NSS ने गांवों में मनाया 'ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवस', 80,000 से ज़्यादा लोग जुड़े
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तहत NSS ने 24 अक्टूबर 2026 को 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 100 सप्ताह संकल्प अभियान' के छठे सप्ताह में 'ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवस' आयोजित किया। इसका असर गांवों के युवाओं, ग्राम पंचायत सदस्यों और स्थानीय लोगों पर पड़ा, जिन्होंने खेल और सफ़ाई जैसे कामों में हिस्सा लिया।
आपके लिए इसका मतलब
यह अभियान स्कूल-कॉलेज के NSS स्वयंसेवकों और उनके गोद लिए गांवों के लोगों से जुड़ा है। अगर आपका गांव किसी संस्थान द्वारा गोद लिया गया है, तो आगे भी ऐसे खेल और सफ़ाई कार्यक्रम आ सकते हैं। इस खबर में आम लोगों के लिए कोई आवेदन, फॉर्म या तारीख नहीं बताई गई है, इसलिए कुछ करने की ज़रूरत नहीं है।
मुख्य बातें
- अभियान का यह छठा सप्ताह था, जो 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 100 सप्ताह संकल्प अभियान' का हिस्सा है।
- कार्यक्रम 160 से ज़्यादा संस्थानों और उनके गोद लिए गांवों में चलाया गया।
- कुल 80,000 से ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
- कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी और कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों में 21,500 से ज़्यादा लोग शामिल हुए।
- सफ़ाई और पौधरोपण जैसे ग्राम सेवा कामों में 19,800 से ज़्यादा लोग जुड़े।
- खेल और सेवा गतिविधियों में 29,500 से ज़्यादा युवा महिलाओं ने भाग लिया।
क्या हुआ
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तहत काम करने वाली ‘एमवाई भारत’ राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) ने ‘ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवस’ आयोजित किया। यह कार्यक्रम ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 100 सप्ताह संकल्प अभियान’ के छठे सप्ताह का हिस्सा था। इसका मकसद अभियान को स्कूल-कॉलेजों से आगे बढ़ाकर गांवों के लोगों तक पहुंचाना बताया गया है।
कहां और कितने लोग जुड़े
यह पहल NSS निदेशालय और 15 NSS क्षेत्रीय निदेशालयों ने चलाई। इसे 160 से ज़्यादा संस्थानों और उनके गोद लिए गांवों में आयोजित किया गया। विज्ञप्ति के मुताबिक इसमें युवाओं, ग्राम पंचायत सदस्यों, ग्रामीण बुजुर्गों और स्थानीय लोगों समेत 80,000 से ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
क्या-क्या गतिविधियां हुईं
NSS इकाइयों ने कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी और कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों के स्थानीय टूर्नामेंट कराए। इनमें 21,500 से ज़्यादा लोग शामिल हुए।
ग्राम सेवा के तहत स्वयंसेवकों और ग्राम पंचायतों ने मिलकर गांव की गलियों की सफ़ाई, सार्वजनिक कुओं और हैंडपंपों के आसपास सफ़ाई और पौधरोपण किया। इन कामों में 19,800 से ज़्यादा लोग जुड़े।
इसके अलावा स्वस्थ जीवनशैली पर जागरूकता कार्यक्रम और युवाओं के नेतृत्व में संवाद हुए, जिनमें 18,600 से ज़्यादा लोग शामिल हुए। खेल और सेवा गतिविधियों में 29,500 से ज़्यादा युवा महिलाओं की भागीदारी भी दर्ज की गई।
सोशल मीडिया पर भी पहुंच
अभियान को ज़्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए युवाओं ने #NashaMuktYuva हैशटैग के साथ 4,000 से ज़्यादा सोशल मीडिया पोस्ट बनाए।
इसका मतलब क्या है
विज्ञप्ति के अनुसार इस सप्ताह की गतिविधियां दूसरे माह के विषय ‘स्वस्थ युवा, नशामुक्त युवा (शक्ति एवं सेवा)’ के तहत हुईं। इनसे स्कूल-कॉलेजों और गांवों के बीच जुड़ाव मज़बूत हुआ। आम लोगों के लिए इसमें कोई आवेदन, फॉर्म या तारीख नहीं बताई गई है।
सवाल-जवाब
ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवस क्या है?
यह NSS के नशा मुक्त युवा अभियान के छठे सप्ताह का कार्यक्रम था। इसमें गांवों में पारंपरिक खेल, सफ़ाई और जागरूकता गतिविधियां की गईं।
इस कार्यक्रम में कितने लोगों ने हिस्सा लिया?
80,000 से ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें युवा, ग्राम पंचायत सदस्य, ग्रामीण बुजुर्ग और स्थानीय लोग शामिल थे।
कौन-कौन से पारंपरिक खेल खेले गए?
कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी और कुश्ती जैसे स्थानीय खेल खेले गए। इन खेलों में 21,500 से ज़्यादा लोगों ने भाग लिया।
क्या आम लोगों को इसके लिए कुछ करना है?
नहीं, विज्ञप्ति में आम लोगों के लिए कोई आवेदन या तारीख नहीं दी गई है। यह NSS स्वयंसेवकों और गोद लिए गांवों के बीच चला कार्यक्रम है।
यह अभियान किस मंत्रालय के तहत चल रहा है?
यह युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तहत NSS का अभियान है। इसे NSS निदेशालय और 15 क्षेत्रीय निदेशालय चला रहे हैं।
स्रोत: PIB, "मेरा भारत-एनएसएस नशा मुक्त युवा अभियान के छठे सप्ताह में देशभर के गांवों में 'ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवस' मना रहा है", 24 अक्टूबर 2026. मूल सूचना देखें
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