# National Overseas Scholarship: अनुसूचित जाति के छात्र ने अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी से MSc किया

URL: https://kasba.co.in/story/national-overseas-scholarship-sc-student-completes-msc-at-us
Language: hi · Section: Schemes · Published: 2026-10-28
Source: PIB, "वित्तीय बाधाओं से वैश्विक नवाचार तक : महत्वाकांक्षा और अवसर की एक यात्रा", 2026-10-28, https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2329683

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 28 अक्टूबर 2026 को बताया कि राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति (National Overseas Scholarship) की मदद से एक अनुसूचित जाति के छात्र ने अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री पूरी की। यह योजना अनुसूचित जातियों और अन्य निर्दिष्ट श्रेणियों के पात्र छात्रों को विदेश में पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद करती है।

## आपके लिए इसका मतलब

अगर आप अनुसूचित जाति या किसी अन्य निर्दिष्ट श्रेणी से हैं और विदेश में उच्च शिक्षा की सोच रहे हैं, तो यह योजना आपके काम की है। इसमें ट्यूशन फीस, रहन-सहन भत्ता, वीजा शुल्क, चिकित्सा बीमा और यात्रा खर्च शामिल हैं। पात्रता और आवेदन की जानकारी योजना के दिशानिर्देशों में देखनी चाहिए।

## मुख्य बातें

- योजना का नाम: राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति (National Overseas Scholarship)
- लाभार्थी ने अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस किया
- वित्तीय वर्ष 2023-24 में 89,816 अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि दी गई
- सहायता की स्वीकृति 26 जून 2023 को मिली थी
- सहायता में ट्यूशन फीस, रहन-सहन भत्ता, वीजा शुल्क, चिकित्सा बीमा और यात्रा खर्च शामिल थे
- योजना अनुसूचित जातियों और अन्य निर्दिष्ट श्रेणियों के पात्र छात्रों के लिए है

## क्या हुआ है

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 28 अक्टूबर 2026 को एक विज्ञप्ति जारी की। इसमें बताया गया कि राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति (National Overseas Scholarship) योजना की मदद से एक अनुसूचित जाति के छात्र ने अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की। विज्ञप्ति में छात्र का नाम आरव पटेल (बदला हुआ नाम) बताया गया है।

## योजना से क्या मदद मिली

विज्ञप्ति के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में 89,816 अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि दी गई थी। इसकी स्वीकृति 26 जून 2023 को मिली थी। इस सहायता में ट्यूशन फीस, रहन-सहन भत्ता (मेंटेनेंस अलाउंस), वीजा शुल्क, चिकित्सा बीमा और यात्रा व्यय शामिल थे।

विज्ञप्ति कहती है कि विदेशी शिक्षा की भारी लागत उनके सामने सबसे बड़ी बाधा थी। योजना की सहायता से वे ब्राउन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर सके और अपने पेशे से जुड़ा ज्ञान, कौशल और प्रमाण-पत्र हासिल कर सके।

## योजना किसके लिए है

विज्ञप्ति के मुताबिक यह योजना अनुसूचित जातियों और अन्य निर्दिष्ट श्रेणियों के पात्र छात्रों के लिए है। इसका मकसद ऐसे छात्रों को विदेश के अच्छे शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने में मदद करना है। योजना विदेशी पढ़ाई से जुड़ी ट्यूशन और दूसरे ज़रूरी खर्चों में सहायता देती है।

पात्रता की पूरी शर्तें विज्ञप्ति में नहीं दी गई हैं; ये योजना के दिशानिर्देशों में बताई गई हैं।

## आगे क्या

विज्ञप्ति में आवेदन की तारीख, तरीका या अगली किस्त जैसी कोई जानकारी नहीं दी गई है। जो छात्र इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें योजना के दिशानिर्देश देखने चाहिए और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से जुड़ी जानकारी पर नज़र रखनी चाहिए।

## सवाल-जवाब

**National Overseas Scholarship क्या है?**
यह भारत सरकार की एक छात्रवृत्ति योजना है जो अनुसूचित जातियों और अन्य निर्दिष्ट श्रेणियों के पात्र छात्रों को विदेश में पढ़ाई के खर्च में मदद करती है। इसमें ट्यूशन फीस, रहन-सहन भत्ता, वीजा शुल्क, चिकित्सा बीमा और यात्रा खर्च शामिल हैं।

**इस योजना में कितनी राशि मिलती है?**
राशि हर मामले में अलग होती है; विज्ञप्ति में एक लाभार्थी को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 89,816 अमेरिकी डॉलर दिए जाने का ज़िक्र है। राशि की स्वीकृति 26 जून 2023 को मिली थी।

**क्या मैं इस योजना के लिए आवेदन कर सकता हूं?**
यह योजना अनुसूचित जातियों और अन्य निर्दिष्ट श्रेणियों के पात्र छात्रों के लिए है। पात्रता की पूरी शर्तें योजना के दिशानिर्देशों में दी गई हैं, इसलिए आवेदन से पहले उन्हें देखें।

**इस योजना से क्या-क्या खर्च कवर होते हैं?**
विज्ञप्ति के अनुसार सहायता में ट्यूशन फीस, रहन-सहन भत्ता, वीजा शुल्क, चिकित्सा बीमा और यात्रा व्यय शामिल हैं।

**इस योजना की जानकारी कहां मिलेगी?**
योजना के दिशानिर्देशों में इसकी शर्तें और जानकारी दी गई है। विज्ञप्ति सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने जारी की है।

कस्बा डेस्क, Kasba. यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं।
