# MP में SC-BPL कौशल प्रशिक्षण: मंत्रालय ने प्लेसमेंट पर करोड़ों भुगतान के दावे को बताया गलत

URL: https://kasba.co.in/story/mp-sc-bpl-skill-training-ministry-calls-report-of-crore-rupe
Language: hi · Section: Jobs & Exams · Published: 2026-11-02
Places: मध्य प्रदेश
Source: PIB, "सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 31 अक्टूबर, 2026 को सेंट्रल क्रॉनिकल (भोपाल) में प्रकाशित एक रिपोर्ट में किए गए दावे के संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट जारी की", 2026-11-01, https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2331226

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 1 नवंबर, 2026 को एक तथ्यात्मक रिपोर्ट जारी कर 31 अक्टूबर, 2026 की सेंट्रल क्रॉनिकल (भोपाल) की रिपोर्ट के दावे को गलत बताया। रिपोर्ट में कहा गया था कि MAPCET ने प्लेसमेंट आंकड़ों के सत्यापन के बिना करोड़ों रुपये का भुगतान किया; मंत्रालय का कहना है कि प्लेसमेंट से जुड़ी तीसरी किस्त किसी संस्थान को नहीं दी गई।

## आपके लिए इसका मतलब

यह खबर मध्य प्रदेश में SC-BPL परिवारों के जिन युवाओं ने 2021-22 में MAPCET के कौशल प्रशिक्षण में दाखिला लिया था, उनसे जुड़ी है। आम लोगों को कोई फ़ॉर्म भरना या पैसा देना नहीं है। प्रशिक्षुओं को यह जानना ज़रूरी है कि प्रशिक्षण पूरा होने और नौकरी मिलने पर ही संस्थान को तीसरी किस्त मिलेगी, इसलिए प्लेसमेंट की जानकारी पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए।

## मुख्य बातें

- SC उप-योजना के लिए विशेष केंद्रीय सहायता मद के तहत कौशल प्रशिक्षण के लिए 3,241.37 लाख रुपये स्वीकृत हुए।
- 2021-22 में MAPCET को कुल 2,945.37 लाख रुपये दिए गए — 1,296.00 लाख (26 नवंबर, 2021 का आदेश) और 1,649.37 लाख (25 मार्च, 2022 का आदेश)।
- 34 प्रशिक्षण प्रदाता संगठनों से अनुबंध हुआ, जिनमें 6 ने काम शुरू नहीं किया; 28 संस्थानों ने 4,952 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया।
- भुगतान तीन किस्तों में: पहली 30% प्रशिक्षण शुरू होने पर, दूसरी 40% प्रमाणन पूरा होने पर, तीसरी 30% 70% सत्यापित रोजगार के लक्ष्य पर।
- मूल्यांकन NCVET द्वारा नामित संस्थाओं से होता है; इसमें शामिल होने के लिए कम से कम 70% उपस्थिति ज़रूरी है।
- तीसरी किस्त का कोई भुगतान नहीं हुआ, क्योंकि किसी संस्थान के लिए पोर्टल पर भुगतान दावा तैयार नहीं हुआ।

## क्या हुआ है

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 1 नवंबर, 2026 को एक तथ्यात्मक रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट 31 अक्टूबर, 2026 को सेंट्रल क्रॉनिकल (भोपाल) में छपी एक खबर के दावे पर है। उस खबर में कहा गया था कि मध्य प्रदेश रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद (MAPCET) ने प्लेसमेंट संबंधी आंकड़ों का सत्यापन किए बिना प्लेसमेंट के आधार पर करोड़ों रुपये का भुगतान किया। मंत्रालय ने इस दावे को पूरी तरह गलत और निराधार बताया है।

## पैसा कहां से और कितना आया

रिपोर्ट के अनुसार अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त कार्यालय ने "अनुसूचित जाति उप-योजना के लिए विशेष केंद्रीय सहायता" मद के तहत कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए 3,241.37 लाख रुपये स्वीकृत किए। इसमें से 2021-22 के दौरान MAPCET को कुल 2,945.37 लाख रुपये दिए गए। इसमें 1,296.00 लाख रुपये 26 नवंबर, 2021 के आदेश से और 1,649.37 लाख रुपये 25 मार्च, 2022 के आदेश से शामिल थे।

## किसे प्रशिक्षण मिला

MAPCET ने 2021-22 के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवारों के लाभार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रस्ताव के लिए अनुरोध (RFP) जारी किया। चयन के बाद 34 प्रशिक्षण प्रदाता संगठनों से अनुबंध हुए और उन्हें कार्यादेश दिए गए। इनमें से छह संगठनों ने काम शुरू नहीं किया। बाकी 28 संस्थानों ने 4,952 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया।

## भुगतान का नियम क्या है

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की 4 दिसंबर, 2020 की अधिसूचना संख्या 349 के अनुसार बैच के आधार पर प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षण प्रदाताओं को तीन किस्तों में भुगतान होता है। पहली किस्त 30 प्रतिशत प्रशिक्षण शुरू होने पर, दूसरी 40 प्रतिशत प्रमाणन पूरा होने पर और तीसरी 30 प्रतिशत 70 प्रतिशत सत्यापित रोजगार का लक्ष्य पूरा होने पर मिलती है। तीसरी किस्त के लिए तीन महीने का लगातार रोजगार, डेस्क सत्यापन और प्लेसमेंट सत्यापन ज़रूरी है।

## तीसरी किस्त का भुगतान क्यों नहीं हुआ

रिपोर्ट कहती है कि पहली किस्त प्रशिक्षुओं के भौतिक सत्यापन के बाद बैच शुरू होने पर और दूसरी किस्त प्रशिक्षण पूरा होने व मूल्यांकन के बाद दी गई। मूल्यांकन NCVET द्वारा नामित संस्थाओं से होता है और इसके लिए कम से कम 70 प्रतिशत उपस्थिति ज़रूरी है। संस्थानों ने प्लेसमेंट की जानकारी हार्ड कॉपी में दी, जो ऑफर लेटर पर आधारित है; यह तीसरी किस्त का आधार नहीं बनती। तीसरी किस्त के लिए पोर्टल पर प्लेसमेंट विवरण अपलोड करना ज़रूरी है, और किसी संस्थान के लिए ऐसा भुगतान दावा तैयार नहीं हुआ, इसलिए तीसरी किस्त का भुगतान नहीं किया गया।

## आगे क्या

रिपोर्ट के अनुसार प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अभ्यर्थियों को रोजगार मिलने पर तीसरी किस्त दी जाएगी। फिलहाल संगठन अभ्यर्थियों को प्लेसमेंट दिलाने की प्रक्रिया में सहायता कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

**MAPCET क्या है?**
मध्य प्रदेश रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद (MAPCET) मध्य प्रदेश की परिषद है जो कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाती है। इस मामले में इसने 2021-22 में SC वर्ग के BPL परिवारों के लाभार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षण प्रदाता संगठनों से अनुबंध किए।

**क्या MAPCET ने प्लेसमेंट के आधार पर करोड़ों रुपये का भुगतान किया?**
नहीं। मंत्रालय की तथ्यात्मक रिपोर्ट के अनुसार प्लेसमेंट से जुड़ी तीसरी किस्त किसी भी संस्थान को नहीं दी गई। संस्थानों को सिर्फ पहली और दूसरी किस्त मिली, जिनका प्लेसमेंट से कोई संबंध नहीं है।

**तीसरी किस्त कब मिलेगी?**
रिपोर्ट के अनुसार तीसरी किस्त तब दी जाएगी जब प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अभ्यर्थियों को रोजगार मिलेगा। इसके लिए संस्थानों को पोर्टल पर प्लेसमेंट का विवरण अपलोड करना होगा, जिसके बाद ही भुगतान दावा बनेगा।

**प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए कितनी उपस्थिति ज़रूरी है?**
मूल्यांकन के लिए पात्र होने हेतु प्रशिक्षु की प्रशिक्षण में कम से कम 70 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। मूल्यांकन NCVET द्वारा नामित संस्थाओं के माध्यम से होता है।

**कितने प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण मिला?**
MAPCET द्वारा कार्यादेश जारी होने के बाद 28 संस्थानों ने 4,952 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया। कुल 34 संगठनों से अनुबंध हुआ था, जिनमें 6 ने काम शुरू नहीं किया।

कस्बा डेस्क, Kasba. यह ख़बर आधिकारिक सूचना से AI की मदद से लिखी गई और प्रकाशन से पहले संपादक ने जाँची।
