# SEBI: म्यूचुअल फंड स्कीम के लिए net settlement की अनुमति, 1 अप्रैल 2027 से लागू

URL: https://kasba.co.in/story/sebi-allows-net-settlement-of-funds-for-mutual-fund-schemes
Language: hi · Section: Money · Published: 2026-11-05
Source: SEBI, "Framework for net settlement of funds for transactions undertaken by mutual fund schemes in cash market", 2026-11-05, https://www.sebi.gov.in/legal/circulars/nov-2026/framework-for-net-settlement-of-funds-for-transactions-undertaken-by-mutual-fund-schemes-in-cash-market_105616.html

SEBI ने 5 नवंबर 2026 की सर्कुलर में म्यूचुअल फंड स्कीम के cash market के outright लेन-देन में funds के net settlement की अनुमति दी है। यह सुविधा 1 अप्रैल 2027 से लागू होगी और इसका असर सीधे आम निवेशक पर नहीं, बल्कि AMC और custodian के काम करने के तरीके पर पड़ेगा।

## आपके लिए इसका मतलब

आम निवेशक को कुछ करने की ज़रूरत नहीं है। यह बदलाव म्यूचुअल फंड कंपनियों (AMC) और custodian के settlement के तरीके से जुड़ा है, जिससे स्कीम की थोड़ी देर के लिए पैसे की ज़रूरत कम हो सकती है। आपकी स्कीम की accounting, NAV और निवेश की सीमाएँ पहले की तरह अलग-अलग ही रहेंगी।

## मुख्य बातें

- सर्कुलर की तारीख: 5 नवंबर 2026
- लागू होने की तारीख: 1 अप्रैल 2027
- netting सिर्फ़ एक ही स्कीम और एक ही settlement cycle के अंदर
- दो स्कीम के बीच या स्कीम के अंदर खरीद-बिक्री दोनों हों तो netting नहीं
- securities का settlement पहले की तरह gross basis पर
- STT और stamp duty delivery basis पर जारी रहेंगे

## क्या हुआ है

SEBI ने 5 नवंबर 2026 को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें म्यूचुअल फंड स्कीम के cash market के outright लेन-देन में funds के net settlement की अनुमति दी गई है। यह सुविधा 1 अप्रैल 2027 से लागू होगी।

अभी के नियम में institutional investor day trading नहीं कर सकते और उनके लेन-देन delivery-backed होकर custodian या client level पर gross basis पर settle होते हैं। नए फ़ैसले से सिर्फ़ funds के settlement का तरीका बदलेगा, securities का नहीं।

## क्या बदला है

अब एक ही म्यूचुअल फंड स्कीम और एक ही settlement cycle के outright लेन-देन में खरीद और बिक्री के पैसे आपस में जोड़े जा सकेंगे। outright का मतलब है किसी security में या तो सिर्फ़ खरीद या सिर्फ़ बिक्री।

अगर एक ही security में एक ही settlement cycle में खरीद और बिक्री दोनों हों, तो वह netting के दायरे से बाहर रहेगा और उसका भुगतान अलग से gross basis पर होगा। derivative, securities lending और borrowing तथा short sale जैसे लेन-देन पर यह ढाँचा लागू नहीं होगा।

## किसे फ़ायदा होगा

SEBI ने इसका मक़सद operational efficiency बढ़ाना, थोड़ी देर के लिए पैसे की ज़रूरत कम करना और म्यूचुअल फंड स्कीम के settlement को बेहतर बनाना बताया है। सर्कुलर के मुताबिक़ netting से स्कीम की funding की ज़रूरत उतनी ही कम होती है, जितनी netting की अनुमति है।

## किन बातों का ध्यान रखना होगा

netting सिर्फ़ एक ही स्कीम के अंदर होगा। एक ही म्यूचुअल फंड की अलग-अलग स्कीम के बीच या दो स्कीम के बीच कोई adjustment नहीं होगा। AMC और custodian को यह सुनिश्चित करना होगा कि इससे स्कीम की accounting, NAV, asset allocation, निवेश की सीमाएँ या unit-holder के हित पर असर न पड़े।

अगर outright बिक्री की रकम खरीद से कम है, तो बाकी रकम स्कीम खुद देगी। अगर बिक्री की रकम खरीद से ज़्यादा है, तो वह अतिरिक्त रकम non-outright खरीद के भुगतान में नहीं जोड़ी जाएगी। securities का settlement custodian के साथ gross basis पर ही होगा और STT तथा stamp duty delivery basis पर पहले की तरह लगेंगे।

## आगे क्या होगा

AMFI, clearing corporations, stock exchanges और custodians के साथ मिलकर इस ढाँचे के implementation standards तैयार करेगा। इनमें file formats, settlement की timelines, reconciliation, audit trail और रद्द या अपुष्ट trades को संभालने का तरीका तय होगा।

AMC और custodian को मिलकर लागू होने से पहले system readiness की पुष्टि करनी होगी। trustees इस ढाँचे के लागू होने की समीक्षा करेंगे और देखेंगे कि यह unit-holder के हित में है। ज़्यादा जानकारी SEBI की वेबसाइट www.sebi.gov.in के Legal — Circulars हिस्से में उपलब्ध है।

## सवाल-जवाब

**SEBI का यह net settlement कब से लागू होगा?**
1 अप्रैल 2027 से। सर्कुलर में यह तारीख साफ़ लिखी है।

**क्या इससे म्यूचुअल फंड के निवेशकों को कुछ करना है?**
नहीं। यह नियम AMC, custodian, clearing corporation और stock exchange के काम से जुड़ा है, निवेशकों को कोई फ़ॉर्म या आवेदन नहीं करना है।

**net settlement किन लेन-देन पर लागू होगा?**
सिर्फ़ outright लेन-देन पर, यानी एक ही settlement cycle में किसी security की या तो सिर्फ़ खरीद या सिर्फ़ बिक्री। अगर एक ही security में खरीद और बिक्री दोनों हों तो वह netting के लिए नहीं माना जाएगा।

**क्या दो अलग स्कीम के लेन-देन आपस में जोड़े जा सकेंगे?**
नहीं। सर्कुलर के मुताबिक़ netting सिर्फ़ एक ही स्कीम के अंदर और एक ही settlement cycle में होगा। दो स्कीम के बीच कोई adjustment या funding नहीं होगी।

**securities का settlement कैसे होगा?**
पहले की तरह gross basis पर। सर्कुलर कहता है कि netting से institutional trades का delivery-backed होना नहीं बदलेगा।

कस्बा डेस्क, Kasba. यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं।
