# AIIA-iCAINE ने आयुर्वेद AI चैलेंज शुरू किया, IIT बॉम्बे में 15-18 दिसंबर तक फिनाले

URL: https://kasba.co.in/story/aiia-icaine-launches-national-ayurveda-ai-challenge-finale-a
Language: hi · Section: Health · Published: 2026-10-29
Source: PIB, "AIIA-iCAINE के छठे स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय आयुर्वेद AI चैलेंज का शुभारंभ", 2026-10-29, https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=2330196

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) ने 29 अक्टूबर 2026 को अपने इनक्यूबेशन केंद्र AIIA-iCAINE के छठे स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय आयुर्वेद AI चैलेंज का शुभारंभ किया। यह चुनौती आयुर्वेद में AI आधारित समाधान बनाने वाले छात्रों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप से जुड़े लोगों के लिए है।

## आपके लिए इसका मतलब

आम आदमी को इससे सीधे कोई फॉर्म भरने या पैसा देने का काम नहीं है। यह उन लोगों के लिए है जो आयुर्वेद और AI पर काम करते हैं या स्टार्टअप चलाते हैं। आम मरीज़ों के लिए इसका असर आगे चलकर बेहतर आयुर्वेदिक सेवाओं के रूप में दिख सकता है।

## मुख्य बातें

- AIIA-iCAINE का छठा स्थापना दिवस 29 अक्टूबर 2026 को मनाया गया।
- राष्ट्रीय आयुर्वेद AI चैलेंज का आयोजन टेकफेस्ट, IIT बॉम्बे कर रहा है, आयुष मंत्रालय और AIIA के सहयोग से।
- चुनौती में IIT बॉम्बे के ओपन-सोर्स आयुर्वेद लार्ज लैंग्वेज मॉडल 'आयुषपरम' का उपयोग होगा।
- ग्रैंड फिनाले 15 से 18 दिसंबर 2026 तक IIT बॉम्बे में होगा।
- इनक्यूबेटर ने अब तक 52 समस्या विवरणों को सहयोग दिया और 100 से अधिक स्टार्टअप विचारों को मार्गदर्शन दिया।
- नौ स्टार्टअप को प्रत्येक ₹3 लाख की सीड फंडिंग दी गई है।

## क्या हुआ है

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली ने अपने इनक्यूबेशन केंद्र AIIA-iCAINE का छठा स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर आयुर्वेद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय नवाचार चुनौती शुरू की गई। साथ ही दो समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए, आयुर्वेद के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) सुविधा शुरू की गई और उद्यमिता व डिज़ाइन थिंकिंग पर एक कार्यशाला हुई।

## चैलेंज में क्या करना है

इस चुनौती का नाम 'आयुषटेक इनोवेट: नेशनल ओपन आयुर्वेद AI चैलेंज' है। इसे टेकफेस्ट, IIT बॉम्बे आयुष मंत्रालय और AIIA के सहयोग से आयोजित कर रहा है। इसमें IIT बॉम्बे के ओपन-सोर्स आयुर्वेद लार्ज लैंग्वेज मॉडल 'आयुषपरम' (AyurParam) का उपयोग होगा। मकसद है आयुर्वेद के लिए भरोसेमंद, पारदर्शी, सुरक्षित और व्यावहारिक AI समाधान तैयार करना।

चुनौती आयुर्वेदिक नैदानिक अभ्यास, शास्त्रीय ग्रंथों से जानकारी निकालने, अनुसंधान, उपचार योजना बनाने और जनस्वास्थ्य जागरूकता जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होगी। इसका ग्रैंड फिनाले 15 से 18 दिसंबर 2026 तक IIT बॉम्बे में होगा।

## दो समझौतों पर हस्ताक्षर

वर्ल्ड आयुर्वेद फाउंडेशन (WAF) के साथ हुए समझौते के तहत 'AI in Ay – Secretariat for Artificial Intelligence in Ayurveda' बनाया जाएगा। यह मंच आयुर्वेद में AI आधारित अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इसके तहत संयुक्त अनुसंधान, वित्तपोषण और CSR प्रस्ताव, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, हैकाथॉन और स्टार्टअप इनक्यूबेशन जैसी गतिविधियाँ होंगी।

रिलायंस रिटेल लिमिटेड (पहाड़ी लोकल) के साथ हुए समझौते का मकसद शास्त्रीय आयुर्वेदिक ज्ञान को व्यावसायिक रूप से उपयोगी त्वचा देखभाल उत्पादों में बदलना है। इसमें फॉर्मुलेशन संबंधी परामर्श दिया जाएगा, जबकि उत्पाद विकास, परीक्षण, विनिर्माण और विपणन की जिम्मेदारी रिलायंस रिटेल की होगी।

## IPR सुविधा क्यों शुरू की गई

आयुर्वेद के लिए IPR सुविधा का मकसद बौद्धिक संपदा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह आयुर्वेद के नवोन्मेषकों और उद्यमियों को यह समझने में मदद करेगी कि अपने नवाचारों को सुरक्षित रखना क्यों ज़रूरी है। इससे उत्पाद विकास और व्यावसायीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे नवाचारों को संरक्षण मिलेगा।

## अब तक की उपलब्धियाँ

AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी.के. प्रजापति ने बताया कि पिछले छह वर्षों में इनक्यूबेटर ने 52 समस्या विवरणों को सहयोग दिया और 100 से अधिक स्टार्टअप विचारों को मार्गदर्शन दिया। नौ स्टार्टअप को प्रत्येक ₹3 लाख की सीड फंडिंग दी गई, जिससे उन्हें अपने उद्यम आगे बढ़ाने में मदद मिली।

## AIIA-iCAINE क्या है

AIIA-iCAINE 29 अक्टूबर 2021 को आयुष मंत्रालय के अधिदेश के अंतर्गत स्थापित हुआ था। यह भारत का पहला सार्वजनिक क्षेत्र का आयुर्वेद बिजनेस इनक्यूबेटर है। यह मार्गदर्शन, क्षमता निर्माण, संस्थागत साझेदारी और उद्योग सहभागिता के जरिए आयुर्वेद आधारित उत्पादों, सेवाओं और उद्यमों को सहयोग देता है।

## आम लोगों के लिए क्या मतलब है

इस खबर से आम मरीज़ों को सीधे कोई फॉर्म नहीं भरना है और न ही कोई तारीख निभानी है। यह पहल शोधकर्ताओं, छात्रों, तकनीक और स्टार्टअप से जुड़े लोगों के लिए है। आम लोगों के लिए इसका असर लंबे समय में आयुर्वेदिक सेवाओं और उत्पादों के बेहतर होने के रूप में दिख सकता है।

## सवाल-जवाब

**आयुर्वेद AI चैलेंज का फिनाले कब और कहाँ होगा?**
ग्रैंड फिनाले 15 से 18 दिसंबर 2026 तक IIT बॉम्बे में होगा। इस चुनौती का आयोजन टेकफेस्ट, IIT बॉम्बे आयुष मंत्रालय और AIIA के सहयोग से कर रहा है।

**Ayurveda AI Challenge में किस मॉडल का इस्तेमाल होगा?**
इसमें IIT बॉम्बे के ओपन-सोर्स आयुर्वेद लार्ज लैंग्वेज मॉडल 'आयुषपरम' (AyurParam) का उपयोग होगा। मकसद आयुर्वेद के लिए भरोसेमंद, पारदर्शी, सुरक्षित और व्यावहारिक AI समाधान बनाना है।

**AIIA-iCAINE क्या है?**
AIIA-iCAINE भारत का पहला सार्वजनिक क्षेत्र का आयुर्वेद बिजनेस इनक्यूबेटर है। यह 29 अक्टूबर 2021 को आयुष मंत्रालय के अधिदेश के अंतर्गत स्थापित हुआ था और आयुर्वेद आधारित उत्पादों, सेवाओं और स्टार्टअप को सहयोग देता है।

**आयुर्वेद के लिए IPR सुविधा क्या है?**
यह सुविधा आयुर्वेद के नवोन्मेषकों और उद्यमियों को अपने नवाचारों की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगी। इसका मकसद बौद्धिक संपदा संरक्षण को बढ़ावा देना है।

**क्या आम मरीज़ों को इससे कोई सीधा फायदा है?**
फिलहाल आम मरीज़ों को सीधे कुछ करने की ज़रूरत नहीं है। यह पहल शोध, स्टार्टअप और उत्पाद विकास पर केंद्रित है, जिसका असर आगे आयुर्वेदिक सेवाओं पर पड़ सकता है।

कस्बा डेस्क, Kasba. यह रोज़मर्रा की सूचना आधिकारिक स्रोत से AI की मदद से लिखी गई और अपने-आप छपी; संपादक इसे छपने के बाद जाँचते हैं।
