# दिल्ली-एनसीआर की हवा: केंद्र ने UP से पुराने ट्रक-बस हटाने और 'नो PUC, नो फ्यूल' पर तेज़ी लाने को कहा

URL: https://kasba.co.in/story/delhi-ncr-air-centre-asks-up-to-speed-up-old-truck-bus-repla
Language: hi · Section: Health · Published: 2026-10-24
Places: उत्तर प्रदेश, ग़ाज़ियाबाद, मेरठ, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुज़फ़्फ़रनगर, शामली
Source: PIB, "सचिव (एमओईएफसीसी) ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार के कार्य योजना की समीक्षा की", 2026-10-23, https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2327700

पर्यावरण मंत्रालय के सचिव नरेंद्र भूषण ने 23 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण और सर्दियों की तैयारियों पर उत्तर प्रदेश सरकार की कार्य योजना की समीक्षा की। इसका असर NCR के UP वाले जिलों के लोगों, पुराने ट्रक-बस मालिकों, निर्माण कार्यों और उद्योगों पर पड़ेगा।

## आपके लिए इसका मतलब

अगर आप गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुज़फ़्फ़रनगर या शामली में रहते हैं, तो यह बैठक आपकी हवा की गुणवत्ता से जुड़ी है। पुराने ट्रक या बस के मालिक होने पर परिवर्तन योजना और NOC की बात आप पर लागू हो सकती है। आम नागरिक के तौर पर आपको कुछ करने की ज़रूरत नहीं, लेकिन PUC और प्रदूषण नियमों का पालन ज़रूरी रहेगा।

## मुख्य बातें

- बैठक 23 अक्टूबर 2026 को हुई, अध्यक्षता पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव नरेंद्र भूषण ने की।
- उत्तर प्रदेश सरकार ने वायु गुणवत्ता सुधार के लिए अब तक किए 11 प्रमुख कदमों की जानकारी दी।
- सचिव ने पुराने ट्रक और बस बदलने की परिवर्तन योजना का लाभ जल्दी लागू करने के लिए ट्रक-बस संघों से जुड़ने को कहा।
- परिवहन विभाग को पुराने वाहनों को NCR से बाहर भेजने के लिए NOC जारी करने में सक्रिय भूमिका निभाने का सुझाव दिया गया।
- सभी ईंधन स्टेशनों पर 'नो PUC, नो फ्यूल' लागू करने के लिए ANPR कैमरे जल्दी लगाने का आग्रह किया गया।
- बैठक में गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुज़फ़्फ़रनगर और शामली के जिला अधिकारी और नगर आयुक्त शामिल हुए।

## क्या हुआ

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने 23 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने और सर्दियों की तैयारियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार तथा शहरी निकायों की कार्य योजनाओं की समीक्षा की। यह एक समीक्षा बैठक थी, जिसमें आगे की दिशा तय करने के सुझाव दिए गए।

## उत्तर प्रदेश ने क्या बताया

राज्य सरकार ने बताया कि उसने अब तक 11 प्रमुख कदम उठाए हैं और वायु गुणवत्ता सुधार के लिए कई काम किए हैं। इनमें सड़क की धूल, निर्माण और विध्वंस (C&D) की गतिविधियाँ, कचरे का खुला दहन, वाहनों से होने वाला प्रदूषण, जाम, औद्योगिक प्रदूषण, हरियाली और धान की पराली प्रबंधन जैसे मुद्दे शामिल हैं। राज्य ने कहा कि कई एजेंसियों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर कई उपाय पहले ही लागू किए जा चुके हैं।

## वाहनों पर ज़ोर

सचिव ने कहा कि राज्य सरकार पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए बनी परिवर्तन योजना का लाभ जल्दी लागू कराने के लिए ट्रक और बस संघों से सक्रिय रूप से जुड़े। उन्होंने सुझाव दिया कि परिवहन विभाग पुराने वाहनों को NCR से बाहर भेजने के लिए NOC जारी करने में आसान और सक्रिय भूमिका निभाए। इसके अलावा, सभी ईंधन स्टेशनों पर 'नो PUC, नो फ्यूल' नीति लागू करने के लिए ANPR कैमरे जल्दी लगाने का आग्रह किया गया।

## निर्माण, कचरा और हरियाली

सचिव ने C&D कचरे के उत्पादन के अनुपात में उसके प्रसंस्करण की सुविधाओं की पर्याप्तता देखी। उन्होंने सुझाव दिया कि कई शहरों में चल रहे एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) निगरानी और कार्रवाई के काम से जुड़ सकते हैं, जैसे निर्माण स्थलों की दूर से निगरानी, कचरा ढोने वाले वाहनों की ट्रैकिंग, मशीन से सड़क सफाई और जाम कम करना। निर्माण स्थलों की निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डस्ट पोर्टल का इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया गया। बताया गया कि राज्य ने हरियाली के अपने लक्ष्य पहले ही पूरे कर लिए हैं, और शहरी निकायों को नगर वन योजना के तहत नमो वन विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया।

## उद्योगों की तैयारी

सचिव ने यह भी देखा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा कुछ श्रेणी के उद्योगों के लिए तय संशोधित उत्सर्जन मानकों को पूरा करने के लिए उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (APCD) लगाने की तैयारी कितनी है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उद्योग विभाग को उद्योगों और संघों के साथ बैठकें कर काम की निगरानी और रुकावटें दूर करने का सुझाव दिया गया।

## किसे फ़ायदा होगा

इस बैठक का सीधा फ़ायदा NCR के उन इलाकों के लोगों को मिल सकता है जहाँ हवा खराब रहती है। बैठक में गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुज़फ़्फ़रनगर और शामली के जिला अधिकारी और नगर आयुक्त शामिल हुए। विज्ञप्ति में आम लोगों के लिए कोई नई कार्रवाई या तारीख नहीं बताई गई है।

## सवाल-जवाब

**दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर यह बैठक कब हुई?**
23 अक्टूबर 2026 को। इसमें पर्यावरण मंत्रालय के सचिव नरेंद्र भूषण ने उत्तर प्रदेश सरकार और शहरी निकायों की कार्य योजना की समीक्षा की।

**क्या पुराने ट्रक और बस चलाने पर रोक लगी है?**
विज्ञप्ति में रोक की घोषणा नहीं है। सचिव ने राज्य से पुराने ट्रक-बस बदलने की परिवर्तन योजना का लाभ जल्दी लागू कराने और पुराने वाहनों को NCR से बाहर भेजने के लिए NOC देने में सक्रिय रहने को कहा है।

**'नो PUC, नो फ्यूल' का क्या मतलब है?**
इसका मतलब है कि बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के ईंधन न मिले। सचिव ने इस नीति को लागू करने के लिए सभी ईंधन स्टेशनों पर ANPR कैमरे जल्दी लगाने का आग्रह किया।

**इस बैठक में किन जिलों के अधिकारी शामिल हुए?**
गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, मुज़फ़्फ़रनगर और शामली के जिला अधिकारी और नगर आयुक्त शामिल हुए।

**क्या आम लोगों को कुछ करना है?**
विज्ञप्ति में आम नागरिकों के लिए कोई नई कार्रवाई नहीं बताई गई है। यह समीक्षा बैठक है, जिसमें विभागों को सुझाव दिए गए हैं।

कस्बा डेस्क, Kasba. यह ख़बर आधिकारिक सूचना से AI की मदद से लिखी गई और प्रकाशन से पहले संपादक ने जाँची।
