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MSDE ने 19 संस्थानों को बनाया स्किल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 2029 तक मान्य

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने 2 नवंबर 2026 को 19 संस्थानों को कौशल उत्कृष्टता केंद्र (CoE-Skills) के रूप में मान्यता दी। यह मान्यता 9 अक्टूबर 2026 से 8 अक्टूबर 2029 तक लागू रहेगी और इन केंद्रों का इस्तेमाल सरकारी, राज्य और उद्योग की कौशल योजनाओं में किया जा सकेगा।

सांकेतिक तस्वीर · Pixabay (StockSnap)
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आपके लिए इसका मतलब

आम लोगों को इस फ़ैसले से सीधे कोई फ़ॉर्म नहीं भरना है और न ही कोई आवेदन करना है। इसका असर उन संस्थानों पर है जो अब मान्यता प्राप्त केंद्र बन गए हैं। अगर आप किसी कोर्स या ट्रेनिंग में दाख़िला लेने की सोच रहे हैं तो आगे चलकर इन केंद्रों के ज़रिए चलने वाले प्रशिक्षण की जानकारी संबंधित संस्थान से लेनी होगी।

मुख्य बातें

  • 19 संस्थानों को कौशल उत्कृष्टता केंद्र (CoE-Skills) की मान्यता दी गई
  • मान्यता 9 अक्टूबर 2026 से 8 अक्टूबर 2029 तक वैध है
  • प्रमाण-पत्र 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के कौशल भवन में दिए गए
  • पैनलबद्धीकरण ग्रीन चैनल के ज़रिए हुआ, जिसमें आवेदन सीधे कार्यकारी समिति के सामने रखे जाते हैं
  • दिशा-निर्देश 15 जुलाई 2026 को विश्व युवा कौशल दिवस पर जारी किए गए थे
  • सूची में लखनऊ (CIPET: IPT) और भोपाल (संत शिरोमणि रविदास वैश्विक कौशल पार्क) के संस्थान भी शामिल हैं

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने 19 संस्थानों को कौशल उत्कृष्टता केंद्र (CoE-Skills) के रूप में मान्यता दी है। मंत्रालय की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के कौशल भवन में एक समारोह में इन संस्थानों को मान्यता प्रमाण-पत्र दिए।

क्या बदला है

इन संस्थानों को कौशल उत्कृष्टता केंद्रों और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों के पैनलबद्धीकरण संबंधी दिशा-निर्देशों के तहत ग्रीन चैनल के ज़रिए पैनलबद्ध किया गया है। ग्रीन चैनल उन पात्र संस्थानों के लिए तेज़ रास्ता है जिनकी पहले से अच्छी पहचान है — जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान, PM-सेतु के तहत उन्नत ITI, और केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों या राज्य सरकारों द्वारा संचालित या पैनलबद्ध केंद्र। इस व्यवस्था में संस्थान ज़रूरी जानकारी देते हैं और उनके आवेदन बिना नामांकन या नियमित मूल्यांकन के सीधे कार्यकारी समिति के सामने रखे जाते हैं।

ये दिशा-निर्देश 15 जुलाई 2026 को विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर कौशल भवन में जारी किए गए थे। इनका मकसद आधुनिक अवसंरचना, तकनीक और उद्योग के साथ मज़बूत साझेदारी वाले प्रशिक्षण संस्थानों के ज़रिए कौशल विकास को मज़बूत करना है।

किसे फ़ायदा होगा

कौशल उत्कृष्टता केंद्र एक स्थायी, उन्नत और क्षेत्र-विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र है, जो उद्योग की ज़रूरत के मुताबिक उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण दे सकता है। ऐसे केंद्र उन्नत और तकनीक-आधारित प्रशिक्षण, मूल्यांकन, मार्गदर्शन और करिअर परामर्श, प्रशिक्षकों और मूल्यांकन-कर्ताओं का प्रशिक्षण, उद्योग से जुड़ाव तथा प्रशिक्षण के बाद नतीजों की निगरानी जैसे काम कर सकते हैं।

मंत्रालय के अनुसार पैनलबद्ध केंद्रों का इस्तेमाल MSDE, दूसरे केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें, उद्योग, CSR पहलें और अन्य हितधारक अपनी कौशल विकास योजनाओं के लिए कर सकते हैं, जो लागू कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के अधीन होगा।

कौन-कौन से संस्थान शामिल हैं

सूची में अलग-अलग क्षेत्रों के संस्थान हैं। नवीकरणीय ऊर्जा में IIT रुड़की का जलविद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान गुरुग्राम, राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान चेन्नई और कायथार, तथा सरदार स्वर्ण सिंह राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा संस्थान कपूरथला शामिल हैं। रसायन एवं पेट्रोरसायन में पाँच CIPET संस्थान हैं, जिनमें लखनऊ (उत्तर प्रदेश) का भी एक है।

बहु-क्षेत्रीय श्रेणी में भोपाल (मध्य प्रदेश) का संत शिरोमणि रविदास वैश्विक कौशल पार्क, भुवनेश्वर का विश्व कौशल केंद्र और पुणे का उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा निर्माण, लौह एवं इस्पात, समुद्री इंजीनियरिंग, पर्यटन एवं आतिथेय और कृषि क्षेत्र के संस्थानों को भी मान्यता मिली है।

आगे क्या

यह मान्यता 9 अक्टूबर 2026 से 8 अक्टूबर 2029 तक वैध है। मंत्रालय का कहना है कि इससे देशभर में भरोसेमंद और उद्योग की ज़रूरत के मुताबिक कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा। विज्ञप्ति में छात्रों के लिए कोई अलग आवेदन प्रक्रिया या तारीख़ नहीं बताई गई है; दाख़िले से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित संस्थान से संपर्क करना होगा।

सवाल-जवाब

कौशल उत्कृष्टता केंद्र (CoE-Skills) क्या है?

यह एक स्थायी, उन्नत और क्षेत्र-विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र है जो उद्योग की ज़रूरत के मुताबिक कौशल प्रशिक्षण देता है। ऐसे केंद्र प्रशिक्षण, मूल्यांकन, करिअर परामर्श और प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण जैसे काम कर सकते हैं।

किन संस्थानों को मान्यता मिली है?

सूची में नवीकरणीय ऊर्जा, रसायन एवं पेट्रोरसायन, निर्माण, लौह एवं इस्पात, समुद्री इंजीनियरिंग, पर्यटन एवं आतिथेय, कृषि और बहु-क्षेत्रीय श्रेणी के कुल 19 संस्थान हैं। इनमें IIT रुड़की, राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान गुरुग्राम, CIPET लखनऊ और भोपाल का संत शिरोमणि रविदास वैश्विक कौशल पार्क जैसे नाम शामिल हैं।

यह मान्यता कब तक मान्य है?

यह मान्यता 9 अक्टूबर 2026 से 8 अक्टूबर 2029 तक वैध है। प्रमाण-पत्र 2 नवंबर 2026 को दिए गए।

क्या छात्रों को इसके लिए कोई आवेदन करना है?

नहीं, यह मान्यता संस्थानों को दी गई है, छात्रों को नहीं। प्रेस विज्ञप्ति में छात्रों के लिए कोई आवेदन या पंजीकरण की प्रक्रिया नहीं बताई गई है।

ग्रीन चैनल क्या है?

यह उन पात्र संस्थानों के लिए तेज़ रास्ता है जिनकी पहले से अच्छी पहचान है, जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान, PM-सेतु के तहत उन्नत ITI और सरकार द्वारा संचालित या पैनलबद्ध केंद्र। इसमें संस्थान जानकारी देते हैं और आवेदन बिना नामांकन या नियमित मूल्यांकन के सीधे कार्यकारी समिति के सामने रखे जाते हैं।

स्रोत: PIB, "एमएसडीई ने 19 संस्थानों को कौशल उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में पैनलबद्ध किया", 2 नवंबर 2026. मूल सूचना देखें

यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं। गलती बताएँ