुँचाया है।

आपको क्या करना चाहिए

मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर के बीच दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है। जो लोग पहले से समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत तट पर लौटना चाहिए। पूर्वी UP और बिहार के लोग मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखें।

सवाल-जवाब

चक्रवात अर्नब कहाँ टकराएगा?

28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तट पर। यह 'बहुत भीषण चक्रवाती तूफान' के रूप में आ सकता है।

क्या उत्तर प्रदेश और बिहार पर इसका असर होगा?

हाँ, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बारिश की संभावना बताई गई है। कैबिनेट सचिव ने गृह मंत्रालय और IMD को इन क्षेत्रों को सतर्क करने का निर्देश दिया है।

मछुआरों के लिए क्या सलाह है?

मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर के बीच दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है। जो समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत तट पर लौटने को कहा गया है।

राहत और बचाव के लिए क्या तैयारी है?

NDRF और SDRF की टीमें तैयार रखी गई हैं, जिला नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए गए हैं, और सेना, नौसेना, वायुसेना व तटरक्षक बल की टीमें जहाजों-विमानों के साथ तैयार हैं।

स्रोत: PIB, "कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने बंगाल की खाड़ी में आने वाले चक्रवात से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक की अध्यक्षता की", 26 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें

यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ